तमिलनाडु CM विजय ने निर्मला सीतारमण से मांगा इंफ्रास्ट्रक्चर फंड, मेट्रो-बंदरगाह समेत कई परियोजनाओं पर चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 28 मई 2025 को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की और राज्य के बुनियादी ढाँचे, शिक्षा, परिवहन तथा उद्योग से जुड़ी प्रमुख परियोजनाओं के लिए केंद्रीय सहयोग की माँग रखी। वित्त मंत्रालय कार्यालय में हुई इस शिष्टाचार भेंट में मुख्यमंत्री ने राज्य की विकास गति बनाए रखने के लिए प्राथमिकता के आधार पर फंड जारी करने का अनुरोध किया।
इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर जोर
मुख्यमंत्री विजय ने बैठक में बंदरगाह, राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे परियोजनाओं और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर जैसे बड़े बुनियादी ढाँचे के कार्यों के लिए केंद्र से तत्काल वित्तीय सहायता माँगी। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु तेज़ी से विकसित होने वाले राज्यों में अग्रणी बन रहा है और इस गति को बनाए रखने के लिए केंद्र का सक्रिय सहयोग अनिवार्य है।
इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने होसुर, कोयंबटूर और मदुरै जैसे औद्योगिक एवं आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शहरों में मेट्रो रेल परियोजनाओं के लिए आवश्यक फंड जारी करने का अनुरोध किया, ताकि इन शहरों की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सुलभ बनाया जा सके।
शिक्षा और रक्षा क्षेत्र की माँगें
मुख्यमंत्री विजय ने तमिलनाडु की सुदृढ़ शिक्षा व्यवस्था का उल्लेख करते हुए राज्य में 'इंस्टीट्यूट ऑफ नेशनल इम्पॉर्टेंस' स्थापित करने की माँग भी वित्त मंत्री के समक्ष रखी। यह माँग राज्य की उच्च शिक्षा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
रक्षा क्षेत्र में, मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अलग हुई बैठक में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के साथ एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) डिज़ाइन एंड डेवलपमेंट सेंटर और सेंटर फॉर एयरबोर्न सिस्टम्स (CABS) को तमिलनाडु में स्थापित करने की माँग दोहराई। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं को लेकर कई वर्षों से चर्चा चल रही है और अब अंतिम मंज़ूरी का समय आ गया है।
तमिल संस्कृति और 'तमिल थाई वाझ्थु' विवाद
प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक में मुख्यमंत्री विजय ने 'तमिल थाई वाझ्थु' — तमिलनाडु के राज्य आह्वान गीत — का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि परंपरागत रूप से राज्य के सभी सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत इसी गीत से होती रही है, किंतु जनवरी 2025 में गृह मंत्रालय द्वारा जारी एक परिपत्र के बाद कुछ आयोजनों में पहले राष्ट्रगान गाया जाने लगा। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि गृह मंत्रालय को स्पष्ट निर्देश दिए जाएँ, जिससे सरकारी कार्यक्रम पूर्ववत 'तमिल थाई वाझ्थु' से ही आरंभ हों।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री की नीदरलैंड यात्रा के दौरान आनाई मंगालम कॉपर प्लेट्स को भारत वापस लाने के प्रयास के लिए उनका आभार जताया और इसे तमिल संस्कृति एवं इतिहास के संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।
मेकेदातु बाँध विवाद और कावेरी जल संकट
कावेरी नदी पर प्रस्तावित मेकेदातु बाँध परियोजना का मुद्दा भी प्रधानमंत्री के साथ बैठक में प्रमुखता से उठा। मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री द्वारा मेकेदातु बाँध के भूमि पूजन की घोषणा कावेरी जल विवाद ट्रिब्यूनल और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि इस घोषणा से तमिलनाडु के किसानों में गहरी चिंता उत्पन्न हुई है।
विजय ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि जल शक्ति मंत्रालय और केंद्रीय जल आयोग को यह निर्देश दिए जाएँ कि तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी की सहमति के बिना इस परियोजना को किसी भी स्तर पर मंज़ूरी न दी जाए। गौरतलब है कि मेकेदातु परियोजना वर्षों से दोनों राज्यों के बीच विवाद का केंद्र रही है और यह पहली बार नहीं है जब किसी तमिलनाडु मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर केंद्र से हस्तक्षेप माँगा हो।
आगे की राह
वित्त मंत्री कार्यालय ने इस मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की। दोनों नेताओं के बीच हुई इन बैठकों को राज्य-केंद्र संबंधों के लिहाज़ से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब देखना यह होगा कि केंद्र सरकार तमिलनाडु की इन माँगों पर कितनी जल्दी और किस रूप में प्रतिक्रिया देती है — विशेषकर उन परियोजनाओं पर जो वर्षों से लंबित हैं।