मध्य प्रदेश कैबिनेट ने यूसीसी विधेयक 2026 को दी मंजूरी, सीएम मोहन यादव बोले — 80% मुस्लिम महिलाएं समर्थन में
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल ने 19 जुलाई 2026 को जगदीशपुर में आयोजित विशेष बैठक में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक 2026 को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह विधेयक अब मध्य प्रदेश विधानसभा में पेश किया जाएगा। यह बैठक राजधानी भोपाल से बाहर आयोजित की गई, जो अपने आप में असामान्य रही।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राज्य में 'क्या राम, क्या रहीम' — सभी नागरिकों को बराबरी का अवसर मिलेगा। उन्होंने इस कदम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक 'विकसित भारत' के विजन और 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास' के सिद्धांत के अनुरूप बताया।
विधेयक का मसौदा तैयार करने से पहले सर्वोच्च न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई थी। इस समिति ने राज्य के सभी जिलों और मंडलों में जाकर जनसंवाद किया और विभिन्न धर्मों के राजनीतिक दलों तथा सामाजिक संगठनों से विचार-विमर्श किया।
परामर्श प्रक्रिया और राजनीतिक भागीदारी
सीएम यादव के अनुसार, आम आदमी पार्टी (AAP) और कम्युनिस्ट पार्टी सहित कई दलों ने परामर्श प्रक्रिया में भाग लिया। हालाँकि, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) ने इस चर्चा से दूरी बनाए रखी। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की इस अनुपस्थिति की आलोचना करते हुए कहा कि यह पार्टी 'एक राष्ट्र, एक कानून, एक नेता' के विचार को लेकर हमेशा से उलझन में रही है।
मुस्लिम समुदाय का समर्थन — सीएम का दावा
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि ड्राफ्ट विधेयक पर चर्चाओं के दौरान मुस्लिम समुदाय में यूसीसी को लेकर व्यापक समर्थन देखने को मिला। उन्होंने बताया कि परामर्श के दौरान लगभग 80 प्रतिशत मुस्लिम महिलाएं और 40 प्रतिशत मुस्लिम पुरुष एक समान कानून के पक्ष में थे। उन्होंने कहा, 'कई लोगों ने खुलकर कहा कि ऐसा कानून हमारी माताओं और बहनों की जिंदगी की रक्षा करेगा।' गौरतलब है कि ये आँकड़े सरकार द्वारा आयोजित परामर्श सत्रों पर आधारित हैं और इनका स्वतंत्र सत्यापन अभी तक नहीं हुआ है।
आगे की राह
कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद यूसीसी विधेयक 2026 को अब मध्य प्रदेश विधानसभा में पेश किया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड पहले ही यूसीसी लागू कर चुका है और केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार इसे राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने की दिशा में विचार कर रही है। मध्य प्रदेश विधानसभा में विधेयक पारित होने के बाद यह राज्य यूसीसी लागू करने वाला दूसरा भाजपा-शासित राज्य बन जाएगा।