रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने 'स्वरकोकिला' आशा भोसले के निधन पर व्यक्त किया गहरा शोक
सारांश
Key Takeaways
- आशा भोसले का निधन भारतीय संगीत जगत के लिए एक महत्वपूर्ण क्षति है।
- उनकी बहुमुखी प्रतिभा ने उन्हें 'स्वरकोकिला' का दर्जा दिलाया।
- राज्य मंत्री संजय सेठ ने उनके योगदान को सराहा।
- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उन्हें एक युगधारा बताया।
- राज्यपाल ने उनके संगीत को अमूल्य बताया।
रांची, १२ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय संगीत की महान हस्ती, प्रसिद्ध पार्श्व गायिका आशा भोसले के निधन पर रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है। झारखंड के अन्य नेताओं ने उनके इस निधन को कला और संगीत के क्षेत्र में एक अपूर्णीय क्षति माना है।
राज्य मंत्री संजय सेठ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "बचपन से जिनकी आवाज को सुनता और गुनगुनाता आया, उनका अचानक चुप हो जाना संगीत प्रेमियों के लिए एक गहरी शून्यता का कारण बन गया है।"
उन्होंने आशा भोसले को संगीत की 'स्वरकोकिला' बताते हुए कहा कि हिंदी सिनेमा के साथ-साथ मराठी, बंगाली, गुजराती जैसी कई भाषाओं में हजारों गीत गाकर उन्होंने हर पीढ़ी के दिल में अपनी अमिट छाप छोड़ी है। उनकी आवाज सिर्फ गीत नहीं, बल्कि भावनाओं की अभिव्यक्ति थी, जो सदैव जीवित रहेगी।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आशा भोसले के निधन को हृदय विदारक और चौंकाने वाला बताया। उन्होंने कहा, "आशा केवल एक गायिका नहीं थीं, वे संगीत की एक युगधारा थीं। उनकी मधुर और जीवंत आवाज ने पीढ़ियों को जोड़ने का कार्य किया और भारतीय संगीत को वैश्विक ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनकी हर प्रस्तुति में जीवन के रंग और आत्मा की सच्चाई झलकती थी।"
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर संवेदना व्यक्त करते हुए लिखा कि वे मरांग बुरु से दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवारों तथा प्रशंसकों को यह दुःख सहने की शक्ति देने की कामना करते हैं।
झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने भी दुख व्यक्त करते हुए कहा कि पद्म विभूषण आशा भोसले ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा और मधुर स्वर से भारतीय शास्त्रीय और सुगम संगीत को नए आयाम दिए। उन्होंने कहा कि संगीत जगत में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। राज्यपाल ने शोक संतप्त परिवार और उनके देश-दुनिया में फैले प्रशंसकों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।