12 जुलाई 2026
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एस. जानकी अम्मा के निधन पर राष्ट्रपति मुर्मु और गृह मंत्री शाह ने जताया शोक, 20 भाषाओं में 48,000 गाने गाने वाली आवाज़ हुई खामोश

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एस. जानकी अम्मा के निधन पर राष्ट्रपति मुर्मु और गृह मंत्री शाह ने जताया शोक, 20 भाषाओं में 48,000 गाने गाने वाली आवाज़ हुई खामोश

सारांश

छह दशकों में 20 भाषाओं और 48,000 से अधिक गानों की विरासत छोड़ने वाली पार्श्व गायिका एस. जानकी अम्मा अब नहीं रहीं। राष्ट्रपति मुर्मु और गृह मंत्री शाह ने उन्हें भारत का अपूरणीय सांस्कृतिक प्रतीक बताया। मैसूर में 455 पुलिस कर्मियों की तैनाती के बीच अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब उनकी अमिट छाप का प्रमाण है।

मुख्य बातें

जानकी अम्मा का 88 वर्ष की आयु में मैसूर में निधन हो गया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा, 'भारत ने एक संगीत आइकन खो दिया।' जानकी अम्मा ने 20 भाषाओं में 48,000 से अधिक गाने रिकॉर्ड किए; करियर 1957 से 2017 तक रहा।
अंतिम संस्कार मैसूरु तालुक के कनियानाहुंडी फार्म में होगा; 455 पुलिस कर्मी तैनात।
उन्होंने 4 राष्ट्रीय फिल्म अवॉर्ड और 33 राज्य फिल्म अवॉर्ड जीते।

पार्श्व गायिका एस. जानकी अम्मा के निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत देश के शीर्ष नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है। 12 जुलाई 2026 को दी गई श्रद्धांजलियों में नेताओं ने कहा कि भारत ने एक ऐसा संगीत आइकन खो दिया है जिसकी आवाज़ छह दशकों से अधिक समय तक करोड़ों श्रोताओं के दिलों में बसी रही। 88 वर्ष की आयु में मैसूर में उनका निधन हुआ।

राष्ट्रपति और गृह मंत्री की श्रद्धांजलि

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'मशहूर पार्श्व गायिका एस. जानकी अम्मा के निधन से भारत ने एक संगीत आइकन खो दिया है। उनकी असाधारण गायकी ने पीढ़ियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।' राष्ट्रपति ने कहा कि जानकी अम्मा ने हिंदी, ओडिया, तुलु, उर्दू, पंजाबी और बंगाली समेत लगभग 20 भारतीय भाषाओं में हज़ारों गाने रिकॉर्ड किए और उनका सदाबहार संगीत हमेशा अमूल्य रहेगा।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'एक मधुर आवाज़, जानकी ने उन गीतों में जान डाल दी जो विभिन्न भाषाओं में हमेशा के लिए क्लासिक बन गए। हमारे देश के सबसे सम्मानित सांस्कृतिक प्रतीकों में से एक, वह संगीत की दुनिया में एक ऐसा खालीपन छोड़ गई हैं जिसकी भरपाई नहीं हो सकती।' उन्होंने शोक संतप्त परिवार, मित्रों और प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।

अंतिम संस्कार की तैयारियाँ और सुरक्षा व्यवस्था

जानकी अम्मा का अंतिम संस्कार मैसूरु तालुक के कनियानाहुंडी फार्म में किया जाएगा। उनके पार्थिव शरीर को उनके घर से महाराजा ग्राउंड ले जाया गया, जहाँ बड़ी संख्या में प्रशंसक अंतिम दर्शन के लिए पहुँच रहे हैं। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा बंदोबस्त किए हैं — 4 एसीपी, 12 इंस्पेक्टर, 20 पीएसआई, 3 केएसआरपी यूनिट और 3 कमांडो फोर्स यूनिट समेत कुल 455 पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं।

