28 जुलाई 2026
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चेन्नई पोर्ट-मदुरवोयल एलिवेटेड कॉरिडोर: ₹5,600 करोड़ के प्रोजेक्ट का 22% काम पूरा, मार्च 2029 तक पूर्ण होने का लक्ष्य

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चेन्नई पोर्ट-मदुरवोयल एलिवेटेड कॉरिडोर: ₹5,600 करोड़ के प्रोजेक्ट का 22% काम पूरा, मार्च 2029 तक पूर्ण होने का लक्ष्य

सारांश

₹5,600 करोड़ का चेन्नई पोर्ट-मदुरवोयल एलिवेटेड कॉरिडोर 22% पूरा हो चुका है — कूवम नदी के ऊपर बन रहा यह 15.5 किमी का मार्ग मार्च 2029 तक तैयार होगा। साथ ही NHAI तमिलनाडु में ₹3,186 करोड़ की नई एलिवेटेड रोड और कई राजमार्ग उन्नयन परियोजनाओं पर भी काम कर रहा है।

मुख्य बातें

चेन्नई पोर्ट-मदुरवोयल एलिवेटेड कॉरिडोर का 22% निर्माण कार्य पूरा; परियोजना लागत ₹5,600 करोड़ ।
15.5 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर कूवम नदी के ऊपर बनाया जा रहा है; पूर्णता लक्ष्य मार्च 2029 ।
सितंबर से जनवरी तक उत्तर-पूर्व मॉनसून के दौरान नदी किनारे निर्माण कार्य रोका जाएगा।
NHAI कलंबक्कम से महिंद्रा सिटी तक ₹3,186 करोड़ की प्रस्तावित एलिवेटेड रोड के लिए DPR तैयार कर रहा है।
चेंगलपट्टू-तिंडीवनम राजमार्ग को ₹398 करोड़ की लागत से छह-लेन में उन्नत किया जाएगा।
तिंडिवनम-पुडुचेरी राजमार्ग पर ₹147 करोड़ की सड़क सुरक्षा परियोजना शीघ्र आरंभ होगी।

चेन्नई पोर्ट-मदुरवोयल एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण कार्य तेज़ गति से आगे बढ़ रहा है — 28 जुलाई 2026 तक ₹5,600 करोड़ के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का लगभग 22 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। तमिलनाडु के सबसे बड़े सड़क अवसंरचना प्रोजेक्ट्स में शुमार यह कॉरिडोर चेन्नई पोर्ट और मदुरवोयल के बीच सीधा हाई-स्पीड संपर्क स्थापित करेगा, जिससे कार्गो आवाजाही में सुधार और शहर की मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक दबाव में कमी की उम्मीद है।

परियोजना की मुख्य विशेषताएँ

15.5 किलोमीटर लंबा यह एलिवेटेड एक्सप्रेसवे कूवम नदी के ऊपर से गुज़रेगा, जो इसे देश के सबसे तकनीकी रूप से जटिल शहरी राजमार्ग प्रोजेक्ट्स में से एक बनाता है। अधिकारियों के अनुसार, कॉरिडोर के चालू होने के बाद कंटेनर ट्रकों का यात्रा समय उल्लेखनीय रूप से घटेगा और माल ढुलाई क्षमता में भी सुधार होगा।

भारी वाणिज्यिक वाहनों को इस एलिवेटेड मार्ग पर डायवर्ट किया जाएगा, जिससे शहर की कई प्रमुख सड़कों पर यातायात जाम से राहत मिलने की संभावना है।

मॉनसून के दौरान निर्माण पर रोक

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सितंबर से जनवरी तक चलने वाले उत्तर-पूर्व मॉनसून सीज़न के दौरान नदी किनारे के निर्माण कार्य को रोका जाएगा, क्योंकि भारी वर्षा में सुरक्षित निर्माण संभव नहीं है। इस मौसमी बाधा के बावजूद, परियोजना का पूर्णता लक्ष्य मार्च 2029 निर्धारित है।

दक्षिणी कॉरिडोर में नई परियोजनाएँ

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) एक और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर रहा है। यह प्रस्तावित एलिवेटेड रोड चंगलपट्टू के पास कलंबक्कम से महिंद्रा सिटी तक जाएगी, जिसकी अनुमानित लागत ₹3,186 करोड़ है।

इस प्रस्तावित मार्ग को चेन्नई मेट्रो रेल विस्तार परियोजना के साथ एकीकृत करने के लिए भी अध्ययन जारी हैं, ताकि यात्रियों के लिए बेहतर मल्टीमॉडल परिवहन संपर्क सुनिश्चित किया जा सके।

