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मध्य प्रदेश में यूसीसी नीति जनता के सुझावों से बनेगी: सीएम मोहन यादव का निर्देश

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मध्य प्रदेश में यूसीसी नीति जनता के सुझावों से बनेगी: सीएम मोहन यादव का निर्देश

सारांश

मध्य प्रदेश में यूसीसी की नीति अब जनता तय करेगी। सीएम मोहन यादव ने जिला कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि गाँव से लेकर शहर तक जागरूकता अभियान चले और 22 जून तक वेबसाइट पर सुझाव जमा हों। 12 सवालों का यह फॉर्म यूसीसी की दिशा तय करने की पहली सार्वजनिक कसौटी है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 13 जून को जिला कलेक्टर्स के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में यूसीसी जागरूकता अभियान की समीक्षा की।
यूसीसी पर सुझाव देने की अंतिम तिथि 22 जून निर्धारित; विशेष वेबसाइट लॉन्च की गई।
वेबसाइट पर 12 प्रश्नों का उत्तर 'हाँ' या 'न' में देना होगा; मोबाइल ओटीपी से सत्यापन अनिवार्य।
ग्राम स्तर पर पंचायत सचिवों और रोजगार सहायकों को चर्चा प्रोत्साहित करने की जिम्मेदारी।
स्व-सहायता समूहों , महिला मंडलों , स्कूल-कॉलेजों और बार काउंसिल में भी जागरूकता सत्र आयोजित होंगे।

मध्य प्रदेश में प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लागू करने की प्रक्रिया में राज्य सरकार ने जनभागीदारी को केंद्र में रखा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 13 जून को जिला कलेक्टर्स के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में स्पष्ट किया कि यूसीसी की नीति का निर्धारण जनसामान्य के सुझावों के आधार पर किया जाएगा। यह बैठक समान नागरिक संहिता जागरूकता अभियान की समीक्षा के लिए आयोजित की गई थी।

जागरूकता अभियान का दायरा

मुख्यमंत्री यादव ने सभी जिलों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्रों के साथ-साथ ग्राम स्तर तक नागरिकों को अपना अभिमत देने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। स्कूल-कॉलेजों में गतिविधियाँ संचालित करने, सामाजिक-व्यापारिक संस्थाओं और बार काउंसिल में चर्चा सत्र आयोजित करने के भी निर्देश दिए गए।

ग्राम स्तर पर भागीदारी

ग्राम पंचायत स्तर पर रोजगार सहायकों और पंचायत सचिवों को यूसीसी विषय पर चर्चा प्रोत्साहित करने की जिम्मेदारी दी गई है। आवश्यकता पड़ने पर विशेष ग्राम सभा की बैठक भी आयोजित की जा सकती है। शासकीय अधिकारी और कर्मचारी भी इस प्रक्रिया में अपने सुझाव दे सकते हैं।

सुझाव देने की प्रक्रिया

सीएम यादव ने बताया कि यूसीसी पर सुझाव देने के लिए एक विशेष वेबसाइट का विमोचन किया गया है और सुझाव देने की अंतिम तिथि 22 जून निर्धारित की गई है। वेबसाइट पर फॉर्म में केवल नाम, लिंग, धर्म, संभाग, जिला, पता और मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। कुल 12 प्रश्नों का उत्तर 'हाँ' या 'न' में देना है, और मोबाइल ओटीपी से सत्यापन के बाद सुझाव स्वीकार हो जाएगा।

महिला एवं सामाजिक संगठनों की भूमिका

मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूहों, महिला मंडलों और सामाजिक संगठनों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों की भागीदारी को भी प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बताई ताकि यूसीसी के उद्देश्य और प्रक्रिया की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचे। गौरतलब है कि उत्तराखंड के बाद मध्य प्रदेश यूसीसी लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाने वाला प्रमुख राज्य बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 12 प्रश्नों का 'हाँ या न' फॉर्म यूसीसी जैसे जटिल विषय पर वास्तविक जनमत को कितना प्रतिबिंबित कर सकता है, यह सवाल बना रहेगा। उत्तराखंड ने यूसीसी लागू किया, लेकिन क्रियान्वयन में अनेक व्यावहारिक चुनौतियाँ सामने आईं — मध्य प्रदेश की प्रक्रिया उन सबकों से कितना सीखती है, यह देखना होगा। आलोचकों का कहना है कि धर्म और लिंग जैसे संवेदनशील आँकड़े फॉर्म में माँगना डेटा गोपनीयता को लेकर चिंताएँ उठाता है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या सुझावों का स्वतंत्र विश्लेषण होगा या ये केवल नीति को वैधता देने का औजार बनेंगे।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश में यूसीसी पर सुझाव कैसे दें?
राज्य सरकार द्वारा लॉन्च की गई विशेष वेबसाइट पर नाम, लिंग, धर्म, संभाग, जिला, पता और मोबाइल नंबर दर्ज करके 12 प्रश्नों का 'हाँ' या 'न' में उत्तर देना होगा। मोबाइल ओटीपी से सत्यापन के बाद सुझाव स्वीकार हो जाएगा।
मध्य प्रदेश में यूसीसी सुझाव देने की अंतिम तिथि क्या है?
मुख्यमंत्री मोहन यादव के अनुसार यूसीसी पर सुझाव देने की अंतिम तिथि 22 जून है। इसके बाद प्राप्त सुझावों के आधार पर नीति निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
मध्य प्रदेश में यूसीसी जागरूकता अभियान में कौन शामिल होगा?
अभियान में स्कूल-कॉलेज, सामाजिक-व्यापारिक संस्थाएँ, बार काउंसिल, स्व-सहायता समूह, महिला मंडल, पंचायत सचिव, रोजगार सहायक और जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। ग्राम स्तर पर विशेष ग्राम सभा बैठकें भी आयोजित की जा सकती हैं।
क्या सरकारी कर्मचारी भी यूसीसी पर सुझाव दे सकते हैं?
हाँ, मुख्यमंत्री यादव ने स्पष्ट किया है कि शासकीय अधिकारी और कर्मचारी भी यूसीसी के संबंध में अपने सुझाव दे सकते हैं। यह प्रक्रिया सभी वर्गों के लिए खुली रखी गई है।
मध्य प्रदेश में यूसीसी लागू करने की प्रक्रिया कहाँ तक पहुँची है?
अभी राज्य सरकार नीति निर्माण के पहले चरण में है, जिसमें जनसुझाव एकत्र किए जा रहे हैं। 22 जून की समयसीमा के बाद प्राप्त सुझावों के आधार पर यूसीसी की रूपरेखा तय की जाएगी। यूसीसी लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य है।
राष्ट्र प्रेस
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