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पेजेश्कियन का बड़ा बयान: खामेनेई की मंज़ूरी के बिना नहीं होगा अमेरिका-ईरान समझौता

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पेजेश्कियन का बड़ा बयान: खामेनेई की मंज़ूरी के बिना नहीं होगा अमेरिका-ईरान समझौता

सारांश

ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने साफ़ कर दिया — अमेरिका से कोई भी समझौता सर्वोच्च नेता खामेनेई की मंज़ूरी के बिना नहीं होगा। यह बयान 60 दिन के संभावित संघर्ष विराम की चर्चाओं के बीच आया है, और बताता है कि तेहरान में असली सत्ता की डोर किसके हाथ में है।

मुख्य बातें

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने 24 मई को कहा कि अमेरिका-ईरान समझौते पर कोई निर्णय सर्वोच्च नेता खामेनेई की अनुमति के बिना नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि सभी निर्णय सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के ढाँचे के भीतर लिए जाएँगे।
अमेरिकी वेबसाइट Axios ने दावा किया है कि 60 दिन के संघर्ष विराम की घोषणा जल्द हो सकती है।
वार्ता में होर्मुज़ जलडमरूमध्य , परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंध हटाने की शर्तें शामिल हैं।
पेजेश्कियन ने एक्स पोस्ट में खोर्रमशहर के प्रतिरोध का हवाला देकर अमेरिका को ईरानी दृढ़ता का संदेश दिया।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने 24 मई को स्पष्ट किया कि अमेरिका-ईरान परमाणु समझौते या किसी भी रणनीतिक निर्णय पर सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की स्वीकृति अनिवार्य होगी। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब 60 दिन के संघर्ष विराम की संभावना को लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चर्चा तेज़ है।

मुख्य बयान और संदर्भ

तस्नीम समाचार एजेंसी के अनुसार, पेजेश्कियन ने कहा, 'कोई भी बयान, विश्लेषण या रुख जो समाज में विभाजन पैदा करता है, वास्तव में दुश्मन को फायदा पहुँचाने जैसा होता है।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'देश में कोई भी निर्णय सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के ढाँचे के बाहर और सर्वोच्च नेता की अनुमति के बिना नहीं लिया जाएगा। देश का संचालन एकीकृत निर्णय और सामूहिक अनुशासन की माँग करता है।'

संघर्ष विराम और वार्ता की स्थिति

अमेरिकी वेबसाइट Axios ने एक अमेरिकी सैन्य अधिकारी के हवाले से दावा किया है कि 60 दिन के संघर्ष विराम की घोषणा जल्द हो सकती है। रिपोर्टों के अनुसार, चल रही बातचीत में होर्मुज़ जलडमरूमध्य, ईरान के परमाणु कार्यक्रम और कुछ प्रतिबंधों को हटाने जैसे संवेदनशील मुद्दे शामिल हैं। हालाँकि दोनों पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं आई है।

खोर्रमशहर का प्रतीकात्मक संदर्भ

इससे पहले पेजेश्कियन ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के ज़रिए अमेरिका पर निशाना साधते हुए ईरान के प्रतिरोध की ऐतिहासिक विरासत को याद दिलाया। उन्होंने लिखा, 'हमारा देश आज भी, बिना हारे डटा हुआ है। ठीक बहादुर खोर्रमशहर के लोगों की तरह, जो हमलावर सेना के खिलाफ कई दिनों तक डटे रहे ताकि दुनिया को ईरानी लोगों की ताकत का अंदाज़ा लग सके।'

खोर्रमशहर ईरान के खुज़ेस्तान प्रांत में शत्त अल-अरब और कारुन नदियों के संगम पर स्थित एक ऐतिहासिक बंदरगाह शहर है। 1980 के दशक के ईरान-इराक युद्ध में इस शहर को भारी तबाही झेलनी पड़ी थी, लेकिन बाद में इसे पुनर्निर्मित किया गया। ईरान ने अपनी एक शक्तिशाली बैलिस्टिक मिसाइल का नाम भी 'खोर्रमशहर' रखा है, जिसे तेहरान की सैन्य परेडों में प्रदर्शित किया जाता है।

राजनीतिक निहितार्थ

पेजेश्कियन का यह बयान स्पष्ट करता है कि ईरान की विदेश नीति में राष्ट्रपति की भूमिका सीमित है और अंतिम निर्णय सर्वोच्च नेता के पास रहता है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय ईरान की वार्ता में लचीलेपन की संभावना तलाश रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान घरेलू राजनीतिक एकजुटता का संदेश भी है।

आगे की स्थिति

यदि Axios की रिपोर्ट सही साबित होती है, तो 60 दिन का संघर्ष विराम क्षेत्रीय तनाव में अस्थायी राहत दे सकता है। हालाँकि परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों जैसे मूल मुद्दों पर दीर्घकालिक समाधान की राह अभी भी जटिल बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि वाशिंगटन को भी याद दिलाता है कि ईरान में राष्ट्रपति की कुर्सी वार्ता का चेहरा है, नीति का केंद्र नहीं। Axios की रिपोर्ट पर दोनों पक्षों की चुप्पी बताती है कि यदि कोई समझौता होता भी है, तो उसकी शर्तें अभी भी नाज़ुक हैं। खोर्रमशहर का संदर्भ महज़ इतिहास नहीं — यह ईरान की उस रणनीतिक भाषा का हिस्सा है जो कूटनीतिक वार्ता के साथ-साथ सैन्य दृढ़ता का प्रदर्शन जारी रखती है। मुख्यधारा की कवरेज इस द्विस्तरीय संदेश को अक्सर नज़रअंदाज़ कर देती है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पेजेश्कियन ने अमेरिका-ईरान समझौते पर क्या कहा?
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि अमेरिका-ईरान समझौते सहित कोई भी रणनीतिक निर्णय सर्वोच्च नेता खामेनेई की अनुमति के बिना और सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के ढाँचे के बाहर नहीं लिया जाएगा। यह बयान 24 मई को आया।
ईरान-अमेरिका के बीच 60 दिन के संघर्ष विराम की खबर क्या है?
अमेरिकी वेबसाइट Axios ने एक अमेरिकी सैन्य अधिकारी के हवाले से दावा किया है कि 60 दिन के संघर्ष विराम की घोषणा जल्द हो सकती है। हालाँकि दोनों देशों की सरकारों ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
ईरान-अमेरिका वार्ता में कौन-से मुद्दे शामिल हैं?
रिपोर्टों के अनुसार, चल रही बातचीत में होर्मुज़ जलडमरूमध्य, ईरान का परमाणु कार्यक्रम और कुछ आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने की शर्तें शामिल हैं। ये सभी मुद्दे अत्यंत संवेदनशील माने जाते हैं।
खोर्रमशहर का ईरान के लिए क्या महत्व है?
खोर्रमशहर ईरान के खुज़ेस्तान प्रांत का एक ऐतिहासिक बंदरगाह शहर है, जो 1980 के दशक के ईरान-इराक युद्ध में भारी तबाही के बाद पुनर्निर्मित हुआ। ईरान ने अपनी एक शक्तिशाली बैलिस्टिक मिसाइल का नाम भी इसी शहर पर रखा है, जो राष्ट्रीय प्रतिरोध का प्रतीक बन चुका है।
ईरान में विदेश नीति पर असली अधिकार किसके पास है?
ईरान की संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार, सर्वोच्च नेता को विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा पर अंतिम अधिकार प्राप्त है। राष्ट्रपति पेजेश्कियन के बयान ने इसी को दोहराया — कि सभी निर्णय सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के ज़रिए और खामेनेई की मंज़ूरी से होंगे।
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