30 जून 2026
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ईरान राष्ट्रीय हितों पर कोई समझौता नहीं करेगा: राष्ट्रपति पेजेशकियन का अमेरिका वार्ता पर स्पष्ट संदेश

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ईरान राष्ट्रीय हितों पर कोई समझौता नहीं करेगा: राष्ट्रपति पेजेशकियन का अमेरिका वार्ता पर स्पष्ट संदेश

सारांश

ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियन ने कॉम में साफ कहा — अमेरिका से वार्ता हुई, लेकिन राष्ट्रीय हितों पर एक इंच भी नहीं झुके। साथ में दावा: कतर में फँसे $12 अरब में से $6 अरब जल्द मिलेंगे। घरेलू आलोचकों को भी कड़ा जवाब।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने 30 जून 2026 को कॉम में कहा कि ईरान राष्ट्रीय हितों से कभी पीछे नहीं हटेगा।
अमेरिका के साथ वार्ता सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह खामेनेई के पूर्ण समन्वय और शासन की स्थापित नीतियों के तहत हुई।
इस्लामाबाद MOU को सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल का मजबूत समर्थन प्राप्त हुआ।
कतर में फँसे $12 अरब में से $6 अरब जल्द जारी होने का दावा; तेल-पेट्रोकेमिकल प्रतिबंध हटने से अर्थव्यवस्था को राहत मिलेगी।
राष्ट्रपति ने उन घरेलू गुटों की आलोचना की जो वार्ता दल को बदनाम कर रहे हैं।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने 30 जून 2026 को कॉम में धार्मिक विद्वानों के साथ एक विस्तृत बैठक के दौरान स्पष्ट किया कि इस्लामी गणराज्य ईरान किसी भी परिस्थिति में अपने नागरिकों के अधिकारों, मूलभूत सिद्धांतों और राष्ट्रीय हितों से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि अमेरिका के साथ चल रही परमाणु वार्ता शासन की स्थापित नीतियों और सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई के पूर्ण समन्वय में संपन्न हुई है।

वार्ता पर राष्ट्रपति का रुख

समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, पेजेशकियन ने कहा, 'बातचीत के सभी चरण शासन की सामान्य नीतियों के ढाँचे के भीतर हुए, सर्वोच्च नेता के साथ पूर्ण और निरंतर समन्वय में, और देश की कानूनी व्यवस्थाओं के दायरे में रहे।' उन्होंने जोर देकर कहा कि तेहरान ने वार्ता के दौरान 'दुश्मनों द्वारा थोपी गई' किसी भी माँग को न स्वीकार किया है और न भविष्य में करेगा।

राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार ने बातचीत के हर चरण में 'सम्मान और मजबूती' की स्थिति से ईरानी जनता के अधिकारों की रक्षा की। उनके अनुसार, 'देश की मुख्य निर्भरता सर्वशक्तिमान ईश्वर, जनता और शासन के नेतृत्व पर है।'

समझौता ज्ञापन को मिला संस्थागत समर्थन

पेजेशकियन ने बताया कि इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन (MOU) के अंतिम मसौदे की संबंधित प्राधिकरणों द्वारा विशेषज्ञ और सुरक्षा स्तर पर समीक्षा की गई। उन्होंने यह भी कहा कि इस दस्तावेज़ को सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सदस्यों का 'मजबूत समर्थन' प्राप्त हुआ।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कदम स्विट्जरलैंड में हुई वार्ता और इस्लामाबाद MOU के तहत हुए समझौते का हिस्सा है — जो दर्शाता है कि ईरान की कूटनीतिक प्रक्रिया एकाधिक मोर्चों पर एक साथ चल रही है।

आर्थिक राहत की उम्मीद: $6 अरब की रिहाई

सोमवार को कॉम में एक अन्य कार्यक्रम में पेजेशकियन ने दावा किया कि कतर में फँसी ईरान की $12 अरब की राशि में से $6 अरब जल्द जारी किए जाएँगे। उन्होंने कहा कि तेल और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र पर लगे प्रतिबंध हटने से देश की अर्थव्यवस्था को भी उल्लेखनीय राहत मिलेगी।

