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मध्य प्रदेश UCC विधेयक: मुख्यमंत्री मोहन यादव का ऐलान, मानसून सत्र 20 जुलाई से होगा पेश

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मध्य प्रदेश UCC विधेयक: मुख्यमंत्री मोहन यादव का ऐलान, मानसून सत्र 20 जुलाई से होगा पेश

सारांश

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की है कि UCC विधेयक 20-24 जुलाई के मानसून सत्र में पेश और पारित किया जाएगा। जनसुझावों पर आधारित यह विधेयक राज्य को उत्तराखंड के बाद UCC लागू करने वाला दूसरा बड़ा राज्य बना सकता है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 17 जून 2025 को घोषणा की कि UCC विधेयक आगामी मानसून सत्र में पेश किया जाएगा।
मध्य प्रदेश की सोलहवीं विधानसभा का एकादश सत्र 20 से 24 जुलाई 2025 तक आयोजित होगा।
राज्य सरकार ने UCC पर प्रदेशवासियों से सुझाव आमंत्रित किए हैं ताकि कानून में जनभागीदारी सुनिश्चित हो।
अशासकीय विधेयकों की सूचनाएँ 24 जून तक और संकल्पों की 9 जुलाई तक स्वीकार होंगी।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि UCC विधेयक इसी सत्र में पारित होगा।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 17 जून 2025 को स्पष्ट किया कि राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक को आगामी मानसून सत्र में विधानसभा के पटल पर रखा जाएगा। भोपाल में राज्य विधानसभा परिसर में पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश नाथ काटजू की जयंती पर आयोजित पुष्पांजलि कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि UCC विधेयक इसी सत्र में पारित भी हो जाएगा।

मुख्यमंत्री का बयान और विश्वास

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि आगामी विधानसभा सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण और समसामयिक विषयों को सदन के सामने रखेगी, जिनमें समान नागरिक संहिता (UCC) प्रमुख है। उन्होंने यह भी कहा कि बाबा महाकाल की कृपा से यह विधेयक सत्र में पारित होगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार UCC को लागू करने की दिशा में पहले से ही सक्रिय कदम उठा रही है और प्रदेशवासियों से सुझाव आमंत्रित किए जा चुके हैं।

जनभागीदारी पर ज़ोर

मोहन यादव सरकार की मंशा है कि UCC केवल एक सरकारी निर्णय न होकर जनता की भागीदारी से बना कानून बने। इसी उद्देश्य से प्रदेश के नागरिकों से सुझाव माँगे गए हैं, ताकि आम जनता की राय को इस संहिता में उचित स्थान मिल सके। गौरतलब है कि UCC लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन चुका है, और मध्य प्रदेश इस दिशा में दूसरा बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है।

मानसून सत्र का कार्यक्रम

मध्य प्रदेश की सोलहवीं विधानसभा का एकादश (11वाँ) सत्र 20 जुलाई 2025, सोमवार से प्रारंभ होकर 24 जुलाई 2025 तक चलेगा। राज्यपाल द्वारा अनुमोदित अधिसूचना विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी कर दी गई है। इस पाँच दिवसीय सत्र में महत्वपूर्ण शासकीय कार्य संपादित किए जाएँगे।

विधायी प्रक्रिया की समय-सीमा

विधानसभा सचिवालय के अनुसार, अशासकीय विधेयकों की सूचनाएँ 24 जून तक और अशासकीय संकल्पों की सूचनाएँ 9 जुलाई तक स्वीकार की जाएँगी। स्थगन प्रस्ताव, ध्यानाकर्षण तथा नियम 267-क के अंतर्गत सूचनाएँ 14 जुलाई से विधानसभा कार्यालय में प्राप्त की जाएँगी। यदि सत्र में UCC विधेयक पारित होता है, तो मध्य प्रदेश देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो जाएगा जिन्होंने इस ऐतिहासिक विधायी कदम को उठाया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा इसके मसौदे की व्यापकता और संवैधानिक मज़बूती में होगी। जनसुझाव माँगना एक सकारात्मक कदम है, परंतु यह स्पष्ट नहीं है कि इन सुझावों को विधेयक में किस हद तक समाहित किया जाएगा। उत्तराखंड के UCC अनुभव से सबक लेना ज़रूरी है, जहाँ क्रियान्वयन के नियम अभी भी पूरी तरह अधिसूचित नहीं हैं। पाँच दिन के छोटे सत्र में इतने बड़े और जटिल विधेयक पर पर्याप्त विधायी बहस हो पाएगी या नहीं, यह सवाल भी विपक्ष उठा सकता है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश में UCC विधेयक कब पेश किया जाएगा?
मुख्यमंत्री मोहन यादव के अनुसार, UCC विधेयक 20 से 24 जुलाई 2025 के बीच आयोजित होने वाले मानसून सत्र में विधानसभा में पेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी विश्वास जताया कि यह इसी सत्र में पारित होगा।
मध्य प्रदेश की समान नागरिक संहिता (UCC) क्या है?
समान नागरिक संहिता (UCC) एक ऐसा कानून है जो विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे व्यक्तिगत मामलों में सभी नागरिकों के लिए धर्म-निरपेक्ष एकसमान नियम लागू करता है। मध्य प्रदेश सरकार इसे जनसुझावों के आधार पर तैयार कर रही है।
मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 2025 कब से कब तक है?
मध्य प्रदेश की सोलहवीं विधानसभा का एकादश (11वाँ) सत्र 20 जुलाई 2025 से 24 जुलाई 2025 तक चलेगा। राज्यपाल द्वारा अनुमोदित अधिसूचना विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी कर दी गई है।
क्या जनता UCC पर अपने सुझाव दे सकती है?
हाँ, मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेशवासियों से UCC पर सुझाव आमंत्रित किए हैं। सरकार का उद्देश्य है कि यह कानून आम जनता की भागीदारी से बने और उनके सुझावों को उचित महत्व दिया जाए।
UCC लागू करने वाला पहला राज्य कौन सा है और MP की क्या स्थिति है?
उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने UCC लागू किया है। यदि मध्य प्रदेश इस विधेयक को पारित कर देता है, तो वह इस दिशा में कदम उठाने वाला दूसरा प्रमुख राज्य बन जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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