ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन को न्यूयॉर्क दौरे की अनुमति, UNGA में बुधवार को देंगे संबोधन
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिका-ईरान के बीच 28 फरवरी 2026 से जारी भीषण युद्ध के बावजूद, ट्रंप प्रशासन ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और उनके प्रतिनिधिमंडल को अगले सप्ताह न्यूयॉर्क में होने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के उच्च-स्तरीय सत्र में भाग लेने की अनुमति दे दी है। यह अनुमति शर्तों के साथ दी गई है और अमेरिकी विदेश विभाग ने इसे मेजबान देश की जिम्मेदारी बताया है।
अमेरिकी विदेश विभाग का आधिकारिक बयान
अमेरिकी विदेश विभाग ने एक बयान में कहा, 'मेजबान देश के तौर पर अपनी जिम्मेदारियों के मुताबिक, ईरानी सरकार के मुख्य प्रतिनिधिमंडल को संयुक्त राष्ट्र महासभा के हाई-लेवल वीक में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी।' यह बयान उस समय आया जब दोनों देशों के बीच सक्रिय संघर्ष छह माह से अधिक समय से जारी है।
यात्रा पर क्या-क्या पाबंदियाँ होंगी
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन और उनके प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों पर इस न्यूयॉर्क यात्रा के दौरान कड़ी यात्रा संबंधी पाबंदियाँ लागू रहेंगी। अमेरिकी विदेश विभाग की नीति के अनुसार उन पर लग्जरी और अन्य सामान खरीदने पर पूर्ण रोक होगी। यात्रा के लिए आवश्यक दस्तावेज़ जारी कर दिए गए हैं।
UNGA का 81वाँ उच्च-स्तरीय सत्र
यह संयुक्त राष्ट्र महासभा का 81वाँ उच्च-स्तरीय सत्र है, जो मंगलवार से शुरू हो रहा है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन बुधवार को महासभा को संबोधित करने वाले हैं। यह ऐसे समय में आया है जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर है और वैश्विक कूटनीतिक समुदाय ईरान-अमेरिका संघर्ष के हल की राह तलाश रहा है।
युद्ध की पृष्ठभूमि और वैश्विक असर
अमेरिका-ईरान के बीच यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इज़रायल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ईरान पर हमला बोला। ईरान ने जवाबी कार्रवाई में उन खाड़ी देशों को भी निशाना बनाया जहाँ अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। इसके बाद ईरान ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया, जिससे कई देशों को गंभीर ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से विश्व के अनेक देशों को तेल और गैस की आपूर्ति बाधित हुई है, जिसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर साफ़ दिख रहा है।
ट्रंप प्रशासन का बदला हुआ रवैया
गौरतलब है कि इससे पहले की अमेरिकी सरकारें आमतौर पर दुनिया के नेताओं को UNGA की उच्च-स्तरीय बैठकों के लिए वीज़ा देती रही हैं। हालाँकि, ट्रंप प्रशासन ने पिछले वर्ष घोषणा की थी कि वह फिलिस्तीनी प्राधिकरण और फिलिस्तीन मुक्ति संगठन (PLO) के सदस्यों के वीज़ा या तो रद्द कर रहा है या उन्हें देने से इनकार कर रहा है। ऐसे में ईरानी प्रतिनिधिमंडल को दी गई यह सशर्त अनुमति कूटनीतिक दृष्टि से उल्लेखनीय मानी जा रही है।
आने वाले दिनों में पेजेशकियन का UNGA संबोधन वैश्विक ध्यान का केंद्र रहेगा — विशेषतः यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वे युद्धविराम या वार्ता के संकेत देते हैं या नहीं।