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राहुल गांधी की पीएम मोदी नकल पर NDA का पलटवार, BJP-JDU बोले — यह प्रधानमंत्री पद का अपमान

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राहुल गांधी की पीएम मोदी नकल पर NDA का पलटवार, BJP-JDU बोले — यह प्रधानमंत्री पद का अपमान

सारांश

राहुल गांधी ने 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में पीएम मोदी की नकल उतारी — और BJP-JDU ने इसे संवैधानिक पद का अपमान बताकर तीखा पलटवार किया। सपा और सीपीआई (एम) ने राहुल का बचाव किया। यह विवाद शिक्षा और बेरोज़गारी के उस बड़े राजनीतिक संग्राम की अगली कड़ी है जो विपक्ष सरकार के खिलाफ चला रहा है।

मुख्य बातें

राहुल गांधी ने 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में पीएम मोदी की नकल उतारी, जिससे राजनीतिक विवाद छिड़ा।
BJP और JDU ने इसे प्रधानमंत्री के संवैधानिक पद का अपमान बताकर कड़ी निंदा की।
JDU एमएलसी नीरज कुमार ने कहा कि इस कृत्य की वजह से कांग्रेस राजनीतिक रूप से कमज़ोर होती जा रही है।
सपा सांसद ने राहुल का बचाव करते हुए कहा कि BJP मुद्दों को घुमाने में माहिर है।
सीपीआई (एम) के पूर्व सांसद हन्नान मोल्लाह ने शिक्षा के मुद्दे को सरकार के लिए सबसे संवेदनशील बताया।
DUSU चुनाव में ABVP की जीत और यह विवाद एक साथ राजनीतिक चर्चा में हैं।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नकल उतारे जाने के बाद राजनीतिक विवाद तेज़ हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने इस कृत्य की कड़ी निंदा की है और इसे प्रधानमंत्री के संवैधानिक पद का अपमान क़रार दिया है। यह विवाद 20 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में तब और गहरा गया जब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के कई नेता सामने आकर प्रतिक्रिया देने लगे।

JDU का तीखा हमला

JDU एमएलसी नीरज कुमार ने इस घटना को 'बहुत बुरी' बताते हुए कहा, 'यह बहुत बुरी घटना थी। देश के इतिहास में नेहरू परिवार से दो प्रधानमंत्री, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी को अपनी जान देनी पड़ी। वे आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में शहीद हुए। प्रधानमंत्री के संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति देश का प्रधानमंत्री है।'

नीरज कुमार ने आगे कहा, 'क्या स्वर्गीय माँ की नकल करना किसी भी तरह से सही है? क्या यही हमारी संस्कृति है? हम अपने पूर्वजों का सम्मान करते हैं, लेकिन यही वजह है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी राजनीतिक रूप से लगातार कमज़ोर होती जा रही है।'

BJP नेताओं की प्रतिक्रिया

मंत्री श्रवण कुमार ने कहा, 'लोग सब देखते हैं, सब समझते हैं। जनता उन्हें सबक सिखाती है।' वहीं BJP एमएलसी नवल किशोर यादव ने तंज कसते हुए कहा, 'राहुल गांधी और कुछ नहीं कर सकते। कभी-कभी इंसान का शरीर बड़ा हो जाता है, जबकि मन छोटा रह जाता है।'

विपक्ष का पक्ष — सपा और सीपीआई (एम)

समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद ने राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा कि BJP मुद्दों को घुमाने में माहिर है। उनके अनुसार, 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री की रैली के 'स्क्रिप्ट' को लेकर मंच पर मज़ाकिया तरीक़े से प्रस्तुति दी गई थी और BJP उसे घुमाकर पीएम की तरफ ले जा रही है।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के पूर्व सांसद हन्नान मोल्लाह ने कहा कि झूठे आरोप लगाना BJP का चरित्र है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी नौजवानों की तकलीफ़ समझने के लिए यह बैठक बुलाई थी और शिक्षा का मुद्दा सरकार के लिए सबसे संवेदनशील मसला बन चुका है।

BSP पर सपा सांसद का निशाना

इसी बीच, सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने बहुजन समाज पार्टी (BSP) और प्रमुख मायावती पर निशाना साधते हुए कहा, 'बहन मायावती के पास अब कोई काम नहीं बचा है। एक को हटाकर दूसरा लाएंगी, फिर दूसरे को हटाकर तीसरा लाएंगी। बहुजन समाज पार्टी में यही हो रहा है, जो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।'

आगे क्या होगा

यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब विपक्ष शिक्षा और बेरोज़गारी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनावों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की जीत और 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम — दोनों एक साथ चर्चा में हैं, जिससे राजनीतिक तापमान और बढ़ने की संभावना है। संसद के आगामी सत्र में यह मुद्दा गूंज सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है, वह यह है कि 'छात्रों की गूंज' जैसे आयोजन विपक्ष की उस नई पहल का हिस्सा हैं जो सड़क से संसद तक युवाओं को जोड़ने की कोशिश कर रही है। असली सवाल यह है कि क्या BJP की तीखी प्रतिक्रिया इस एजेंडे को कमज़ोर करती है या और मज़बूत बनाती है।
RashtraPress
20 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी ने 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में क्या किया?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नकल उतारी। सपा सांसद के अनुसार, यह पीएम की रैली के 'स्क्रिप्ट' पर एक मज़ाकिया प्रस्तुति थी, जबकि BJP ने इसे प्रधानमंत्री पद का अपमान बताया।
BJP और JDU ने राहुल गांधी के इस कृत्य की निंदा क्यों की?
BJP और JDU का कहना है कि प्रधानमंत्री एक संवैधानिक पद है और उसकी नकल उतारना देश के सर्वोच्च कार्यकारी पद का अनादर है। JDU एमएलसी नीरज कुमार ने इसे भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के विरुद्ध भी बताया।
सपा और सीपीआई (एम) ने राहुल गांधी का बचाव कैसे किया?
सपा सांसद ने कहा कि BJP मुद्दों को घुमाने में माहिर है और यह कार्यक्रम नौजवानों की तकलीफ़ समझने के लिए बुलाया गया था। सीपीआई (एम) के पूर्व सांसद हन्नान मोल्लाह ने BJP पर झूठे आरोप लगाने का आरोप लगाया।
इस विवाद का राजनीतिक असर क्या होगा?
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब विपक्ष शिक्षा और बेरोज़गारी के मुद्दों पर सरकार को घेर रहा है। संसद के आगामी सत्र में यह मामला गूंज सकता है और DUSU चुनाव परिणामों के साथ मिलकर छात्र-राजनीति को नई दिशा दे सकता है।
DUSU चुनाव नतीजों पर क्या प्रतिक्रिया आई?
सीपीआई (एम) के पूर्व सांसद हन्नान मोल्लाह ने ABVP की जीत को 'कोई नई बात नहीं' बताया और कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों का एक बड़ा हिस्सा सांप्रदायिकता से प्रभावित है।
राष्ट्र प्रेस
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