12 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

NPS में रिटायरमेंट निवेश: रिटर्न, निकासी नियम और टैक्स लाभ की पूरी जानकारी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
NPS में रिटायरमेंट निवेश: रिटर्न, निकासी नियम और टैक्स लाभ की पूरी जानकारी

सारांश

NPS सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं — यह रिटायरमेंट के बाद आर्थिक आत्मनिर्भरता का एक अनुशासित ढाँचा है। 9-12% के ऐतिहासिक रिटर्न, तीन स्तरीय टैक्स छूट और लचीली आंशिक निकासी सुविधा के साथ यह उन निवेशकों के लिए एक ठोस विकल्प है जो जल्दी शुरुआत करने और लंबे समय तक टिके रहने की क्षमता रखते हैं।

मुख्य बातें

नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) की शुरुआत 1 जनवरी 2004 को हुई; अब 18 से 70 वर्ष के सभी भारतीय नागरिक इसमें निवेश कर सकते हैं।
टियर-1 खाते में न्यूनतम ₹500 से खाता खुलता है; वार्षिक न्यूनतम निवेश ₹1,000 अनिवार्य; अधिकतम सीमा नहीं।
पिछले वर्षों में NPS फंडों ने औसतन 9 से 12 प्रतिशत सालाना रिटर्न दिया है, हालाँकि यह बाज़ार पर निर्भर है और गारंटीशुदा नहीं।
धारा 80CCD(1B) के तहत ₹50,000 की अतिरिक्त टैक्स छूट सहित तीन धाराओं में कर लाभ उपलब्ध।
60 वर्ष पर कुल फंड का 60% एकमुश्त निकासी; शेष 40% से एन्युटी खरीदना अनिवार्य।
3 वर्ष के निवेश के बाद स्वयं के योगदान का 25% तक आंशिक निकासी — पढ़ाई, विवाह, घर या गंभीर बीमारी के लिए।

नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) भारत सरकार द्वारा 1 जनवरी 2004 को शुरू की गई एक दीर्घकालिक, बाज़ार-आधारित रिटायरमेंट बचत योजना है, जो आज 18 से 70 वर्ष के हर भारतीय नागरिक के लिए खुली है। यह योजना नियमित निवेश के ज़रिए रिटायरमेंट के बाद नियमित मासिक पेंशन सुनिश्चित करती है। विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ती महंगाई और बदलती जीवनशैली के दौर में केवल बचत पर्याप्त नहीं — रिटायरमेंट के बाद आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए अनुशासित निवेश ज़रूरी है।

NPS कैसे काम करता है

NPS एक मार्केट-लिंक्ड स्कीम है, जिसमें निवेशक की राशि शेयर बाज़ार, सरकारी प्रतिभूतियों, कॉरपोरेट बॉन्ड और अन्य परिसंपत्तियों में विभाजित होती है। निवेशक चाहे तो एक्टिव चॉइस के तहत खुद एसेट एलोकेशन तय कर सकता है, या ऑटो चॉइस का विकल्प चुन सकता है — जिसमें उम्र बढ़ने के साथ जोखिम अपने आप कम होता जाता है।

60 वर्ष की आयु पूरी होने पर निवेशक अपने कुल संचित फंड का 60 प्रतिशत तक एकमुश्त निकाल सकता है। शेष कम से कम 40 प्रतिशत राशि से एन्युटी खरीदना अनिवार्य है, जिससे हर महीने पेंशन मिलती है।

कौन कर सकता है निवेश और कैसे खोलें खाता

18 से 70 वर्ष का कोई भी भारतीय नागरिक — नौकरीपेशा, व्यवसायी या स्वरोज़गार करने वाला — NPS में निवेश कर सकता है। अनिवासी भारतीय (NRI) भी निर्धारित शर्तों के तहत खाता खोल सकते हैं। इसके लिए आधार, पैन, बैंक खाता और KYC प्रक्रिया पूरी करना आवश्यक है।

खाता खोलने के लिए दो विकल्प हैं — ऑनलाइन: NSDL eNPS पोर्टल, KFintech eNPS पोर्टल या अधिकृत बैंकों की इंटरनेट बैंकिंग के ज़रिए; ऑफलाइन: किसी अधिकृत बैंक, पोस्ट ऑफिस या NPS पॉइंट ऑफ प्रज़ेंस (POP) पर जाकर।

निवेश की न्यूनतम सीमा और रिटर्न

टियर-1 खाते में खाता खोलते समय कम से कम ₹500 जमा करने होते हैं, और पूरे वित्त वर्ष में न्यूनतम ₹1,000 का निवेश अनिवार्य है। निवेश की कोई अधिकतम सीमा नहीं है। निवेशक मासिक, तिमाही या सालाना आधार पर राशि जमा कर सकते हैं।

चूँकि NPS बाज़ार से जुड़ी योजना है, इसमें बैंक FD जैसा निश्चित ब्याज नहीं मिलता। आँकड़ों के अनुसार, पिछले कई वर्षों में विभिन्न NPS फंडों ने औसतन 9 से 12 प्रतिशत सालाना तक का रिटर्न दिया है। कुछ इक्विटी-आधारित स्कीमों में इससे भी बेहतर प्रदर्शन देखा गया है। हालाँकि, भविष्य के रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती और यह बाज़ार की स्थितियों पर निर्भर करता है।

