मॉस्को में यूक्रेन का बड़ा ड्रोन हमला: इलेक्ट्रोस्टल में 1 मौत, 61 घायल
सारांश
मुख्य बातें
यूक्रेन ने 19 जुलाई 2026 को मॉस्को क्षेत्र पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 61 लोग घायल हुए। मॉस्को के क्षेत्रीय गवर्नर आंद्रेई वोरोब्योव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के ज़रिए इस हमले की पुष्टि की। यह हमला रूस-यूक्रेन संघर्ष में मॉस्को क्षेत्र को निशाना बनाने वाले हालिया घटनाक्रम का हिस्सा है।
मुख्य घटनाक्रम
गवर्नर वोरोब्योव के अनुसार, मॉस्को से लगभग 60 किलोमीटर पूर्व में स्थित इलेक्ट्रोस्टल शहर इस हमले में सबसे अधिक प्रभावित हुआ, जहाँ 57 लोग घायल हुए। नोगिन्स्क में 4 अन्य लोग घायल हुए। इससे पहले शनिवार को ही वोरोब्योव ने बताया था कि इलेक्ट्रोस्टल में एक गोदाम परिसर पर ड्रोन गिरने से 24 लोग घायल हो गए थे — यह आँकड़ा बाद में बढ़कर 57 तक पहुँचा।
घायलों की स्थिति
घायल हुए 61 लोगों में से 20 को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। 9 लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि 31 लोगों की स्थिति स्थिर है। अधिकांश पीड़ितों को छर्रे और विस्फोट से चोटें आई हैं। इसके अलावा मस्तिष्क में चोट, हड्डियाँ टूटना, जलन और धुएँ के कारण साँस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएँ भी सामने आई हैं।
रूसी एयर डिफेंस का दावा
रूसी रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि रूसी वायु रक्षा प्रणाली ने पिछले 24 घंटों में 774 यूक्रेनी फिक्स्ड-विंग ड्रोन और 13 निर्देशित हवाई बमों को मार गिराया। मंत्रालय ने यह भी बताया कि रूसी सेना ने पूरी रात यूक्रेन के सैन्य ठिकानों पर जवाबी ड्रोन और हवाई हमले किए।
ओडेसा बंदरगाह पर रूसी हमले
रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन जवाबी हमलों में ओडेसा बंदरगाह के उस बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाया गया जिसका उपयोग ईंधन और लुब्रिकेंट उतारने के लिए किया जाता है। चोर्नोमोर्स्क बंदरगाह पर गोला-बारूद उतार रहे एक कंटेनर जहाज पर भी हमला किया गया। इसके अलावा, काला सागर में स्नेक आइलैंड के पास एक ड्राई कार्गो जहाज को भी निशाना बनाया गया, जो कथित तौर पर यूक्रेनी सेना के लिए सामान ले जा रहा था।
आगे क्या
यह हमला ऐसे समय में आया है जब रूस-यूक्रेन संघर्ष में दोनों पक्षों की ओर से ड्रोन हमलों की तीव्रता लगातार बढ़ रही है। गौरतलब है कि मॉस्को क्षेत्र पर इस पैमाने का हमला हाल के महीनों में कई बार हो चुका है, जो यूक्रेन की रूस की गहराई में प्रहार करने की रणनीति को दर्शाता है। घायलों की स्थिति पर निगरानी जारी है और प्रशासन ने राहत कार्य तेज़ कर दिए हैं।