छह दशकों का अप्रतिम करियर

एस. जानकी ने 1957 में तमिल फिल्म 'विधियिन विलायटू' से प्लेबैक सिंगिंग में पदार्पण किया। उसी वर्ष उन्होंने मलयालम सिनेमा में भी कदम रखा और पहले ही साल में छह अलग-अलग भारतीय भाषाओं में गाने रिकॉर्ड किए — जो भारतीय संगीत इतिहास में एक अभूतपूर्व शुरुआत थी। 1957 से 2017 तक फैले अपने करियर में उन्होंने कन्नड़, तमिल, तेलुगु, मलयालम और हिंदी सहित 20 भाषाओं में 48,000 से अधिक गाने रिकॉर्ड किए, जिससे वह इतिहास की सर्वाधिक गाने वाली प्लेबैक सिंगरों में शुमार हो गईं।

पुरस्कार और विरासत

जानकी अम्मा ने 1970 में बेस्ट सिंगर श्रेणी में अपना पहला केरल स्टेट फिल्म अवॉर्ड जीता और अगले लगभग 15 वर्षों तक इस श्रेणी में अपना वर्चस्व बनाए रखा। अपने पूरे करियर में उन्होंने 4 राष्ट्रीय फिल्म अवॉर्ड और 33 राज्य फिल्म अवॉर्ड अर्जित किए। उन्होंने सर्वाधिक गाने कन्नड़ भाषा में और उसके बाद मलयालम भाषा में गाए। उनकी आवाज़ की विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 गाने — यह आँकड़ा केवल उत्पादकता का नहीं, बल्कि उस सांस्कृतिक बहुलता का प्रमाण है जिसे आज की खंडित मनोरंजन अर्थव्यवस्था में दोहराना लगभग असंभव है। राजनीतिक श्रद्धांजलियाँ सराहनीय हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या भारत उन संस्थाओं और प्रशिक्षण परंपराओं को संरक्षित कर रहा है जिन्होंने जानकी जैसी प्रतिभाओं को गढ़ा। उनकी विरासत को स्मरण करना पर्याप्त नहीं — उसे जीवित रखने की ज़िम्मेदारी भी उतनी ही ज़रूरी है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एस. जानकी अम्मा का निधन कब और कहाँ हुआ?
एस. जानकी अम्मा का निधन शनिवार को 88 वर्ष की आयु में मैसूर में हुआ। उनका अंतिम संस्कार मैसूरु तालुक के कनियानाहुंडी फार्म में किया जाएगा।
एस. जानकी ने कितनी भाषाओं में और कितने गाने गाए?
एस. जानकी ने कन्नड़, तमिल, तेलुगु, मलयालम और हिंदी समेत 20 भाषाओं में 48,000 से अधिक गाने रिकॉर्ड किए। उन्होंने सर्वाधिक गाने कन्नड़ भाषा में गाए।
एस. जानकी ने प्लेबैक सिंगिंग की शुरुआत कब की थी?
उन्होंने 1957 में तमिल फिल्म 'विधियिन विलायटू' से प्लेबैक सिंगिंग में पदार्पण किया। उसी वर्ष उन्होंने मलयालम सिनेमा में भी कदम रखा और पहले ही साल में छह भारतीय भाषाओं में गाने रिकॉर्ड किए।
एस. जानकी को कौन-कौन से प्रमुख पुरस्कार मिले?
एस. जानकी ने अपने करियर में 4 राष्ट्रीय फिल्म अवॉर्ड और 33 राज्य फिल्म अवॉर्ड जीते। उन्होंने 1970 में पहला केरल स्टेट फिल्म अवॉर्ड जीता और अगले लगभग 15 वर्षों तक उस श्रेणी में अपना वर्चस्व बनाए रखा।
राष्ट्रपति और गृह मंत्री ने एस. जानकी के बारे में क्या कहा?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि जानकी अम्मा की असाधारण गायकी ने पीढ़ियों को मंत्रमुग्ध किया और उनका सदाबहार संगीत हमेशा अमूल्य रहेगा। गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें देश का सबसे सम्मानित सांस्कृतिक प्रतीक बताते हुए कहा कि वह संगीत की दुनिया में एक ऐसा खालीपन छोड़ गई हैं जिसकी भरपाई नहीं हो सकती।
राष्ट्र प्रेस
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