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चेन्नई में 130 AC इलेक्ट्रिक बसें लॉन्च: CM विजय करेंगे ग्रीन ट्रांसपोर्ट के दूसरे चरण का उद्घाटन

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चेन्नई में 130 AC इलेक्ट्रिक बसें लॉन्च: CM विजय करेंगे ग्रीन ट्रांसपोर्ट के दूसरे चरण का उद्घाटन

सारांश

चेन्नई का इलेक्ट्रिक बस कार्यक्रम अपने दूसरे चरण में प्रवेश कर रहा है — CM विजय मंगलवार को 130 AC बसों की शुरुआत करेंगे और 750 बसों की पूर्ण तैनाती के बाद शहर का इलेक्ट्रिक बेड़ा 1,375 तक पहुंच जाएगा, जो डीजल-निर्भरता घटाने की दिशा में राज्य का अब तक का सबसे बड़ा कदम होगा।

मुख्य बातें

जोसेफ विजय मंगलवार को तमिलनाडु सचिवालय से चेन्नई इलेक्ट्रिक बस कार्यक्रम के दूसरे चरण का उद्घाटन करेंगे।
शुरुआती चरण में अलंदूर डिपो से 130 लो-फ्लोर AC इलेक्ट्रिक बसें सेवा में आएंगी।
दूसरे चरण में MTC के 7 डिपो से कुल 750 नई इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना है।
पहले चरण में 625 बसें लगभग ₹697 करोड़ की लागत से शुरू की गई थीं।
दोनों चरण पूरे होने पर चेन्नई में इलेक्ट्रिक बसों की कुल संख्या 1,375 हो जाएगी।
सातों डिपो पर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है; बसें बैच-दर-बैच उतारी जाएंगी।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय मंगलवार, 26 अगस्त 2025 को चेन्नई के इलेक्ट्रिक बस कार्यक्रम के दूसरे चरण का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। शुरुआत में अलंदूर डिपो से 130 लो-फ्लोर एयर-कंडीशंड इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतरेंगी, जो चेन्नई को डीजल-मुक्त सार्वजनिक परिवहन की दिशा में एक ठोस कदम आगे ले जाएगी।

दूसरे चरण में क्या है खास

मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (MTC) इस चरण में शहर के सात डिपो — अलंदूर, सेंट्रल डिपो-2, पेराम्बुर, पडियानल्लूर, अवादी, के.के. नगर और अय्यप्पनथांगल — से कुल 750 नई लो-फ्लोर AC इलेक्ट्रिक बसें संचालित करने की योजना बना रहा है। मुख्यमंत्री तमिलनाडु सचिवालय परिसर से पाँच बसों को हरी झंडी दिखाकर सेवाओं की शुरुआत करेंगे।

बसों का लो-फ्लोर डिज़ाइन विशेष रूप से बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और चलने-फिरने में असुविधा महसूस करने वाले यात्रियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिससे चढ़ना-उतरना पहले से कहीं आसान होगा।

पहले चरण की पृष्ठभूमि

इस कार्यक्रम के पहले चरण में MTC ने व्यासरपाडी, पेरुम्बक्कम, पूनामल्ली, सेंट्रल डिपो और टोंडियारपेट प्रथम डिपो से 625 लो-फ्लोर इलेक्ट्रिक बसें पहले ही शुरू कर दी थीं। यह पहला चरण लगभग ₹697 करोड़ की अनुमानित लागत से पूरा हुआ। दूसरे चरण की सभी 750 बसें जब पूरी तरह सेवा में आ जाएंगी, तो दोनों चरणों को मिलाकर चेन्नई में इलेक्ट्रिक बसों की कुल संख्या 1,375 हो जाएगी।

पर्यावरण और यात्रियों पर असर

इलेक्ट्रिक बसों से किसी प्रकार का धुआं या हानिकारक उत्सर्जन नहीं होता, जिससे चेन्नई महानगर क्षेत्र में वाहन-जनित वायु प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। सरकार के अनुसार, इस विस्तार से अधिक भीड़-भाड़ वाले रूटों पर बसों की आवृत्ति बेहतर होगी और यात्रियों को अधिक शांत व आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा।

