मोदी को गाली देने से उनके वोट बढ़ते हैं: जावड़ेकर का राहुल गांधी पर तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता प्रकाश जावड़ेकर ने 20 सितंबर 2026 को पुणे में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करना कांग्रेस को राजनीतिक रूप से उल्टा पड़ रहा है। जावड़ेकर का यह बयान कांग्रेस के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में मोदी के एक आचरण की नकल उतारे जाने के बाद आया, जिसे BJP ने शिष्टाचार की घोर अनदेखी करार दिया है।
विवाद की जड़ क्या है
दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मंच से निर्देश दिया था कि एक बुजुर्ग महिला को बैठने के लिए कुर्सी दी जाए। कांग्रेस के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में इस घटना को एक मिमिक्री कलाकार के माध्यम से हास्य का विषय बनाया गया। BJP ने इसे न केवल मोदी पर बल्कि एक बुजुर्ग महिला की गरिमा पर हमला बताते हुए तीव्र विरोध दर्ज कराया।
जावड़ेकर के तीखे बोल
जावड़ेकर ने कहा, 'कांग्रेस ने सभ्यता की सारी हदें पार कर दी हैं। राहुल गांधी अपनी हर मीटिंग में मोदी को गाली देने में ही वक्त व्यतीत करते हैं, लेकिन उनको पता नहीं, मोदी को जितने गाली देंगे, मोदी के उतने ही वोट बढ़ते हैं और लोगों की सहानुभूति भी बढ़ती है।'
उन्होंने आगे कहा, 'जो माँ स्वर्गवासी हो गई हैं, उन्हें बार-बार गाली देना और वो भी एक मिमिक्री आर्टिस्ट लाकर — ये तो कांग्रेस ने सारी मर्यादाएँ लाँघ दी हैं। कांग्रेस बेशर्मी का व्यवहार कर रही है और उनको बताने वाला भी कोई नहीं है।'
DUSU चुनाव का हवाला
जावड़ेकर ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव के हालिया नतीजों को अपनी दलील का आधार बनाया। उन्होंने कहा, 'दिल्ली यूनिवर्सिटी में चार में से तीन पोस्ट ABVP ने जीती। यूनिवर्सिटी के छात्र देश के साथ खड़े हैं, राहुल के साथ नहीं।' उनके अनुसार यह नतीजे बताते हैं कि कांग्रेस की आक्रामक बयानबाजी युवा मतदाताओं में असर नहीं डाल रही।
विपक्ष की आंतरिक आलोचना का जिक्र
BJP नेता ने यह भी दावा किया कि सीजेपी, जिसे कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) का समर्थक माना जाता है, भी कांग्रेस के रवैये से नाराज है। उन्होंने कहा, 'वे कह रहे हैं कि आप भाषण लंबे-चौड़े दे रहे हो, लेकिन धरातल पर कुछ भी नहीं है।' जावड़ेकर ने चेतावनी दी कि यदि राहुल गांधी इसी तरह बोलते रहे तो कांग्रेस का हाल हर जगह वैसा ही होगा जैसा कि उनके अनुसार पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी का हो चुका है।
राजनीतिक निहितार्थ
जावड़ेकर ने राहुल गांधी की आलोचनात्मक शैली को उनकी 'हताशा और निराशा' का परिणाम बताया। यह टकराव ऐसे समय में सामने आया है जब देश में अगले चुनावी चक्र की तैयारियाँ परवान चढ़ रही हैं और BJP तथा कांग्रेस दोनों ही युवा मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करने की कोशिश में जुटी हैं। गौरतलब है कि DUSU चुनाव परंपरागत रूप से राष्ट्रीय राजनीतिक रुझानों का एक अनौपचारिक पैमाना माने जाते रहे हैं।