यूक्रेन के ड्रोन हमले में निजनेकाम्स्क में 13 मौतें, 39 घायल; रूस की प्रमुख तेल रिफाइनरी निशाने पर
सारांश
मुख्य बातें
यूक्रेन ने सोमवार को रूस के औद्योगिक शहर निजनेकाम्स्क पर ड्रोन हमला किया, जो मॉस्को से लगभग 600 मील पूर्व में स्थित है। स्थानीय मेयर के अनुसार, इस हमले में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई और 39 अन्य घायल हुए — मृतकों में एक बच्चा भी शामिल है। रूसी जाँच समिति ने पुष्टि की कि हमले में आम नागरिकों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया।
हमले का स्वरूप और लक्ष्य
निजनेकाम्स्क रूस की सबसे बड़ी और सबसे उन्नत तेल रिफाइनरियों में से एक का ठिकाना है। रूसी जाँचकर्ताओं के अनुसार, हमले में नागरिक क्षेत्रों के साथ-साथ औद्योगिक परिसरों को भी क्षति पहुँची। यह 2022 में बड़े पैमाने पर युद्ध शुरू होने के बाद से रूसी भूभाग पर यूक्रेन के सबसे घातक हमलों में से एक माना जा रहा है।
यूक्रेन की रणनीति: तेल रिफाइनरियाँ निशाने पर
हाल के महीनों में यूक्रेन ने रूस की सैन्य और नागरिक ईंधन आपूर्ति बाधित करने के उद्देश्य से रूसी तेल रिफाइनरियों पर व्यवस्थित हमले तेज़ किए हैं। इन हमलों के कारण रूस के तेल उत्पादन में व्यवधान आया है, जिससे कथित तौर पर गैस स्टेशनों पर लंबी कतारें देखी गई हैं और देश की ईंधन आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बढ़ा है। गौरतलब है कि रूस दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादकों में से एक है, और ऊर्जा राजस्व उसके युद्ध अभियान की रीढ़ है।
रूस का जवाब और युद्धविराम से इनकार
इससे पहले शुक्रवार को रूस ने यूक्रेन के सबसे बड़े दवा गोदाम पर हमला किया, जिसमें जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन स्वास्थ्य सुविधाओं को भारी नुकसान पहुँचा। रूस ने संघर्ष को अस्थायी रूप से रोकने के किसी भी प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है। रूस के उप विदेश मंत्री मिखाइल गलुजिन ने एक इंटरव्यू में कहा कि 'रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन कई बार कह चुके हैं कि इस संकट के मूल कारणों को खत्म किए बिना किसी तरह का युद्धविराम संभव नहीं है।'
गलुजिन ने यह भी आरोप लगाया कि यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की 'पूरी तरह से हकीकत से कट चुके हैं' और संघर्ष को और भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेनी बलों ने जुलाई-अगस्त में ड्रोन से कैस्पियन पाइपलाइन कंसोर्टियम (CPC) की सुविधाओं पर हमले किए, जो मुख्यतः कज़ाखस्तान की अर्थव्यवस्था के हितों से जुड़ी है।
व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब दोनों पक्षों के बीच हमलों की तीव्रता लगातार बढ़ रही है। मॉस्को ने पूरे युद्ध के दौरान यूक्रेनी शहरों पर भारी मिसाइलों और ड्रोन से हमले जारी रखे हैं, जिनमें नागरिक हताहत नियमित रूप से दर्ज हो रहे हैं। दूसरी ओर, यूक्रेन की रूसी ऊर्जा अवसंरचना पर बढ़ती चोट एक सुनियोजित आर्थिक दबाव की रणनीति का हिस्सा दिखती है।
आगे क्या
दोनों देशों के बीच कूटनीतिक समाधान की संभावना फिलहाल बेहद क्षीण नज़र आती है। रूस के युद्धविराम से स्पष्ट इनकार और यूक्रेन के आक्रामक हमलों के बीच संघर्ष के और गहराने की आशंका बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़रें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या कोई तीसरा पक्ष मध्यस्थता का रास्ता खोल सकता है।