यह पहल तमिलनाडु सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य चेन्नई को एक स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल शहरी परिवहन प्रणाली की ओर ले जाना है।

इंफ्रास्ट्रक्चर तैयारी

दूसरे चरण के लिए चुने गए सातों डिपो पर चार्जिंग सुविधाएं और रखरखाव अवसंरचना तैयार की जा रही हैं। बसों को जरूरी सुविधाएं तैयार होने के साथ-साथ अलग-अलग बैच में सेवा में उतारा जाएगा।

आगे की राह

सरकार को उम्मीद है कि इलेक्ट्रिक बस बेड़े के इस विस्तार से ईंधन खपत और परिचालन उत्सर्जन में काफी कमी आएगी। 1,375 इलेक्ट्रिक बसों का यह संयुक्त बेड़ा चेन्नई को देश के उन अग्रणी शहरों में शामिल करेगा जो सार्वजनिक परिवहन के हरित रूपांतरण में सबसे आगे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

375 इलेक्ट्रिक बसों का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, लेकिन असली कसौटी परिचालन निरंतरता होगी — न कि उद्घाटन की संख्या। पहले चरण की ₹697 करोड़ की लागत और अब 750 और बसों की योजना के बीच, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की तैयारी और रखरखाव क्षमता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। भारत के अन्य शहरों में इलेक्ट्रिक बस परियोजनाएं चार्जर की कमी और तकनीकी खराबी के कारण पटरी से उतरी हैं। तमिलनाडु सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि बेड़े का विस्तार केवल घोषणाओं तक सीमित न रहे, बल्कि यात्री-सेवा में मापनीय सुधार के रूप में सामने आए।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चेन्नई इलेक्ट्रिक बस कार्यक्रम का दूसरा चरण क्या है?
यह MTC का वह विस्तार कार्यक्रम है जिसके तहत चेन्नई के 7 डिपो से 750 नई लो-फ्लोर AC इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। शुरुआत में अलंदूर डिपो से 130 बसें सेवा में आएंगी और CM सी. जोसेफ विजय मंगलवार को इसका उद्घाटन करेंगे।
चेन्नई में अब तक कितनी इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं?
पहले चरण में MTC ने 5 डिपो से 625 लो-फ्लोर इलेक्ट्रिक बसें शुरू की थीं, जो लगभग ₹697 करोड़ की लागत से पूरी हुईं। दूसरे चरण की 750 बसें जुड़ने पर कुल संख्या 1,375 हो जाएगी।
दूसरे चरण की बसें किन डिपो से चलेंगी?
दूसरे चरण के लिए अलंदूर, सेंट्रल डिपो-2, पेराम्बुर, पडियानल्लूर, अवादी, के.के. नगर और अय्यप्पनथांगल — कुल 7 डिपो चुने गए हैं। इन सभी डिपो पर चार्जिंग सुविधाएं और रखरखाव अवसंरचना तैयार की जा रही है।
इलेक्ट्रिक बसों से चेन्नई के यात्रियों को क्या फायदा होगा?
लो-फ्लोर डिज़ाइन से बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को चढ़ने-उतरने में आसानी होगी। AC सुविधा से सफर आरामदायक बनेगा, भीड़-भाड़ वाले रूटों पर बसों की आवृत्ति बेहतर होगी और डीजल बसों की तुलना में शोर व प्रदूषण में भी कमी आएगी।
चेन्नई की इलेक्ट्रिक बस परियोजना पर्यावरण के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
इलेक्ट्रिक बसें शून्य प्रत्यक्ष उत्सर्जन करती हैं, जिससे चेन्नई महानगर में वाहन-जनित वायु प्रदूषण घटेगा। यह तमिलनाडु सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जो शहरी परिवहन को डीजल-निर्भरता से मुक्त कर स्वच्छ ऊर्जा की ओर ले जाना चाहती है।
राष्ट्र प्रेस
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