मध्य प्रदेश UCC विधेयक: मुख्यमंत्री मोहन यादव का ऐलान, मानसून सत्र 20 जुलाई से होगा पेश
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 17 जून 2025 को स्पष्ट किया कि राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक को आगामी मानसून सत्र में विधानसभा के पटल पर रखा जाएगा। भोपाल में राज्य विधानसभा परिसर में पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश नाथ काटजू की जयंती पर आयोजित पुष्पांजलि कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि UCC विधेयक इसी सत्र में पारित भी हो जाएगा।
मुख्यमंत्री का बयान और विश्वास
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि आगामी विधानसभा सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण और समसामयिक विषयों को सदन के सामने रखेगी, जिनमें समान नागरिक संहिता (UCC) प्रमुख है। उन्होंने यह भी कहा कि बाबा महाकाल की कृपा से यह विधेयक सत्र में पारित होगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार UCC को लागू करने की दिशा में पहले से ही सक्रिय कदम उठा रही है और प्रदेशवासियों से सुझाव आमंत्रित किए जा चुके हैं।
जनभागीदारी पर ज़ोर
मोहन यादव सरकार की मंशा है कि UCC केवल एक सरकारी निर्णय न होकर जनता की भागीदारी से बना कानून बने। इसी उद्देश्य से प्रदेश के नागरिकों से सुझाव माँगे गए हैं, ताकि आम जनता की राय को इस संहिता में उचित स्थान मिल सके। गौरतलब है कि UCC लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन चुका है, और मध्य प्रदेश इस दिशा में दूसरा बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है।
मानसून सत्र का कार्यक्रम
मध्य प्रदेश की सोलहवीं विधानसभा का एकादश (11वाँ) सत्र 20 जुलाई 2025, सोमवार से प्रारंभ होकर 24 जुलाई 2025 तक चलेगा। राज्यपाल द्वारा अनुमोदित अधिसूचना विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी कर दी गई है। इस पाँच दिवसीय सत्र में महत्वपूर्ण शासकीय कार्य संपादित किए जाएँगे।
विधायी प्रक्रिया की समय-सीमा
विधानसभा सचिवालय के अनुसार, अशासकीय विधेयकों की सूचनाएँ 24 जून तक और अशासकीय संकल्पों की सूचनाएँ 9 जुलाई तक स्वीकार की जाएँगी। स्थगन प्रस्ताव, ध्यानाकर्षण तथा नियम 267-क के अंतर्गत सूचनाएँ 14 जुलाई से विधानसभा कार्यालय में प्राप्त की जाएँगी। यदि सत्र में UCC विधेयक पारित होता है, तो मध्य प्रदेश देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो जाएगा जिन्होंने इस ऐतिहासिक विधायी कदम को उठाया है।