के. राजन के निधन पर CM विजय का शोक: 'तमिल सिनेमा उनका योगदान कभी नहीं भूलेगा'

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के. राजन के निधन पर CM विजय का शोक: 'तमिल सिनेमा उनका योगदान कभी नहीं भूलेगा'

सारांश

तमिल फिल्म इंडस्ट्री के चार दशकों के स्तंभ के. राजन अब नहीं रहे। 85 वर्ष की आयु में उनके कथित निधन ने पूरे सिनेमा जगत को झकझोर दिया है। CM विजय से लेकर खुशबू सुंदर और सरथकुमार तक — हर कोई उस बेबाक आवाज को याद कर रहा है जो हमेशा छोटे निर्माताओं के हक में खड़ी रही।

मुख्य बातें

तमिल फिल्म इंडस्ट्री के वरिष्ठ निर्माता, निर्देशक और अभिनेता के.
राजन का 18 मई 2025 को चेन्नई में निधन हो गया।
रिपोर्टों के अनुसार, 85 वर्षीय के.
राजन ने कथित तौर पर अड्यार पुल से नदी में छलांग लगाई; पुलिस जाँच जारी है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी.
जोसेफ विजय ने आधिकारिक शोक संदेश जारी कर उनके योगदान को 'अविस्मरणीय' बताया।
अभिनेत्री-नेता खुशबू सुंदर और अभिनेता-नेता आर.
सरथकुमार ने भी गहरा दुख जताया।
राजन ने 1983 में 'ब्रह्मचारीगल' से निर्माता के रूप में करियर शुरू किया; बैनर 'गणेश सिने आर्ट्स' के तहत दर्जनों फिल्में बनाईं।

तमिल फिल्म इंडस्ट्री के वरिष्ठ निर्माता, निर्देशक, अभिनेता और वितरक के. राजन का 18 मई 2025 को चेन्नई में निधन हो गया। 85 वर्षीय के. राजन के जाने की खबर से पूरी तमिल फिल्म इंडस्ट्री शोक में डूब गई है। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने कथित तौर पर चेन्नई के अड्यार पुल से नदी में छलांग लगा दी, जिसके बाद फायर और रेस्क्यू टीम ने उनका शव बरामद किया। पुलिस अभी पूरे मामले की जाँच कर रही है।

मुख्यमंत्री विजय का शोक संदेश

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने के. राजन के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए एक आधिकारिक शोक संदेश जारी किया। उन्होंने कहा, 'के. राजन के निधन की खबर सुनकर मुझे बेहद दुख हुआ। वह तमिल फिल्म इंडस्ट्री का ऐसा मजबूत और बेबाक चेहरा थे, जिसने कई दशकों तक सिनेमा जगत के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया।'

मुख्यमंत्री विजय ने आगे कहा, 'के. राजन तमिल फिल्म इंडस्ट्री के हितों के लिए लगातार आवाज उठाने वाले व्यक्ति थे। उन्होंने खासतौर पर छोटे फिल्म निर्माताओं और वितरकों के अधिकारों को लेकर हमेशा खुलकर अपनी बात रखी।' उन्होंने के. राजन के परिवार, मित्रों और तमिल सिनेमा जगत से जुड़े सभी लोगों के प्रति गहरी संवेदना भी व्यक्त की।

इंडस्ट्री में शोक की लहर

के. राजन के निधन की खबर फैलते ही तमिल फिल्म जगत की कई बड़ी हस्तियों ने अपना दुख साझा किया। अभिनेत्री और नेता खुशबू सुंदर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'यह बेहद दुखद और चौंकाने वाली खबर है। के. राजन सम्मानित और सच बोलने वाले इंसान थे। वह हमेशा बिना डर अपनी बात रखते थे और इंडस्ट्री के मुद्दों पर खुलकर बोलते थे।'

अभिनेता और राजनेता आर. सरथकुमार ने भी गहरा दुख जताते हुए कहा, '1980 के दशक से तमिल सिनेमा में अपनी मजबूत पहचान बनाने वाले के. राजन का अचानक जाना पूरी इंडस्ट्री के लिए बड़ी क्षति है। उनके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदना है।'