टैक्स लाभ

NPS टैक्स बचत के लिहाज़ से भी एक लोकप्रिय विकल्प है। आयकर अधिनियम की धारा 80CCD(1) के तहत निवेश पर टैक्स छूट मिलती है। इसके अलावा धारा 80CCD(1B) के तहत अतिरिक्त ₹50,000 तक की छूट का लाभ भी लिया जा सकता है। यदि नियोक्ता भी NPS में योगदान करता है, तो धारा 80CCD(2) के तहत अलग से टैक्स लाभ मिलता है।

आंशिक और समयपूर्व निकासी के नियम

NPS पूरी तरह लॉक-इन योजना नहीं है। कम से कम तीन वर्ष तक निवेश के बाद निवेशक अपने स्वयं के योगदान का 25 प्रतिशत तक आंशिक निकासी कर सकता है। यह सुविधा बच्चों की पढ़ाई, विवाह, घर खरीदने या बनाने, और गंभीर बीमारी के इलाज जैसी ज़रूरतों के लिए उपलब्ध है।

यदि कोई निवेशक 60 वर्ष से पहले पूरी तरह NPS से बाहर निकलना चाहता है, तो वह केवल 20 प्रतिशत राशि एकमुश्त निकाल सकता है, जबकि शेष 80 प्रतिशत से एन्युटी खरीदना अनिवार्य होता है। यदि कुल कॉर्पस नियामक द्वारा निर्धारित सीमा से कम हो, तो कुछ मामलों में पूरी राशि एकसाथ निकालने की अनुमति मिल सकती है।

बाज़ार विशेषज्ञों का कहना है कि NPS उन निवेशकों के लिए विशेष रूप से उपयुक्त है जो कम उम्र से अनुशासित और दीर्घकालिक निवेश करना चाहते हैं और रिटायरमेंट के बाद नियमित पेंशन के रूप में आय सुनिश्चित करना चाहते हैं। जितनी जल्दी और जितना अधिक निवेश शुरू होगा, रिटायरमेंट तक उतना बड़ा फंड तैयार हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी सबसे बड़ी सीमा यही है कि रिटायरमेंट पर अनिवार्य एन्युटी से मिलने वाली पेंशन उस समय की ब्याज दरों पर निर्भर करती है — जो दशकों बाद क्या होंगी, यह अनिश्चित है। इसके अलावा 60 वर्ष से पहले पूर्ण निकासी पर 80% राशि को एन्युटी में लगाने की शर्त निवेशकों की तरलता को गंभीर रूप से सीमित करती है, जो आपात स्थितियों में बाधा बन सकती है। मुख्यधारा की कवरेज प्रायः टैक्स लाभ को उजागर करती है, लेकिन एन्युटी बाज़ार की अपारदर्शिता और पेंशन की वास्तविक क्रय शक्ति पर महंगाई के असर को नज़रअंदाज़ कर देती है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) क्या है और यह कैसे काम करता है?
NPS केंद्र सरकार द्वारा 1 जनवरी 2004 को शुरू की गई एक बाज़ार-आधारित दीर्घकालिक रिटायरमेंट योजना है, जिसमें निवेशक की राशि शेयर बाज़ार, सरकारी प्रतिभूतियों और कॉरपोरेट बॉन्ड में लगाई जाती है। 60 वर्ष की आयु पर कुल फंड का 60% एकमुश्त निकाला जा सकता है और शेष 40% से एन्युटी खरीदकर मासिक पेंशन प्राप्त की जाती है।
NPS में कितना रिटर्न मिलता है?
NPS में बैंक FD जैसा निश्चित ब्याज नहीं मिलता। आँकड़ों के अनुसार, पिछले कई वर्षों में विभिन्न NPS फंडों ने औसतन 9 से 12 प्रतिशत सालाना तक का रिटर्न दिया है। कुछ इक्विटी-आधारित स्कीमों में इससे भी बेहतर प्रदर्शन रहा है, लेकिन भविष्य के रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती।
NPS में टैक्स छूट कैसे मिलती है?
NPS निवेश पर आयकर अधिनियम की धारा 80CCD(1) के तहत टैक्स छूट मिलती है। धारा 80CCD(1B) के तहत अतिरिक्त ₹50,000 की छूट भी ली जा सकती है। यदि नियोक्ता भी NPS में योगदान करता है तो धारा 80CCD(2) के तहत अलग से टैक्स लाभ उपलब्ध है।
क्या 60 साल से पहले NPS से पैसा निकाला जा सकता है?
हाँ, कम से कम तीन वर्ष तक निवेश के बाद निवेशक अपने स्वयं के योगदान का 25% तक आंशिक निकासी कर सकता है — बच्चों की पढ़ाई, विवाह, घर खरीदने या गंभीर बीमारी के इलाज जैसी विशेष ज़रूरतों के लिए। यदि 60 वर्ष से पहले पूरी तरह बाहर निकलना हो तो केवल 20% एकमुश्त निकाल सकते हैं और शेष 80% से एन्युटी खरीदनी होती है।
NPS खाता कौन खोल सकता है और कैसे?
18 से 70 वर्ष का कोई भी भारतीय नागरिक — नौकरीपेशा, व्यवसायी या स्वरोज़गार — NPS खाता खोल सकता है। NRI भी निर्धारित शर्तों पर पात्र हैं। खाता NSDL eNPS या KFintech eNPS पोर्टल के ज़रिए ऑनलाइन, या किसी अधिकृत बैंक, पोस्ट ऑफिस या NPS POP पर जाकर ऑफलाइन खोला जा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 1 साल पहले