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सरकार ने कैफे 2027 नियमों में दी ढील, ऑटो उद्योग को मिलेगा बड़ा लाभ

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सरकार ने कैफे 2027 नियमों में दी ढील, ऑटो उद्योग को मिलेगा बड़ा लाभ

सारांश

सरकार ने कैफे 2027 नियमों में ढील देने की योजना बनाई है, जिससे ऑटो उद्योग को राहत मिलेगी। नई नीतियों का उद्देश्य ईंधन दक्षता को बढ़ाना और पर्यावरणीय लक्ष्यों को प्राप्त करना है।

मुख्य बातें

सरकार ने कैफे 2027 नियमों में ढील दी है।
घरेलू ऑटो उद्योग को राहत मिलेगी।
इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों को सुपर क्रेडिट मिलेगा।
छोटे निर्माताओं को अनुपालन से छूट।
बड़े निर्माताओं पर जुर्माना लगाया जाएगा।

नई दिल्ली, 13 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। सरकार 2027 से 2032 के बीच कॉरपोरेट एवरेज फ्यूल एफिशिएंसी (कैफे) नियमों में ढील देने की योजना बना रही है। इससे घरेलू ऑटो इंडस्ट्री को महत्वपूर्ण राहत मिलेगी। यह जानकारी एनडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट में सामने आई है।

ऊर्जा मंत्रालय द्वारा तैयार किए गए संशोधित ड्राफ्ट में, जो ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (बीईई) के सहयोग से है, सरकार ने कठोर लक्ष्यों के बजाय चरणबद्ध तरीके से नियमों को सख्ती से लागू करने की रणनीति अपनाई है। इस प्रस्ताव में अनुपालन का दायरा कम करने का भी प्रावधान है, जिससे पहले से लाभान्वित भारी वाहनों को कुछ हद तक नुकसान हो सकता है।

कैफे 2027, भारत की फ्लीट-स्तरीय ईंधन अर्थव्यवस्था का तीसरा चरण है, जिसका लक्ष्य ऑटोमोबाइल क्षेत्र को देश के व्यापक जलवायु और ऊर्जा लक्ष्यों के साथ संरेखित करना है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि कैफे 2027 के तहत नए नियम एक अप्रैल 2027 से लागू होंगे और वित्त वर्ष 32 तक चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाएंगे।

इसके अतिरिक्त, नए ड्राफ्ट में नियमों में काफी छूट दी गई है, जो सितंबर 2025 में आए ड्राफ्ट की तुलना में अधिक लचीली है। उत्सर्जन की गणना एक नए ढलान सूत्र के साथ की जाएगी, जो वित्त वर्ष 28 में 0.00158 और वित्त वर्ष 32 में घटकर 0.00131 होने की उम्मीद है, जिससे ईंधन की खपत पहले प्रस्तावित की तुलना में थोड़ा बढ़ सकती है।

ड्राफ्ट में इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों के लिए सुपर क्रेडिट भी शामिल हैं, जिससे इनका फ्लीट-स्तरीय उत्सर्जन की गणना के दौरान कई वाहनों के रूप में मूल्यांकन किया जा सकेगा। इसके तहत प्लग-इन हाइब्रिड और फ्लेक्स-फ्यूल हाइब्रिड वाहनों को उच्च गुणक मिलने की संभावना है।

निर्माताओं के बीच क्रेडिट ट्रेडिंग की अनुमति से कार निर्माताओं को अनुपालन दायित्वों को संभालने में अधिक लचीलापन मिलेगा।

हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अनुपालन न करने पर बड़े निर्माताओं पर करोड़ों रुपए का जुर्माना लगाया जा सकता है, जिससे इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड क्रेडिट व्यवस्था उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय साधन बन जाती है।

इसके अलावा, प्रति वर्ष 1,000 से कम यूनिट उत्पादन करने वाले विशिष्ट निर्माताओं को अनुपालन आवश्यकताओं से छूट दी गई है, जिससे छोटे पैमाने पर उत्पादन करने वाले खिलाड़ियों को राहत मिली है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सरकार ने ऑटो उद्योग को समर्थन देने का प्रयास किया है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यह कदम पर्यावरणीय लक्ष्यों के साथ संतुलन बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
RashtraPress
6 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कैफे 2027 नियम क्या हैं?
कैफे 2027 नियम भारत के ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए ईंधन दक्षता को बढ़ाने के लिए निर्धारित लक्ष्यों का एक समूह हैं।
क्या कैफे 2027 नियमों में ढील से ऑटो उद्योग को लाभ होगा?
हाँ, नियमों में ढील से ऑटो उद्योग को वित्तीय राहत और उत्पादन में वृद्धि करने का मौका मिलेगा।
इलेक्ट्रिक वाहनों को क्या फायदा होगा?
इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों को सुपर क्रेडिट मिलने से उनकी गणना फ्लीट-स्तरीय उत्सर्जन में बेहतर होगी।
क्या छोटे निर्माताओं को छूट मिलेगी?
हाँ, प्रति वर्ष 1,000 से कम यूनिट उत्पादन करने वाले निर्माताओं को अनुपालन आवश्यकताओं से छूट दी गई है।
अनुपालन न करने पर क्या होगा?
बड़े निर्माताओं पर करोड़ों रुपए का जुर्माना लगाया जा सकता है यदि वे नियमों का पालन नहीं करते।
राष्ट्र प्रेस
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