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ईरान आर्थिक, सैन्य और सुरक्षा युद्ध में घिरा: राष्ट्रपति पेजेश्कियन की चेतावनी

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ईरान आर्थिक, सैन्य और सुरक्षा युद्ध में घिरा: राष्ट्रपति पेजेश्कियन की चेतावनी

सारांश

ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने देश को आर्थिक, सैन्य और सुरक्षा युद्ध में बताया। ट्रंप के 'अभूतपूर्व आर्थिक अभियान' की घोषणा के बाद अमेरिका-ईरान समझौते की 60 दिन की डेडलाइन बिना नतीजे के समाप्त हो गई। तेहरान ने पड़ोसी देशों को भी चेतावनी दी कि वे इस दबाव अभियान में शामिल न हों।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने 23 अगस्त को कहा कि ईरान आर्थिक, सैन्य और सुरक्षा युद्ध में है।
विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने ट्रंप के आर्थिक अभियान को 'दोहराई जाने वाली फिल्म' बताया।
अमेरिका-ईरान समझौता ज्ञापन ( 18 जून को हस्ताक्षरित) की 60 दिन की वार्ता-सीमा सोमवार को समाप्त, अंतिम डील अधर में।
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को जीवन रेखा देने वाले देशों के खिलाफ 'अभूतपूर्व आर्थिक युद्ध' की घोषणा की।
सुरक्षा परिषद सचिव मोहसिन रेजाई ने चेतावनी दी — अमेरिकी अभियान में शामिल होने वाले देशों को ईरान दुश्मन मानेगा।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने 23 अगस्त को राष्ट्रीय टेलीविजन पर प्रसारित एक संबोधन में स्पष्ट किया कि ईरान इस समय अपने दुश्मनों के साथ सर्वव्यापी आर्थिक, सैन्य और सुरक्षा युद्ध में है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी दबाव के बावजूद तेहरान इस टकराव में डटा हुआ है और जनता की सेवा के लिए प्रतिबद्ध है।

राष्ट्रपति पेजेश्कियन का बयान

पेजेश्कियन ने कहा, 'अमेरिका के दबाव के बावजूद हम इस युद्ध के सामने खड़े हैं और लोगों की सेवा के लिए प्रयास कर रहे हैं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकार देश में महंगाई कम करने और आम नागरिकों की आर्थिक समस्याओं को हल करने के लिए पूरी शक्ति से काम कर रही है। यह संबोधन ऐसे समय में आया जब अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक वार्ता की समय-सीमा समाप्त हो चुकी है।

विदेश मंत्री अराघची की अमेरिका को दो-टूक

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भी रविवार को एक अलग बयान में कहा कि अमेरिका के पास ईरानी जनता से सम्मानपूर्वक बात करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित ईरान-विरोधी आर्थिक अभियान को 'दोहराई जाने वाली फिल्म' करार दिया और कहा, 'यह वही धौंस है जो हमेशा अमेरिकी नीतियों में होती है — हमने इसे बार-बार देखा है और हम जानते हैं कि इससे कैसे निपटना है।'

ट्रंप का 'आर्थिक डी-डे' ऐलान

गौरतलब है कि बुधवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने ईरान को किसी भी प्रकार की आर्थिक जीवन रेखा प्रदान करने वाले देशों के खिलाफ 'अब तक के सबसे कठोर आर्थिक ऑपरेशन' की घोषणा की थी। उन्होंने इसे 'अभूतपूर्व पैमाने पर आर्थिक युद्ध और अलगाव' बताया था।

अमेरिका-ईरान समझौते का भविष्य अधर में

दोनों देशों ने 18 जून को लेबनान समेत सभी क्षेत्रीय मोर्चों पर युद्धविराम को लेकर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते के तहत 60 दिनों के भीतर अंतिम वार्ता पूरी होनी थी, जिसकी समय-सीमा सोमवार को समाप्त हो गई। हालाँकि, पिछले महीने दोनों देशों के बीच तनाव के नए दौर ने इस पूरी प्रक्रिया पर संशय के बादल मंडरा दिए हैं और समझौते का भविष्य अनिश्चित बना हुआ है।

ईरान की पड़ोसी देशों को चेतावनी

ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रेजाई ने शनिवार को सरकारी चैनल आईआरआईबी टीवी को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि तेहरान पहले संबंधित देशों से संवाद करने का प्रयास करेगा और उनसे आग्रह करेगा कि वे अमेरिका के इस आर्थिक दबाव अभियान में भागीदार न बनें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो देश इस अभियान में शामिल होंगे, ईरान उन्हें दुश्मन मानेगा। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब क्षेत्रीय देशों पर अमेरिकी दबाव बढ़ता जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यह चुप्पी खुद बहुत कुछ कहती है। ट्रंप का 'आर्थिक डी-डे' ईरान पर अधिकतम दबाव की उसी पुरानी नीति का विस्तार है, जो 2018 में भी आजमाई गई थी — और जिसने परमाणु कार्यक्रम को रोकने की बजाय तेज़ किया। असली सवाल यह है कि क्या तेहरान की 'हम जानते हैं इससे कैसे निपटना है' वाली मुद्रा वास्तविक रणनीतिक आत्मविश्वास है या जनता को आश्वस्त करने की कोशिश — क्योंकि महंगाई और आर्थिक दबाव के बीच ईरानी जनता की सहनशक्ति की भी एक सीमा है।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने 'सर्वव्यापी युद्ध' से क्या आशय लिया?
राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने 23 अगस्त को कहा कि ईरान इस समय दुश्मनों के साथ आर्थिक, सैन्य और सुरक्षा — तीनों मोर्चों पर एक साथ युद्ध लड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार अमेरिकी दबाव के बावजूद महंगाई कम करने और जनता की समस्याओं को हल करने में जुटी है।
ट्रंप ने ईरान के खिलाफ कौन सा आर्थिक अभियान घोषित किया?
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ईरान को किसी भी प्रकार की आर्थिक सहायता देने वाले देशों के खिलाफ 'अब तक के सबसे कठोर आर्थिक ऑपरेशन' की घोषणा की। उन्होंने इसे 'अभूतपूर्व पैमाने पर आर्थिक युद्ध और अलगाव' बताया।
अमेरिका-ईरान समझौते की डेडलाइन क्यों चूक गई?
18 जून को हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन के तहत 60 दिनों में अंतिम वार्ता पूरी होनी थी, जिसकी समय-सीमा सोमवार को समाप्त हो गई। पिछले महीने दोनों देशों के बीच तनाव के नए दौर ने वार्ता को पटरी से उतार दिया और अंतिम डील नहीं हो सकी।
ईरान ने पड़ोसी देशों को क्या चेतावनी दी?
सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रेजाई ने कहा कि जो देश अमेरिका के आर्थिक दबाव अभियान में शामिल होंगे, ईरान उन्हें दुश्मन मानेगा। हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि तेहरान पहले संवाद के जरिए इन देशों को मनाने की कोशिश करेगा।
ईरान के विदेश मंत्री ने अमेरिकी नीति पर क्या कहा?
विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका के पास ईरानी जनता से सम्मानपूर्वक बात करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने ट्रंप के आर्थिक अभियान को 'दोहराई जाने वाली फिल्म' बताया और कहा कि ईरान इससे निपटना जानता है।
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