4 अगस्त 2026
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पेजेश्कियन ने इस्तीफे की अटकलों को नकारा, मोजतबा की चेतावनी के बाद बोले — पद नहीं छोड़ूंगा

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पेजेश्कियन ने इस्तीफे की अटकलों को नकारा, मोजतबा की चेतावनी के बाद बोले — पद नहीं छोड़ूंगा

सारांश

ईरान में सत्ता की अंदरूनी जंग खुलकर सामने आई — राष्ट्रपति पेजेश्कियन पर 28 बार इस्तीफे की धमकी देने का आरोप, और सुप्रीम लीडर के करीबी की चेतावनी कि अगली बार मंजूरी मिल जाएगी। पेजेश्कियन ने पद पर बने रहने की बात कही, लेकिन ईरानी शासन में दरार की तस्वीर साफ हो चुकी है।

मुख्य बातें

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने 4 अगस्त को इस्तीफे की अटकलों को नकारते हुए पद पर बने रहने की घोषणा की।
वरिष्ठ मौलवी मोहम्मद-बाघेर खर्राजी ने दावा किया कि पेजेश्कियन 28 बार इस्तीफे की धमकी दे चुके हैं।
मोजतबा खामेनेई ने कथित तौर पर चेतावनी दी कि अगला इस्तीफा स्वीकार कर लिया जाएगा।
राष्ट्रपति कार्यालय के उप-प्रमुख मेहदी तबताबाई ने इस्तीफे के आरोपों को 'निराधार और झूठ' बताया।
रिपोर्टों के अनुसार, मई में पेजेश्कियन ने खामेनेई के कार्यालय को इस्तीफा भेजा था, जिसमें सरकार को बड़े फैसलों से बाहर रखे जाने की शिकायत थी।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने मंगलवार, 4 अगस्त को स्पष्ट रूप से कहा कि वह इस्तीफा नहीं देंगे और अपने पद पर बने रहेंगे। यह बयान ऐसे समय में आया जब तेहरान में सत्ता के गलियारों में उनके इस्तीफे को लेकर जोरदार अटकलें चल रही थीं और सुप्रीम लीडर के करीबी एक वरिष्ठ मौलवी ने सार्वजनिक रूप से उन्हें चेतावनी दे दी थी।

क्या बोले राष्ट्रपति पेजेश्कियन

पेजेश्कियन ने कहा, 'हम सैन्य बलों के साथ पूरी तरह समन्वय में हैं। मैं इस्तीफा नहीं दूंगा और अपनी बात पर अडिग रहूंगा। अगर कभी इस्तीफा दिया, तो आधिकारिक रूप से घोषणा करूंगा।' उनका यह वक्तव्य ईरान के राजनीतिक हलकों में तेजी से फैली उन खबरों के जवाब में आया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि वह कई बार पद छोड़ने की धमकी दे चुके हैं।

मोहम्मद-बाघेर खर्राजी की चेतावनी

ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्टों के अनुसार, वरिष्ठ मौलवी मोहम्मद-बाघेर खर्राजी — जिनकी बहन की शादी सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के भाई से हुई है — ने दावा किया कि पेजेश्कियन 28 बार इस्तीफे की धमकी दे चुके हैं। खर्राजी ने मोजतबा खामेनेई के हवाले से कहा, 'अगर वह एक बार और इस्तीफा देते हैं, तो मैं इसे मंजूरी दे दूंगा — नीचे 'मंजूर' लिख दूंगा और बात खत्म।' उन्होंने यह भी जोड़ा, 'पेजेश्कियन में अब हिम्मत नहीं है, वे सब पीछे हट गए।'

राष्ट्रपति कार्यालय का खंडन

पेजेश्कियन के कार्यालय में संचार एवं सूचना विभाग के उप-प्रमुख मेहदी तबताबाई ने खर्राजी के आरोपों को 'निराधार और सरासर झूठ' बताते हुए खारिज कर दिया। हालांकि, इस खंडन के बावजूद ईरान के भीतर राजनीतिक तनाव की तस्वीर धुंधली नहीं हुई है।

