एस. जानकी अम्मा के निधन पर राष्ट्रपति मुर्मु और गृह मंत्री शाह ने जताया शोक, 20 भाषाओं में 48,000 गाने गाने वाली आवाज़ हुई खामोश
सारांश
मुख्य बातें
पार्श्व गायिका एस. जानकी अम्मा के निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत देश के शीर्ष नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है। 12 जुलाई 2026 को दी गई श्रद्धांजलियों में नेताओं ने कहा कि भारत ने एक ऐसा संगीत आइकन खो दिया है जिसकी आवाज़ छह दशकों से अधिक समय तक करोड़ों श्रोताओं के दिलों में बसी रही। 88 वर्ष की आयु में मैसूर में उनका निधन हुआ।
राष्ट्रपति और गृह मंत्री की श्रद्धांजलि
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'मशहूर पार्श्व गायिका एस. जानकी अम्मा के निधन से भारत ने एक संगीत आइकन खो दिया है। उनकी असाधारण गायकी ने पीढ़ियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।' राष्ट्रपति ने कहा कि जानकी अम्मा ने हिंदी, ओडिया, तुलु, उर्दू, पंजाबी और बंगाली समेत लगभग 20 भारतीय भाषाओं में हज़ारों गाने रिकॉर्ड किए और उनका सदाबहार संगीत हमेशा अमूल्य रहेगा।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'एक मधुर आवाज़, जानकी ने उन गीतों में जान डाल दी जो विभिन्न भाषाओं में हमेशा के लिए क्लासिक बन गए। हमारे देश के सबसे सम्मानित सांस्कृतिक प्रतीकों में से एक, वह संगीत की दुनिया में एक ऐसा खालीपन छोड़ गई हैं जिसकी भरपाई नहीं हो सकती।' उन्होंने शोक संतप्त परिवार, मित्रों और प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।
अंतिम संस्कार की तैयारियाँ और सुरक्षा व्यवस्था
जानकी अम्मा का अंतिम संस्कार मैसूरु तालुक के कनियानाहुंडी फार्म में किया जाएगा। उनके पार्थिव शरीर को उनके घर से महाराजा ग्राउंड ले जाया गया, जहाँ बड़ी संख्या में प्रशंसक अंतिम दर्शन के लिए पहुँच रहे हैं। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा बंदोबस्त किए हैं — 4 एसीपी, 12 इंस्पेक्टर, 20 पीएसआई, 3 केएसआरपी यूनिट और 3 कमांडो फोर्स यूनिट समेत कुल 455 पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं।
छह दशकों का अप्रतिम करियर
एस. जानकी ने 1957 में तमिल फिल्म 'विधियिन विलायटू' से प्लेबैक सिंगिंग में पदार्पण किया। उसी वर्ष उन्होंने मलयालम सिनेमा में भी कदम रखा और पहले ही साल में छह अलग-अलग भारतीय भाषाओं में गाने रिकॉर्ड किए — जो भारतीय संगीत इतिहास में एक अभूतपूर्व शुरुआत थी। 1957 से 2017 तक फैले अपने करियर में उन्होंने कन्नड़, तमिल, तेलुगु, मलयालम और हिंदी सहित 20 भाषाओं में 48,000 से अधिक गाने रिकॉर्ड किए, जिससे वह इतिहास की सर्वाधिक गाने वाली प्लेबैक सिंगरों में शुमार हो गईं।
पुरस्कार और विरासत
जानकी अम्मा ने 1970 में बेस्ट सिंगर श्रेणी में अपना पहला केरल स्टेट फिल्म अवॉर्ड जीता और अगले लगभग 15 वर्षों तक इस श्रेणी में अपना वर्चस्व बनाए रखा। अपने पूरे करियर में उन्होंने 4 राष्ट्रीय फिल्म अवॉर्ड और 33 राज्य फिल्म अवॉर्ड अर्जित किए। उन्होंने सर्वाधिक गाने कन्नड़ भाषा में और उसके बाद मलयालम भाषा में गाए। उनकी आवाज़ की विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।