यह ऐसे समय में आया है जब ईरान की अर्थव्यवस्था वर्षों की पश्चिमी पाबंदियों के दबाव में है और आम नागरिक महँगाई व मुद्रा अवमूल्यन की मार झेल रहे हैं।

आलोचकों पर पलटवार

राष्ट्रपति ने उन घरेलू गुटों की भी आलोचना की, जो कथित तौर पर वार्ता दल को बदनाम करने और राष्ट्रीय निर्णयों पर सवाल उठाकर 'उपलब्धियों' को कमज़ोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका यह बयान ईरान के भीतर परमाणु वार्ता को लेकर जारी राजनीतिक विभाजन की ओर इशारा करता है।

आगे की राह

पेजेशकियन की यह टिप्पणियाँ ऐसे समय में आई हैं जब ईरान-अमेरिका परमाणु वार्ता के अगले दौर की तैयारियाँ चल रही हैं। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब ईरानी नेतृत्व ने वार्ता के बीच 'लाल रेखाओं' को सार्वजनिक रूप से दोहराया हो — यह कदम घरेलू दर्शकों को आश्वस्त करने और अंतरराष्ट्रीय वार्ताकारों को संकेत देने दोनों उद्देश्यों को पूरा करता प्रतीत होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

घरेलू राजनीतिक संदेश अधिक लगता है — कॉम के धार्मिक विद्वानों के सामने 'लाल रेखाओं' की पुनरावृत्ति यह संकेत देती है कि वार्ता को लेकर ईरान के भीतर असंतोष गहरा है। $6 अरब जारी होने का दावा अभी सत्यापित नहीं है, और पिछले ऐसे वादे — जैसे 2023 का कैदी-अदला-बदली समझौता — समय पर पूरे नहीं हुए थे। सवाल यह है कि क्या इस्लामाबाद MOU में वे ठोस तंत्र हैं जो ईरान की संप्रभु 'लाल रेखाओं' और व्यावहारिक आर्थिक राहत के बीच संतुलन बना सकें — या यह फिर एक बार घोषणाओं और ज़मीनी हकीकत के बीच की खाई को चौड़ा करेगा।
RashtraPress
30 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रपति पेजेशकियन ने अमेरिका वार्ता पर क्या कहा?
पेजेशकियन ने कहा कि अमेरिका के साथ सभी वार्ता चरण शासन की सामान्य नीतियों और सर्वोच्च नेता खामेनेई के पूर्ण समन्वय में हुए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान ने दुश्मनों की कोई थोपी गई माँग स्वीकार नहीं की है।
कतर में फँसे ईरान के $6 अरब कब जारी होंगे?
राष्ट्रपति पेजेशकियन ने दावा किया कि कतर में फँसे $12 अरब में से $6 अरब जल्द जारी किए जाएँगे। यह स्विट्जरलैंड वार्ता और इस्लामाबाद MOU के तहत हुए समझौते का हिस्सा बताया गया है, हालाँकि सटीक तिथि की पुष्टि नहीं हुई है।
इस्लामाबाद MOU क्या है और इसे किसका समर्थन मिला?
इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन (MOU) ईरान और अमेरिका के बीच चल रही कूटनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा है। पेजेशकियन के अनुसार, इसके अंतिम मसौदे की विशेषज्ञ और सुरक्षा स्तर पर समीक्षा हुई और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सदस्यों ने इसे मजबूत समर्थन दिया।
ईरान में वार्ता को लेकर घरेलू विरोध क्यों है?
कुछ घरेलू गुट कथित तौर पर वार्ता दल को बदनाम करने और राष्ट्रीय निर्णयों पर सवाल उठाने की कोशिश कर रहे हैं। राष्ट्रपति ने इन गुटों की आलोचना करते हुए कहा कि वे 'उपलब्धियों' को कमज़ोर करने का प्रयास कर रहे हैं।
प्रतिबंध हटने से ईरान की अर्थव्यवस्था पर क्या असर होगा?
पेजेशकियन के अनुसार, तेल और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र पर लगे प्रतिबंध हटने से ईरान की अर्थव्यवस्था को राहत मिलेगी। वर्षों की पश्चिमी पाबंदियों के कारण ईरान महँगाई और मुद्रा अवमूल्यन की गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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