यूक्रेन ने मॉस्को क्षेत्र में रूसी तेल संयंत्र और लॉजिस्टिक्स ठिकाने पर किए लंबी दूरी के हमले
सारांश
मुख्य बातें
यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने 20 सितंबर 2026 को पुष्टि की कि यूक्रेनी बलों ने मॉस्को क्षेत्र में रूस के एक प्रमुख तेल उद्योग संयंत्र और एक लॉजिस्टिक्स ठिकाने को लंबी दूरी तक निशाना साधने वाली मिसाइलों से निशाना बनाया। मंत्रालय के अनुसार, यह जवाबी कार्रवाई रूसी हमलों के प्रत्युत्तर में की गई, जिसमें एक एफपीवी ड्रोन हमले में एक मठ को निशाना बनाया गया था और एक धर्मगुरु की मौत हो गई थी।
हमले का विवरण और इस्तेमाल हथियार
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इन हमलों में एफपी-1, आरजेड-100, मीच-2000, पालियानित्सिया, वेंडेटा, ल्युटी, बार्स, फ्लेमिंगो, सिचेन और पेलिकन प्रणालियों का उपयोग किया गया। मंत्रालय के अनुसार मॉस्को क्षेत्र में रात के दौरान किए गए इन हमलों का 'काफी बड़ा असर' हुआ।
इसके अतिरिक्त, वोरोनेझ क्षेत्र में भी एक ठिकाने पर पाबंदियाँ लगाई गईं। मंत्रालय ने इस अभियान की सफलता का श्रेय यूक्रेन की सुरक्षा सेवा (SBU), अनमैन्ड सिस्टम्स फोर्सेज, स्पेशल ऑपरेशंस फोर्सेज, डिफेंस इंटेलिजेंस और फॉरेन इंटेलिजेंस सर्विस के समन्वित प्रयासों को दिया।
यूक्रेन की रणनीतिक मंशा
रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि निशाना बनाए गए ये ठिकाने वे हैं जो 'अरबों डॉलर' की कमाई करते हैं और जिस धन से रूस की युद्ध मशीनरी संचालित होती है। मंत्रालय के अनुसार, इन ठिकानों को नष्ट कर यूक्रेन रूस की युद्ध-वित्तपोषण क्षमता को कमज़ोर करने का प्रयास कर रहा है।
गौरतलब है कि यूक्रेन पिछले कई महीनों से रूसी ऊर्जा बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाने की नीति पर चल रहा है, जिसे पश्चिमी सहयोगियों के कुछ हलकों में आर्थिक दबाव की रणनीति के रूप में देखा जाता है।
रूसी हमले की पृष्ठभूमि
यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह जवाबी कार्रवाई उस रूसी हमले के बाद की गई, जिसमें एफपीवी ड्रोन ने एक मठ पर हमला किया। इस हमले में एक धर्मगुरु की मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हुए। धार्मिक स्थलों पर हमले को यूक्रेन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदनीय बताया है।
यूक्रेन का संदेश और शांति की अपील
यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय ने अपनी पोस्ट में रूस से इस 'क्रूर युद्ध' को समाप्त करने का आह्वान किया। मंत्रालय ने कहा कि तनाव कम करने के विकल्प सामने मौजूद हैं — चाहे वह ऊर्जा सुरक्षा की बात हो या खाद्य सुरक्षा की — और जरूरत केवल 'राजनीतिक इच्छाशक्ति' की है।
मंत्रालय ने उन सभी देशों और संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया जो यूक्रेन की लंबी दूरी की हमला करने की क्षमता को मजबूत कर रहे हैं और प्रतिबंधों के माध्यम से रूस पर दबाव बनाए हुए हैं।
यह संघर्ष ऐसे समय में जारी है जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय में युद्धविराम की संभावनाओं को लेकर कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई है और दोनों पक्षों के बीच जवाबी कार्रवाइयों का चक्र जारी है।