के. राजन का फिल्मी सफर

के. राजन ने 1983 में फिल्म 'ब्रह्मचारीगल' से बतौर निर्माता अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने अपने बैनर 'गणेश सिने आर्ट्स' के तहत कई फिल्मों का निर्माण किया। वह केवल निर्माता ही नहीं रहे, बल्कि निर्देशन और अभिनय में भी सक्रिय भूमिका निभाई।

उन्होंने 'उनाचिगल' जैसी फिल्मों का निर्देशन किया, जबकि 'डबल्स', 'अवल पावम', 'माइकल राज', 'थुनिवु' और 'बकासुरन' जैसी फिल्मों में उनका अभिनय भी सराहा गया। कई दशकों तक इंडस्ट्री के हितों के लिए मुखर रहने वाले के. राजन छोटे निर्माताओं और वितरकों की आवाज माने जाते थे।

आगे क्या

पुलिस मामले की जाँच जारी है और मृत्यु के सटीक कारणों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। तमिल फिल्म इंडस्ट्री के संगठनों द्वारा उन्हें श्रद्धांजलि देने की तैयारी की जा रही है। के. राजन के योगदान को तमिल सिनेमा के इतिहास में सदैव याद रखा जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस पीढ़ी की आवाज का जाना है जो तमिल सिनेमा में बड़े बैनरों के वर्चस्व के बीच छोटे निर्माताओं और वितरकों के हकों के लिए लड़ती रही। यह ऐसे समय में आया है जब ओटीटी और बड़े कॉर्पोरेट प्रोडक्शन हाउसों के दबाव में स्वतंत्र फिल्मकारों का अस्तित्व पहले से कठिन हो गया है। उनके कथित निधन के कारणों की जाँच से परे, यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या इंडस्ट्री ने अपने उन स्तंभों की पर्याप्त सुध ली जिन्होंने दशकों तक इसे थामे रखा।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

के. राजन कौन थे और तमिल सिनेमा में उनका क्या योगदान था?
के. राजन तमिल फिल्म इंडस्ट्री के वरिष्ठ निर्माता, निर्देशक, अभिनेता और वितरक थे, जिन्होंने 1983 में 'ब्रह्मचारीगल' से अपना सफर शुरू किया। 'गणेश सिने आर्ट्स' बैनर तले उन्होंने दर्जनों फिल्में बनाईं और छोटे निर्माताओं व वितरकों के अधिकारों के लिए हमेशा मुखर रहे।
के. राजन का निधन कैसे हुआ?
रिपोर्टों के अनुसार, 85 वर्षीय के. राजन ने कथित तौर पर चेन्नई के अड्यार पुल से नदी में छलांग लगा दी, जिसके बाद फायर और रेस्क्यू टीम ने उनका शव बरामद किया। पुलिस अभी पूरे मामले की जाँच कर रही है और मृत्यु के कारणों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
तमिलनाडु के CM विजय ने के. राजन के निधन पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने आधिकारिक शोक संदेश में कहा कि के. राजन तमिल फिल्म इंडस्ट्री का मजबूत और बेबाक चेहरा थे जिन्होंने कई दशकों तक महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कहा कि तमिल फिल्म इंडस्ट्री उनके काम और संघर्ष को कभी नहीं भूल पाएगी।
के. राजन के निधन पर फिल्म इंडस्ट्री की क्या प्रतिक्रिया रही?
अभिनेत्री-नेता खुशबू सुंदर ने उन्हें 'सम्मानित और सच बोलने वाला इंसान' बताया, जबकि अभिनेता-नेता आर. सरथकुमार ने इसे पूरी इंडस्ट्री के लिए 'बड़ी क्षति' कहा। कई अन्य हस्तियों ने भी सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त किया।
के. राजन ने किन फिल्मों में काम किया था?
के. राजन ने निर्देशक के रूप में 'उनाचिगल' बनाई और अभिनेता के तौर पर 'डबल्स', 'अवल पावम', 'माइकल राज', 'थुनिवु' और 'बकासुरन' जैसी फिल्मों में काम किया। निर्माता के रूप में उन्होंने 1983 में 'ब्रह्मचारीगल' से शुरुआत की और 'गणेश सिने आर्ट्स' बैनर तले कई फिल्में बनाईं।
राष्ट्र प्रेस
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