मई का इस्तीफा प्रसंग

रिपोर्टों के अनुसार, मई में पेजेश्कियन ने खामेनेई के कार्यालय को एक इस्तीफा भेजा था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उनकी सरकार को बड़े नीतिगत फैसलों से बाहर रखा जा रहा है और कट्टरपंथी तत्वों ने शासन पर नियंत्रण कर लिया है। उस समय ईरानी अधिकारियों ने इस्तीफे से जुड़े किसी भी दावे को नकार दिया था। गौरतलब है कि यह घटनाक्रम ऐसे दौर में सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर है और ईरानी शासन के भीतर सुधारवादी और कट्टरपंथी धड़ों के बीच खींचतान की खबरें लगातार आ रही हैं।

आगे क्या होगा

पेजेश्कियन का यह सार्वजनिक बयान फिलहाल इस्तीफे की अटकलों पर विराम लगाता दिखता है, लेकिन ईरान के राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राष्ट्रपति और सर्वोच्च नेतृत्व के बीच का तनाव संरचनात्मक है और यह निकट भविष्य में फिर उभर सकता है। ईरान की राजनीतिक स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय नजरें बनी हुई हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

उतना ही यह ईरानी शासन की भीतरी दरार को उजागर करता है — एक निर्वाचित राष्ट्रपति जो कथित तौर पर 28 बार इस्तीफे की धमकी दे चुका है, वह किसी मजबूत स्थिति का नहीं, बल्कि गहरी बेबसी का संकेत है। असली सवाल यह नहीं कि पेजेश्कियन पद पर रहेंगे या नहीं, बल्कि यह है कि ईरान में राष्ट्रपति पद की संवैधानिक भूमिका कट्टरपंथी नेतृत्व के सामने कितनी प्रभावी रह गई है। अमेरिका के साथ तनाव के इस नाजुक दौर में यह आंतरिक कलह ईरान की कूटनीतिक स्थिति को और कमजोर कर सकती है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने इस्तीफे की अटकलों पर क्या कहा?
पेजेश्कियन ने 4 अगस्त को स्पष्ट रूप से कहा कि वह इस्तीफा नहीं देंगे और पद पर बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि अगर कभी इस्तीफा देंगे तो आधिकारिक घोषणा करेंगे।
मोहम्मद-बाघेर खर्राजी ने पेजेश्कियन के बारे में क्या दावा किया?
वरिष्ठ मौलवी खर्राजी ने दावा किया कि पेजेश्कियन 28 बार इस्तीफे की धमकी दे चुके हैं। उन्होंने मोजतबा खामेनेई के हवाले से कहा कि अगली बार इस्तीफा स्वीकार कर लिया जाएगा।
ईरान के राष्ट्रपति कार्यालय ने इस्तीफे के आरोपों पर क्या कहा?
राष्ट्रपति कार्यालय के संचार विभाग के उप-प्रमुख मेहदी तबताबाई ने खर्राजी के आरोपों को 'निराधार और सरासर झूठ' बताकर खारिज कर दिया।
पेजेश्कियन ने मई में इस्तीफे की बात क्यों उठाई थी?
रिपोर्टों के अनुसार, मई में पेजेश्कियन ने खामेनेई के कार्यालय को इस्तीफा भेजा था, जिसमें कहा था कि उनकी सरकार को बड़े नीतिगत फैसलों से बाहर रखा जा रहा है और कट्टरपंथियों ने शासन पर नियंत्रण कर लिया है। उस समय ईरान ने इन दावों को नकार दिया था।
ईरान में राष्ट्रपति और सर्वोच्च नेतृत्व के बीच तनाव का क्या कारण है?
रिपोर्टों के अनुसार, सुधारवादी राष्ट्रपति पेजेश्कियन और कट्टरपंथी सर्वोच्च नेतृत्व के बीच नीतिगत मतभेद हैं। अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच यह आंतरिक खींचतान ईरानी शासन की कमजोरी को उजागर करती है।
राष्ट्र प्रेस
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