चेन्नई में 130 AC इलेक्ट्रिक बसें लॉन्च: CM विजय करेंगे ग्रीन ट्रांसपोर्ट के दूसरे चरण का उद्घाटन
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय मंगलवार, 26 अगस्त 2025 को चेन्नई के इलेक्ट्रिक बस कार्यक्रम के दूसरे चरण का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। शुरुआत में अलंदूर डिपो से 130 लो-फ्लोर एयर-कंडीशंड इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतरेंगी, जो चेन्नई को डीजल-मुक्त सार्वजनिक परिवहन की दिशा में एक ठोस कदम आगे ले जाएगी।
दूसरे चरण में क्या है खास
मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (MTC) इस चरण में शहर के सात डिपो — अलंदूर, सेंट्रल डिपो-2, पेराम्बुर, पडियानल्लूर, अवादी, के.के. नगर और अय्यप्पनथांगल — से कुल 750 नई लो-फ्लोर AC इलेक्ट्रिक बसें संचालित करने की योजना बना रहा है। मुख्यमंत्री तमिलनाडु सचिवालय परिसर से पाँच बसों को हरी झंडी दिखाकर सेवाओं की शुरुआत करेंगे।
बसों का लो-फ्लोर डिज़ाइन विशेष रूप से बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और चलने-फिरने में असुविधा महसूस करने वाले यात्रियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिससे चढ़ना-उतरना पहले से कहीं आसान होगा।
पहले चरण की पृष्ठभूमि
इस कार्यक्रम के पहले चरण में MTC ने व्यासरपाडी, पेरुम्बक्कम, पूनामल्ली, सेंट्रल डिपो और टोंडियारपेट प्रथम डिपो से 625 लो-फ्लोर इलेक्ट्रिक बसें पहले ही शुरू कर दी थीं। यह पहला चरण लगभग ₹697 करोड़ की अनुमानित लागत से पूरा हुआ। दूसरे चरण की सभी 750 बसें जब पूरी तरह सेवा में आ जाएंगी, तो दोनों चरणों को मिलाकर चेन्नई में इलेक्ट्रिक बसों की कुल संख्या 1,375 हो जाएगी।
पर्यावरण और यात्रियों पर असर
इलेक्ट्रिक बसों से किसी प्रकार का धुआं या हानिकारक उत्सर्जन नहीं होता, जिससे चेन्नई महानगर क्षेत्र में वाहन-जनित वायु प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। सरकार के अनुसार, इस विस्तार से अधिक भीड़-भाड़ वाले रूटों पर बसों की आवृत्ति बेहतर होगी और यात्रियों को अधिक शांत व आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा।
यह पहल तमिलनाडु सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य चेन्नई को एक स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल शहरी परिवहन प्रणाली की ओर ले जाना है।
इंफ्रास्ट्रक्चर तैयारी
दूसरे चरण के लिए चुने गए सातों डिपो पर चार्जिंग सुविधाएं और रखरखाव अवसंरचना तैयार की जा रही हैं। बसों को जरूरी सुविधाएं तैयार होने के साथ-साथ अलग-अलग बैच में सेवा में उतारा जाएगा।
आगे की राह
सरकार को उम्मीद है कि इलेक्ट्रिक बस बेड़े के इस विस्तार से ईंधन खपत और परिचालन उत्सर्जन में काफी कमी आएगी। 1,375 इलेक्ट्रिक बसों का यह संयुक्त बेड़ा चेन्नई को देश के उन अग्रणी शहरों में शामिल करेगा जो सार्वजनिक परिवहन के हरित रूपांतरण में सबसे आगे हैं।