8 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मध्य प्रदेश UCC वेबसाइट लॉन्च: 15 जून तक दें सुझाव, CM मोहन यादव ने की शुरुआत

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मध्य प्रदेश UCC वेबसाइट लॉन्च: 15 जून तक दें सुझाव, CM मोहन यादव ने की शुरुआत

सारांश

मध्य प्रदेश सरकार ने UCC लागू करने से पहले जनता की राय लेने के लिए आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च की है। CM मोहन यादव ने 22 मई को इसकी शुरुआत की और 15 जून 2026 तक सुझाव आमंत्रित किए हैं। सर्वोच्च न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली समिति मसौदा तैयार करेगी।

मुख्य बातें

मोहन यादव ने 22 मई 2026 को भोपाल से यूसीसी एमपी की आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च की।
नागरिक 15 जून 2026 तक पोर्टल के माध्यम से अपने सुझाव और राय सरकार को भेज सकते हैं।
सर्वोच्च न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति यूसीसी का विस्तृत मसौदा तैयार करेगी।
यह समिति अप्रैल 2026 के अंत में गठित की गई थी।
UCC विवाह, तलाक, संपत्ति, गोद लेने और भरण-पोषण जैसे मामलों में सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होगा।
मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात के बाद UCC की दिशा में ठोस कदम उठाने वाला अगला BJP-शासित राज्य बन रहा है।

मध्य प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) की दिशा में निर्णायक कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 22 मई 2026 को भोपाल से यूसीसी एमपी की आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च की। यह पोर्टल आम नागरिकों को 15 जून 2026 तक अपने सुझाव और राय सीधे सरकार तक पहुँचाने का अवसर देता है, ताकि कानून को अंतिम रूप देने से पहले समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

वेबसाइट का उद्देश्य और प्रक्रिया

वेबसाइट लॉन्च करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह मंच नागरिकों को सरकार तक सीधे अपने विचार पहुँचाने का माध्यम बनेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि पारदर्शी और सहभागी प्रक्रिया के ज़रिए राज्य की ज़रूरतों के अनुसार एक संतुलित और व्यापक रूप से स्वीकार्य यूनिफॉर्म सिविल कोड तैयार किया जा सकेगा।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि पोर्टल के माध्यम से प्राप्त सभी सुझावों की गंभीरता से समीक्षा की जाएगी और विधेयक तैयार करने की अगली प्रक्रिया में उन्हें शामिल किया जाएगा। सुझाव भेजने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 निर्धारित की गई है।

उच्च स्तरीय समिति की भूमिका

यूसीसी पर गठित उच्च स्तरीय समिति की अध्यक्ष और सर्वोच्च न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई इस कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से शामिल हुईं। अप्रैल 2026 के अंत में गठित इस समिति को यूसीसी का विस्तृत मसौदा तैयार करने की ज़िम्मेदारी दी गई है। गौरतलब है कि न्यायमूर्ति देसाई इससे पहले अन्य राज्यों में भी इसी तरह की यूसीसी प्रक्रिया का नेतृत्व कर चुकी हैं।

UCC क्या बदलेगा

यूनिफॉर्म सिविल कोड का उद्देश्य धर्म-आधारित अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों की जगह एक समान कानून लागू करना है। यह विवाह, तलाक, संपत्ति, गोद लेने और भरण-पोषण जैसे मामलों में सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होगा। यह कदम संविधान के अनुच्छेद 44 के तहत देशभर में UCC लागू करने की भारतीय जनता पार्टी (BJP) की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता के अनुरूप है।

अन्य राज्यों से तुलना

मध्य प्रदेश इस मामले में उत्तराखंड और गुजरात के रास्ते पर चल रहा है, जहाँ यूसीसी लागू करने की दिशा में पहले ही ठोस कदम उठाए जा चुके हैं। यह ऐसे समय में आया है जब UCC का मुद्दा राष्ट्रीय राजनीतिक बहस के केंद्र में है और कई राज्य सरकारें इस पर अपनी-अपनी स्थिति स्पष्ट कर रही हैं।

आगे की राह

इस जन परामर्श प्रक्रिया को एक संवेदनशील और लंबे समय से विवादित मुद्दे पर व्यापक सहमति बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। 15 जून 2026 की समय-सीमा के बाद समिति प्राप्त सुझावों के आधार पर मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ऑनलाइन पोर्टल पर आए सुझाव वास्तव में मसौदे को प्रभावित करेंगे या यह केवल राजनीतिक वैधता देने की औपचारिकता है। उत्तराखंड में UCC लागू होने के बाद भी इसके क्रियान्वयन को लेकर व्यावहारिक चुनौतियाँ सामने आई हैं, जिन पर मध्य प्रदेश को ध्यान देना होगा। संवेदनशील धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर केवल 24 दिनों की परामर्श अवधि पर्याप्त है या नहीं — यह प्रश्न विशेषज्ञों और नागरिक समाज के बीच बहस का विषय बन सकता है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश UCC वेबसाइट पर सुझाव कैसे दें?
मध्य प्रदेश सरकार ने यूसीसी एमपी की आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च की है जहाँ नागरिक 15 जून 2026 तक अपने सुझाव और राय ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं। यह पोर्टल सभी वर्गों को सीधे सरकार तक अपने विचार पहुँचाने का अवसर देता है।
मध्य प्रदेश में UCC लागू होने से क्या बदलेगा?
यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू होने पर विवाह, तलाक, संपत्ति, गोद लेने और भरण-पोषण जैसे मामलों में धर्म-आधारित अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों की जगह सभी नागरिकों पर एक समान कानून लागू होगा। यह संविधान के अनुच्छेद 44 में निहित निर्देशक सिद्धांत को साकार करने की दिशा में कदम है।
UCC मसौदा समिति की अध्यक्षता कौन कर रहे हैं?
सर्वोच्च न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई इस उच्च स्तरीय समिति की अध्यक्षता कर रही हैं। यह समिति अप्रैल 2026 के अंत में गठित की गई थी और इसे यूसीसी का विस्तृत मसौदा तैयार करने की ज़िम्मेदारी दी गई है।
क्या अन्य राज्यों में भी UCC लागू है?
उत्तराखंड UCC लागू करने वाला पहला राज्य बना है और गुजरात भी इस दिशा में ठोस कदम उठा चुका है। मध्य प्रदेश अब इन्हीं राज्यों के रास्ते पर चलते हुए जन परामर्श प्रक्रिया शुरू कर चुका है।
जन परामर्श के बाद UCC की अगली प्रक्रिया क्या होगी?
15 जून 2026 की समय-सीमा के बाद उच्च स्तरीय समिति प्राप्त सुझावों की समीक्षा करेगी और उनके आधार पर विधेयक का मसौदा तैयार किया जाएगा। सरकार ने आश्वासन दिया है कि सभी सुझावों को गंभीरता से विधेयक निर्माण प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 2 सप्ताह पहले
  6. 3 सप्ताह पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 2 महीने पहले