19 जुलाई 2026
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मध्य प्रदेश कैबिनेट ने यूसीसी विधेयक 2026 को दी मंजूरी, सीएम मोहन यादव बोले — 80% मुस्लिम महिलाएं समर्थन में

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मध्य प्रदेश कैबिनेट ने यूसीसी विधेयक 2026 को दी मंजूरी, सीएम मोहन यादव बोले — 80% मुस्लिम महिलाएं समर्थन में

सारांश

मध्य प्रदेश कैबिनेट ने जगदीशपुर में यूसीसी विधेयक 2026 को मंजूरी देकर इसे विधानसभा की ओर भेज दिया। सीएम मोहन यादव का दावा है कि परामर्श में 80% मुस्लिम महिलाओं ने समर्थन जताया। उत्तराखंड के बाद यह दूसरा भाजपा-शासित राज्य होगा जो यूसीसी की राह पर चला है।

मुख्य बातें

मध्य प्रदेश कैबिनेट ने 19 जुलाई 2026 को जगदीशपुर में यूसीसी विधेयक 2026 को मंजूरी दी।
विधेयक अब मध्य प्रदेश विधानसभा में पेश किया जाएगा।
मसौदा समिति की अध्यक्षता सर्वोच्च न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई ने की।
सीएम के अनुसार परामर्श में 80% मुस्लिम महिलाएं और 40% मुस्लिम पुरुष यूसीसी के पक्ष में थे।
कांग्रेस ने परामर्श प्रक्रिया से दूरी बनाए रखी; AAP और कम्युनिस्ट पार्टी ने भाग लिया।
यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 'विकसित भारत' विजन से जोड़कर पेश किया गया।

मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल ने 19 जुलाई 2026 को जगदीशपुर में आयोजित विशेष बैठक में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक 2026 को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह विधेयक अब मध्य प्रदेश विधानसभा में पेश किया जाएगा। यह बैठक राजधानी भोपाल से बाहर आयोजित की गई, जो अपने आप में असामान्य रही।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राज्य में 'क्या राम, क्या रहीम' — सभी नागरिकों को बराबरी का अवसर मिलेगा। उन्होंने इस कदम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक 'विकसित भारत' के विजन और 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास' के सिद्धांत के अनुरूप बताया।

विधेयक का मसौदा तैयार करने से पहले सर्वोच्च न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई थी। इस समिति ने राज्य के सभी जिलों और मंडलों में जाकर जनसंवाद किया और विभिन्न धर्मों के राजनीतिक दलों तथा सामाजिक संगठनों से विचार-विमर्श किया।

परामर्श प्रक्रिया और राजनीतिक भागीदारी

सीएम यादव के अनुसार, आम आदमी पार्टी (AAP) और कम्युनिस्ट पार्टी सहित कई दलों ने परामर्श प्रक्रिया में भाग लिया। हालाँकि, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) ने इस चर्चा से दूरी बनाए रखी। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की इस अनुपस्थिति की आलोचना करते हुए कहा कि यह पार्टी 'एक राष्ट्र, एक कानून, एक नेता' के विचार को लेकर हमेशा से उलझन में रही है।

मुस्लिम समुदाय का समर्थन — सीएम का दावा

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि ड्राफ्ट विधेयक पर चर्चाओं के दौरान मुस्लिम समुदाय में यूसीसी को लेकर व्यापक समर्थन देखने को मिला। उन्होंने बताया कि परामर्श के दौरान लगभग 80 प्रतिशत मुस्लिम महिलाएं और 40 प्रतिशत मुस्लिम पुरुष एक समान कानून के पक्ष में थे। उन्होंने कहा, 'कई लोगों ने खुलकर कहा कि ऐसा कानून हमारी माताओं और बहनों की जिंदगी की रक्षा करेगा।' गौरतलब है कि ये आँकड़े सरकार द्वारा आयोजित परामर्श सत्रों पर आधारित हैं और इनका स्वतंत्र सत्यापन अभी तक नहीं हुआ है।

आगे की राह

कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद यूसीसी विधेयक 2026 को अब मध्य प्रदेश विधानसभा में पेश किया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड पहले ही यूसीसी लागू कर चुका है और केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार इसे राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने की दिशा में विचार कर रही है। मध्य प्रदेश विधानसभा में विधेयक पारित होने के बाद यह राज्य यूसीसी लागू करने वाला दूसरा भाजपा-शासित राज्य बन जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह परामर्श सरकार द्वारा आयोजित था — इसकी कार्यप्रणाली और नमूना आकार सार्वजनिक नहीं हुए हैं, इसलिए इसे स्वतंत्र जनमत-सर्वेक्षण के समकक्ष नहीं माना जा सकता। कांग्रेस की अनुपस्थिति विधेयक को विपक्षी आलोचना से बचाती है, लेकिन विधानसभा में बहस के दौरान यही अनुपस्थिति उसकी कमज़ोरी भी बन सकती है। असली परीक्षा विधानसभा में होगी — जहाँ विधेयक की भाषा, अपवाद-खंड और क्रियान्वयन तंत्र सार्वजनिक होंगे।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश यूसीसी विधेयक 2026 क्या है?
यह समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का वह मसौदा विधेयक है जिसे मध्य प्रदेश कैबिनेट ने 19 जुलाई 2026 को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य राज्य में सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे व्यक्तिगत मामलों में एकसमान कानून लागू करना है।
यूसीसी विधेयक का मसौदा किसने तैयार किया?
विधेयक का मसौदा सर्वोच्च न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित एक समिति ने तैयार किया। इस समिति ने राज्य के सभी जिलों और मंडलों में जाकर विभिन्न धर्मों, राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से परामर्श किया।
यूसीसी विधेयक अब आगे क्या होगा?
कैबिनेट की मंजूरी के बाद यूसीसी विधेयक 2026 को मध्य प्रदेश विधानसभा में पेश किया जाएगा। विधानसभा में पारित होने के बाद यह कानून का रूप लेगा और मध्य प्रदेश उत्तराखंड के बाद यूसीसी लागू करने वाला दूसरा राज्य बन जाएगा।
कांग्रेस ने यूसीसी परामर्श प्रक्रिया में हिस्सा क्यों नहीं लिया?
मुख्यमंत्री मोहन यादव के अनुसार, कांग्रेस ने यूसीसी पर राज्य-स्तरीय परामर्श चर्चाओं से दूरी बनाए रखी। सीएम ने इसकी आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस 'एक राष्ट्र, एक कानून' के विचार को लेकर उलझन में रही है। कांग्रेस की ओर से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
क्या मुस्लिम समुदाय यूसीसी का समर्थन करता है?
सीएम मोहन यादव ने दावा किया कि सरकार द्वारा आयोजित परामर्श सत्रों में लगभग 80 प्रतिशत मुस्लिम महिलाएं और 40 प्रतिशत मुस्लिम पुरुष यूसीसी के पक्ष में थे। हालाँकि, ये आँकड़े सरकारी परामर्श पर आधारित हैं और इनका स्वतंत्र सत्यापन अभी नहीं हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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