राहुल गांधी की पीएम मोदी नकल पर NDA का पलटवार, BJP-JDU बोले — यह प्रधानमंत्री पद का अपमान
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नकल उतारे जाने के बाद राजनीतिक विवाद तेज़ हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने इस कृत्य की कड़ी निंदा की है और इसे प्रधानमंत्री के संवैधानिक पद का अपमान क़रार दिया है। यह विवाद 20 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में तब और गहरा गया जब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के कई नेता सामने आकर प्रतिक्रिया देने लगे।
JDU का तीखा हमला
JDU एमएलसी नीरज कुमार ने इस घटना को 'बहुत बुरी' बताते हुए कहा, 'यह बहुत बुरी घटना थी। देश के इतिहास में नेहरू परिवार से दो प्रधानमंत्री, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी को अपनी जान देनी पड़ी। वे आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में शहीद हुए। प्रधानमंत्री के संवैधानिक पद पर बैठा व्यक्ति देश का प्रधानमंत्री है।'
नीरज कुमार ने आगे कहा, 'क्या स्वर्गीय माँ की नकल करना किसी भी तरह से सही है? क्या यही हमारी संस्कृति है? हम अपने पूर्वजों का सम्मान करते हैं, लेकिन यही वजह है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी राजनीतिक रूप से लगातार कमज़ोर होती जा रही है।'
BJP नेताओं की प्रतिक्रिया
मंत्री श्रवण कुमार ने कहा, 'लोग सब देखते हैं, सब समझते हैं। जनता उन्हें सबक सिखाती है।' वहीं BJP एमएलसी नवल किशोर यादव ने तंज कसते हुए कहा, 'राहुल गांधी और कुछ नहीं कर सकते। कभी-कभी इंसान का शरीर बड़ा हो जाता है, जबकि मन छोटा रह जाता है।'
विपक्ष का पक्ष — सपा और सीपीआई (एम)
समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद ने राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा कि BJP मुद्दों को घुमाने में माहिर है। उनके अनुसार, 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री की रैली के 'स्क्रिप्ट' को लेकर मंच पर मज़ाकिया तरीक़े से प्रस्तुति दी गई थी और BJP उसे घुमाकर पीएम की तरफ ले जा रही है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के पूर्व सांसद हन्नान मोल्लाह ने कहा कि झूठे आरोप लगाना BJP का चरित्र है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी नौजवानों की तकलीफ़ समझने के लिए यह बैठक बुलाई थी और शिक्षा का मुद्दा सरकार के लिए सबसे संवेदनशील मसला बन चुका है।
BSP पर सपा सांसद का निशाना
इसी बीच, सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने बहुजन समाज पार्टी (BSP) और प्रमुख मायावती पर निशाना साधते हुए कहा, 'बहन मायावती के पास अब कोई काम नहीं बचा है। एक को हटाकर दूसरा लाएंगी, फिर दूसरे को हटाकर तीसरा लाएंगी। बहुजन समाज पार्टी में यही हो रहा है, जो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।'
आगे क्या होगा
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब विपक्ष शिक्षा और बेरोज़गारी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनावों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की जीत और 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम — दोनों एक साथ चर्चा में हैं, जिससे राजनीतिक तापमान और बढ़ने की संभावना है। संसद के आगामी सत्र में यह मुद्दा गूंज सकता है।