एस. जानकी अम्मा के निधन पर उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन का शोक, बोले — 'संगीत जगत की अपूरणीय क्षति'
सारांश
मुख्य बातें
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने दिग्गज पार्श्व गायिका एस. जानकी अम्मा के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह भारतीय संगीत और राष्ट्र की कलात्मक विरासत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। 11 जुलाई को सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में उन्होंने जानकी अम्मा की असाधारण आवाज़ और उनके छह दशकों के संगीत सफर को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
उपराष्ट्रपति का शोक संदेश
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा, 'दिग्गज पार्श्व गायिका एस. जानकी अम्मा के निधन से मैं अत्यंत व्यथित हूँ, जिनकी असाधारण आवाज़ ने भारतीय संगीत को समृद्ध किया और पीढ़ियों से अनगिनत दिलों को छुआ।' उन्होंने जानकी अम्मा को अद्वितीय भावपूर्ण आवाज़ और असाधारण बहुमुखी प्रतिभा की धनी बताया।
राधाकृष्णन ने कहा कि जानकी अम्मा ने छह दशकों से अधिक समय तक तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, हिंदी और कई अन्य भाषाओं में हज़ारों गीत गाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। उन्होंने शास्त्रीय, भक्ति और लोक संगीत — तीनों विधाओं में समान दक्षता के साथ अपनी अमिट छाप छोड़ी।
संगीत की सार्वभौमिक विरासत
उपराष्ट्रपति ने रेखांकित किया कि एस. जानकी अम्मा के गीतों ने भाषाई और क्षेत्रीय सीमाओं को पार करते हुए संगीत की सार्वभौमिक भाषा के माध्यम से लाखों लोगों को एकजुट किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संगीत में उनके अपार योगदान के माध्यम से उन्होंने एक ऐसी विरासत छोड़ी है, जो कलाकारों और संगीत प्रेमियों को समान रूप से प्रेरित करती रहेगी।
राधाकृष्णन ने जानकी अम्मा के परिवार, प्रशंसकों और संपूर्ण संगीत जगत के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, 'उनकी आत्मा को शांति मिले। ओम शांति।'
तमिलनाडु के राज्यपाल की श्रद्धांजलि
तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने भी एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी संवेदना साझा की। उन्होंने कहा, 'महान पार्श्व गायिका एस. जानकी के निधन से मैं अत्यंत व्यथित हूँ। उनकी सुरीली आवाज़ ने पीढ़ियों से लाखों लोगों को मंत्रमुग्ध किया और भाषाई सीमाओं को पार किया।'
राज्यपाल आर्लेकर ने कहा कि भारतीय संगीत में जानकी अम्मा का असाधारण योगदान और उनकी सदाबहार धुनें संगीत प्रेमियों को प्रेरित करती रहेंगी और उनके दिलों में हमेशा के लिए बसी रहेंगी। उन्होंने परिवार, मित्रों और प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शाश्वत शांति की कामना की।
कौन थीं एस. जानकी अम्मा
एस. जानकी अम्मा दक्षिण भारतीय संगीत जगत की सर्वाधिक सम्मानित पार्श्व गायिकाओं में से एक थीं। उन्होंने तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ सिनेमा में अपनी आवाज़ का जादू बिखेरा और हिंदी फिल्मों में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। उनका निधन भारतीय शास्त्रीय और फिल्मी संगीत की एक युग के अंत का प्रतीक है।
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय संगीत जगत पहले से ही कई दिग्गजों को खो चुका है — जानकी अम्मा का जाना उस शून्य को और गहरा कर देता है जिसे भरना असंभव है।