एस. जानकी अम्मा के अंतिम दर्शन के लिए मैसूर उमड़ा, HDK कनियानाहुंडी फार्म में होगा अंतिम संस्कार
सारांश
मुख्य बातें
प्रसिद्ध प्लेबैक गायिका एस. जानकी अम्मा के पार्थिव शरीर को 12 जुलाई को मैसूर के महाराजा ग्राउंड में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जहाँ हज़ारों श्रद्धालु और प्रशंसक उन्हें अंतिम विदाई देने पहुँचे। रविवार को मैसूरु तालुक के एचडीके कनियानाहुंडी फार्म में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। 88 वर्ष की आयु में शनिवार को मैसूर के एक निजी अस्पताल में उनका निधन हुआ था।
श्रद्धांजलि और अंतिम दर्शन
गायिका सुनीता उपद्रष्टा ने अंतिम दर्शन के बाद जानकी अम्मा को 'सरस्वती' की उपाधि दी और उन्हें गायकों की कई पीढ़ियों का मार्गदर्शक बताया। उन्होंने जानकी अम्मा की बहुमुखी प्रतिभा, विनम्रता और सभी के प्रति उनके स्नेह को अविस्मरणीय बताया।
अभिनेता जयप्रकाश ने उनके निधन को कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री के लिए अपूरणीय क्षति करार दिया। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि जानकी अम्मा को मरणोपरांत कर्नाटक राज्योत्सव पुरस्कार से सम्मानित किया जाए। जयप्रकाश ने यह भी कहा कि सरकार को उनके जीवित रहते उनकी अधिक सुध लेनी चाहिए थी।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
कांग्रेस विधायक शरणबसप्पा दर्शनपुर ने कहा, 'उन्होंने कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री के लिए हज़ारों गाने गाए और खुद को सबसे सम्मानित प्लेबैक सिंगर्स में से एक बनाया। उनके गाने आज भी लोगों के दिलों में ज़िंदा हैं। उनका जाना हम सभी के लिए बहुत बड़ा नुकसान है।' उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार के प्रतिनिधि पहले ही परिवार से मिलकर संवेदनाएँ दे चुके हैं।
राष्ट्रीय नेताओं ने जताया शोक
जानकी अम्मा के निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देश के अनेक शीर्ष नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया। उनके निधन से भारतीय संगीत जगत में शोक की लहर है।
एस. जानकी अम्मा की विरासत
जानकी अम्मा ने दशकों तक कन्नड़ सहित अनेक भारतीय भाषाओं में हज़ारों गाने गाए और प्लेबैक गायन की दुनिया में अपना एक विशिष्ट स्थान बनाया। उनकी आवाज़ और विनम्र स्वभाव ने उन्हें पीढ़ियों के संगीत प्रेमियों का प्रिय बनाया। यह ऐसे समय में आया है जब कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री अपने कई दिग्गजों को खो रही है, और जानकी अम्मा का जाना उस कड़ी में एक गहरा आघात है।