योगी आदित्यनाथ का नया शिक्षा मॉडल: "जो दिखेगा वही बिकेगा"

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योगी आदित्यनाथ का नया शिक्षा मॉडल: "जो दिखेगा वही बिकेगा"

सारांश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जन भवन में आधुनिक विद्यालय का उद्घाटन करते हुए शिक्षा के लिए एक नई दिशा की आवश्यकता का उल्लेख किया। उनके अनुसार, जो दिखेगा वही समाज में बिकेगा। जानें इस अभिनव मॉडल के बारे में।

Key Takeaways

  • योगी आदित्यनाथ ने जन भवन में नए विद्यालय का उद्घाटन किया।
  • शिक्षा में सुधार के लिए एक नई दिशा की आवश्यकता है।
  • "जो दिखेगा वही बिकेगा" का सिद्धांत शिक्षा संस्थानों पर लागू होगा।
  • मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अन्य जिलों में इस मॉडल का अवलोकन कराने का निर्देश दिया।
  • भारतीय वैज्ञानिकों का योगदान वैज्ञानिक ज्ञान में महत्वपूर्ण है।

लखनऊ, 13 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जन भवन में अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित आदर्श माध्यमिक विद्यालय के नए भवन का उद्घाटन करते हुए कहा कि “जो दिखेगा वही समाज में बिकेगा”। उन्होंने इस दृष्टिकोण के साथ शिक्षा के क्षेत्र में एक बेहतरीन मॉडल प्रस्तुत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने इस पहल को पूरे प्रदेश में लागू करने का आश्वासन दिया। उन्होंने इस नई शिक्षा प्रणाली को प्रदेश के सभी जनपदों में लागू कर शैक्षणिक गुणवत्ता को एक नई दिशा देने का सुझाव दिया। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “जो दिखेगा वही समाज में बिकेगा”, इसलिए शिक्षा संस्थानों को एक बेहतर तरीके से प्रस्तुत करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सबसे पहले एक सुदृढ़ और आधुनिक भवन की आवश्यकता होती है, जिससे अनुकूल शैक्षिक वातावरण का निर्माण होता है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस अत्याधुनिक विद्यालय भवन के निर्माण पर कुल 5 करोड़ 17 लाख रुपये खर्च हुए हैं, जिसमें से 4 करोड़ 70 लाख रुपये राज्य सरकार द्वारा दिए गए, जबकि शेष राशि सीएसआर और राज्यपाल के प्रयासों से प्राप्त की गई है। उन्होंने इस पहल को राज्यपाल द्वारा प्रस्तुत एक उत्कृष्ट “मॉडल” करार दिया और कहा कि इसे सीएम कम्पोजिट विद्यालयों में भी लागू किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अन्य जिलों के लोगों को यहां लाकर इस मॉडल का अवलोकन कराया जाए। कार्यक्रम के दौरान, उन्होंने जन भवन की गतिविधियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहां बच्चों के खेलकूद और विभिन्न रचनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन होता है, जिससे उनके सर्वांगीण विकास को बढ़ावा मिलता है।

उन्होंने उल्लेख किया कि पहली बार राजभवन की टीम जन भवन के रूप में गणतंत्र दिवस परेड में शामिल हुई है। मुख्यमंत्री ने संस्कृत श्लोक “अमंत्रमक्षरं नास्ति…” का उल्लेख करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति अयोग्य नहीं होता, बल्कि उसे सही दिशा देने वाला “योजक” आवश्यक होता है, और शिक्षा इस भूमिका को निभाती है।

भारतीय वैज्ञानिक परंपरा का जिक्र करते हुए, उन्होंने आर्यभट्ट, सुश्रुत, चरक, जगदीश चंद्र बसु और सीवी रमन का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत की ज्ञान परंपरा ने विश्व को नई दिशा दी है, जिसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी वर्तमान पीढ़ी की है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत के प्रसिद्ध वैज्ञानिकों ने शून्य और खगोल के अद्भुत सिद्धांत प्रस्तुत किए, जिनमें आर्यभट्ट का नाम प्रमुख है।

वराहमिहिर ने आकाश के रहस्यों को पहले बार उद्घाटित किया। सुश्रुत, जो आज की सर्जरी के लिए आदर्श माने जाते हैं, केवल आयुर्वेद में ही नहीं, बल्कि एलोपैथी में भी महत्वपूर्ण हैं। चरक ने आयुर्वेद को विज्ञान का स्वरूप कैसे दिया, यह बताया है। जगदीश चंद्र बसु ने विज्ञान में नए आयाम जोड़े, और यह बताया कि मनुष्य, जीव और वनस्पति में भी जीवन का अंश है। प्रकाश के रहस्य को सीवी रमन ने उजागर किया।

Point of View

जिससे सम्पूर्ण शिक्षा प्रणाली में सुधार हो सके।
NationPress
13/04/2026

Frequently Asked Questions

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किस विद्यालय का उद्घाटन किया?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जन भवन में आधुनिक सुविधाओं से युक्त आदर्श माध्यमिक विद्यालय का उद्घाटन किया।
इस विद्यालय के निर्माण पर कितना खर्च हुआ?
इस विद्यालय के निर्माण पर कुल 5 करोड़ 17 लाख रुपये खर्च हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में किस बात पर जोर दिया?
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा संस्थानों को बेहतर ढंग से प्रस्तुत करना जरूरी है, क्योंकि "जो दिखेगा वही समाज में बिकेगा"।
इस मॉडल को अन्य जिलों में कैसे लागू किया जाएगा?
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अन्य जिलों के लोगों को यहां लाकर इस मॉडल का अवलोकन कराया जाए।
योगी आदित्यनाथ ने भारतीय वैज्ञानिकों का जिक्र क्यों किया?
उन्होंने भारतीय वैज्ञानिकों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत की ज्ञान परंपरा ने विश्व को नई दिशा दी है।
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