तमिलनाडु CM विजय का ₹4,800 करोड़ का डिसेलिनेशन प्लांट समेत बड़े शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 2 सितंबर 2026 को विधानसभा में पीने के पानी, सीवरेज, सड़क, हरित क्षेत्र और डिजिटल परिवहन से जुड़ी कई महत्वाकांक्षी योजनाओं का ऐलान किया। इसके साथ ही उन्होंने विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों और शिक्षकों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने की भी घोषणा की। ये घोषणाएँ उस समय की गईं जब सदन में डेयरी विकास, मत्स्य पालन और पशुपालन के लिए अनुदान माँगों पर चर्चा हो रही थी।
मुख्य घटनाक्रम: सबसे बड़ा प्रोजेक्ट
इस पूरे पैकेज का केंद्रबिंदु मिंजुर में स्थापित होने वाला 400 मिलियन लीटर प्रतिदिन क्षमता का समुद्री जल डिसेलिनेशन प्लांट है, जिसकी अनुमानित लागत ₹4,800 करोड़ है। यह प्लांट उत्तरी चेन्नई, अवादी, पोन्नेरी और मिंजुर क्षेत्र की पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करेगा। इसके अतिरिक्त, ₹500 करोड़ की एक अलग योजना के तहत अवादी कॉर्पोरेशन के प्रत्येक घर में चौबीसों घंटे जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
जल एवं सीवरेज अवसंरचना
सरकार मदुरै और कुड्डालोर कॉर्पोरेशन, 9 नगर पालिकाओं और 20 टाउन पंचायतों में जल सुविधाओं के उन्नयन पर ₹1,000 करोड़ व्यय करेगी। 33 पुरानी संयुक्त जल-आपूर्ति योजनाओं के नवीनीकरण के पहले चरण में ₹300 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जबकि चेन्नई के किलपॉक जल उपचार संयंत्र की क्षमता ₹410 करोड़ की लागत से बढ़ाई जाएगी।
सीवरेज के मोर्चे पर, मदुरै के 40 वर्ष पुराने भूमिगत सीवरेज नेटवर्क के आधुनिकीकरण का पहला चरण इसी वर्ष ₹2,400 करोड़ की लागत से आरंभ होगा। नागरकोइल कॉर्पोरेशन और कुंद्राथुर तथा नंदीवरम-गुडुवांचेरी नगर पालिकाओं में ₹960 करोड़ के नए भूमिगत जल निकासी प्रोजेक्ट लागू किए जाएँगे। पेरंबूर, कोलाथुर, विल्लीवक्कम और एग्मोर में जल एवं सीवरेज नेटवर्क को ₹236 करोड़ की लागत से सुदृढ़ किया जाएगा।
सड़क, ऊर्जा और हरित क्षेत्र
चेन्नई सहित शहरी स्थानीय निकायों में सड़क निर्माण और मरम्मत के लिए ₹1,850 करोड़ की राशि आवंटित की गई है। स्कूलों के आसपास सुरक्षित मार्ग, जंक्शन सुधार और अन्य नगर निगमों में इसी प्रकार के कार्यों पर ₹275 करोड़ खर्च किए जाएँगे।
तिरुनेलवेली में 9 मेगावाट और सलेम में 10 मेगावाट क्षमता के वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट ₹547 करोड़ की संयुक्त लागत से स्थापित किए जाएँगे। हरित अवसंरचना के अंतर्गत ₹305 करोड़ की लागत से 1 करोड़ पौधे लगाए और उनकी देखभाल की जाएगी; तिरुचि, तिरुप्पुर और पुदुक्कोट्टई में बड़े पार्क और राज्यभर में 250 पार्क विकसित किए जाएँगे।
विरासत, पर्यटन और डिजिटल परिवहन
विरासत क्षेत्र में चिदंबरम की चार 'कार स्ट्रीट' (रथ यात्रा मार्गों) को बेहतर बनाया जाएगा, कुड्डालोर में फोर्ट सेंट डेविड से सिल्वर बीच तक हेरिटेज वॉक विकसित की जाएगी और कन्याकुमारी के समुद्र तट का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
15 सितंबर 2026 से ड्राइविंग टेस्ट उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवारों को उसी दिन डिजिटल ड्राइविंग लाइसेंस प्रदान किया जाएगा, और वाहन मालिक डिजिटल पंजीकरण प्रमाणपत्र ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। यह ऐलान तमिलनाडु में डिजिटल शासन की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।
आम जनता पर असर
गौरतलब है कि उत्तरी चेन्नई और उसके उपनगरीय क्षेत्रों में पेयजल की कमी एक दीर्घकालिक समस्या रही है। मिंजुर डिसेलिनेशन प्लांट जैसे बड़े प्रोजेक्ट से लाखों निवासियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। किसानों और शिक्षकों के मुकदमे वापस लेने की घोषणा से राजनीतिक दृष्टिकोण से सरकार को राहत मिलने का अनुमान है, हालाँकि इन घोषणाओं के क्रियान्वयन की समयसीमा और प्रक्रिया अभी स्पष्ट नहीं की गई है।