राजमार्ग उन्नयन और सुरक्षा परियोजनाएँ

NHAI चालू वित्त वर्ष में चेंगलपट्टू-तिंडीवनम राष्ट्रीय राजमार्ग को छह-लेन में चौड़ा करने की योजना भी बना रहा है। ₹398 करोड़ की अनुमानित लागत वाले इस उन्नयन से इस व्यस्त मार्ग पर यात्रियों और वाणिज्यिक वाहनों की बढ़ती संख्या को संभालने में मदद मिलेगी।

इसके अतिरिक्त, तिंडिवनम-पुडुचेरी राष्ट्रीय राजमार्ग को अधिक सुरक्षित बनाने का कार्य भी शीघ्र आरंभ होगा। ₹147 करोड़ के इस प्रोजेक्ट में सात दुर्घटना-संभावित स्थलों पर इंजीनियरिंग उपायों और बेहतर सड़क अवसंरचना के ज़रिए सुधार किया जाएगा।

टोल प्लाजा नीति पर स्पष्टीकरण

अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल प्लाजा सामान्यतः लगभग 60 किलोमीटर के अंतराल पर स्थापित किए जाते हैं। कुछ खंडों में यह दूरी अधिक रखी जाती है, ताकि चालकों पर आर्थिक भार कम हो और राजमार्ग नेटवर्क का संचालन एवं रखरखाव सुचारू रूप से जारी रहे।

गौरतलब है कि चेन्नई में बंदरगाह-आधारित माल ढुलाई की बढ़ती माँग और शहरी यातायात दबाव के बीच यह परियोजना तमिलनाडु की कनेक्टिविटी रणनीति का अहम हिस्सा बनती जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मॉनसून-जनित निर्माण विराम और कूवम नदी जैसी भौगोलिक जटिलताएँ मार्च 2029 की समयसीमा को वास्तविक चुनौती देती हैं। तमिलनाडु में एक साथ कई बड़ी परियोजनाओं — एलिवेटेड रोड, छह-लेन उन्नयन, सुरक्षा सुधार — का एकसाथ क्रियान्वयन NHAI की क्षमता और बजट प्रबंधन की परीक्षा लेगा। असली सवाल यह है कि क्या इन परियोजनाओं के बीच समन्वय सुनिश्चित होगा, या ये अलग-अलग टुकड़ों में पूरी होकर अपेक्षित यातायात राहत देने में विफल रहेंगी।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चेन्नई पोर्ट-मदुरवोयल एलिवेटेड कॉरिडोर क्या है?
यह तमिलनाडु की सबसे बड़ी सड़क अवसंरचना परियोजनाओं में से एक है, जो चेन्नई पोर्ट और मदुरवोयल के बीच 15.5 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड हाई-स्पीड मार्ग प्रदान करेगी। ₹5,600 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना का उद्देश्य कार्गो आवाजाही सुगम बनाना और शहरी यातायात दबाव कम करना है।
चेन्नई एलिवेटेड कॉरिडोर कब तक पूरा होगा?
अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना का निर्माण मार्च 2029 तक पूरा होने की उम्मीद है। अब तक लगभग 22 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
मॉनसून के दौरान निर्माण क्यों रोका जाएगा?
उत्तर-पूर्व मॉनसून सीज़न (सितंबर से जनवरी) में कूवम नदी के किनारे भारी वर्षा के कारण सुरक्षित निर्माण संभव नहीं होता, इसलिए अधिकारियों ने इस अवधि में नदी तटीय कार्य रोकने का निर्णय लिया है।
कलंबक्कम-महिंद्रा सिटी एलिवेटेड रोड परियोजना क्या है?
NHAI चंगलपट्टू के पास कलंबक्कम से महिंद्रा सिटी तक एक नई एलिवेटेड रोड के लिए ₹3,186 करोड़ की अनुमानित लागत पर DPR तैयार कर रहा है। यह परियोजना चेन्नई के दक्षिणी कॉरिडोर में कनेक्टिविटी बेहतर करने और चेन्नई मेट्रो रेल विस्तार से जोड़ने के उद्देश्य से प्रस्तावित है।
तमिलनाडु में NHAI की अन्य कौन-सी परियोजनाएँ चल रही हैं?
NHAI चेंगलपट्टू-तिंडीवनम राष्ट्रीय राजमार्ग को ₹398 करोड़ की लागत से छह-लेन में उन्नत करने और तिंडिवनम-पुडुचेरी राजमार्ग पर ₹147 करोड़ की सड़क सुरक्षा परियोजना शुरू करने की योजना बना रहा है, जिसमें सात दुर्घटना-संभावित स्थलों पर सुधार किए जाएँगे।
राष्ट्र प्रेस
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