ईरान राष्ट्रपति पेजेश्कियन की खामेनेई से मुलाकात, अमेरिका-इजरायल हमलों और शांति वार्ता पर मंथन
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने अपने कार्यकाल के तीसरे वर्ष की शुरुआत में इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह मोजतबा खामेनेई से मुलाकात की। रविवार, 9 अगस्त 2026 को तेहरान में हुई इस बैठक में ईरान की आर्थिक स्थिति, आंतरिक सुरक्षा और अमेरिका तथा इजरायल की ओर से थोपे गए युद्ध की परिस्थितियों से निपटने की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में क्या हुई चर्चा
सर्वोच्च नेता के कार्यालय के सूचना केंद्र के बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने देश की मौजूदा आंतरिक स्थिति और आम नागरिकों की आजीविका से जुड़े मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया। बातचीत का एक अहम हिस्सा रक्षा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रहा।
पेजेश्कियन ने खामेनेई के साथ संसाधनों की व्यवस्था, ऊर्जा व्यय के बेहतर प्रबंधन और विदेशी देशों के साथ आर्थिक सहयोग को मज़बूत करने के उपायों पर भी विचार साझा किए।
पेजेश्कियन के कार्यकाल की पृष्ठभूमि
पेजेश्कियन ने 28 जुलाई 2024 को ईरान के राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी। उनके पिछले दो वर्षों के कार्यकाल में ईरान ने कई गंभीर चुनौतियों का सामना किया — जिनमें कथित तौर पर विदेश-समर्थित आंतरिक अशांति और अमेरिका तथा इजरायल की सरकारों द्वारा देश पर दो बार किए गए हमले शामिल हैं।
यह बैठक ऐसे नाज़ुक दौर में हुई है जब ईरान एक साथ आर्थिक, सुरक्षा और क्षेत्रीय मोर्चों पर दबाव झेल रहा है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब देश के शीर्ष नेतृत्व के बीच भविष्य की नीतियों और प्राथमिकताओं पर संवाद जारी है।
अमेरिका के साथ शांति वार्ता पर राष्ट्रपति का रुख
बैठक से पहले शुक्रवार को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित एक साक्षात्कार में पेजेश्कियन ने कहा कि तेहरान अमेरिका के साथ हाल ही में हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (MoU) के प्रावधानों के अनुरूप शांति के रास्ते पर चलता रहेगा — बशर्ते वाशिंगटन भरोसे का माहौल बनाने में सहयोग करे।
उन्होंने कहा, 'ईरान MoU के पैराग्राफ के आधार पर शांति की दिशा में आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है। अभी समझौते पर पहुँचने का सबसे उचित समय है, क्योंकि देश में एकजुटता, ताकत और एकता है।'
पेजेश्कियन ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान अपनी प्रतिबद्धताओं को अमेरिका के अनुपालन-स्तर के अनुरूप रखेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दूसरा पक्ष बल का सहारा लेना चाहता है तो ईरान उसे स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि ईरान की किसी भी कार्रवाई का अंतिम आधार सर्वोच्च नेता खामेनेई के निर्णय होंगे।
क्षेत्रीय महत्व और आगे की राह
यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है और ईरान की विदेश नीति की दिशा वैश्विक ध्यान का केंद्र बनी हुई है। राष्ट्रपति और सर्वोच्च नेता के बीच यह संवाद संकेत देता है कि तेहरान कूटनीतिक और सैन्य — दोनों विकल्पों पर एक साथ विचार कर रहा है। आने वाले हफ्तों में ईरान की नीतिगत प्रतिक्रिया इस बैठक के नतीजों से आकार लेगी।