के. राजन के निधन पर CM विजय का शोक: 'तमिल सिनेमा उनका योगदान कभी नहीं भूलेगा'
सारांश
मुख्य बातें
तमिल फिल्म इंडस्ट्री के वरिष्ठ निर्माता, निर्देशक, अभिनेता और वितरक के. राजन का 18 मई 2025 को चेन्नई में निधन हो गया। 85 वर्षीय के. राजन के जाने की खबर से पूरी तमिल फिल्म इंडस्ट्री शोक में डूब गई है। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने कथित तौर पर चेन्नई के अड्यार पुल से नदी में छलांग लगा दी, जिसके बाद फायर और रेस्क्यू टीम ने उनका शव बरामद किया। पुलिस अभी पूरे मामले की जाँच कर रही है।
मुख्यमंत्री विजय का शोक संदेश
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने के. राजन के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए एक आधिकारिक शोक संदेश जारी किया। उन्होंने कहा, 'के. राजन के निधन की खबर सुनकर मुझे बेहद दुख हुआ। वह तमिल फिल्म इंडस्ट्री का ऐसा मजबूत और बेबाक चेहरा थे, जिसने कई दशकों तक सिनेमा जगत के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया।'
मुख्यमंत्री विजय ने आगे कहा, 'के. राजन तमिल फिल्म इंडस्ट्री के हितों के लिए लगातार आवाज उठाने वाले व्यक्ति थे। उन्होंने खासतौर पर छोटे फिल्म निर्माताओं और वितरकों के अधिकारों को लेकर हमेशा खुलकर अपनी बात रखी।' उन्होंने के. राजन के परिवार, मित्रों और तमिल सिनेमा जगत से जुड़े सभी लोगों के प्रति गहरी संवेदना भी व्यक्त की।
इंडस्ट्री में शोक की लहर
के. राजन के निधन की खबर फैलते ही तमिल फिल्म जगत की कई बड़ी हस्तियों ने अपना दुख साझा किया। अभिनेत्री और नेता खुशबू सुंदर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'यह बेहद दुखद और चौंकाने वाली खबर है। के. राजन सम्मानित और सच बोलने वाले इंसान थे। वह हमेशा बिना डर अपनी बात रखते थे और इंडस्ट्री के मुद्दों पर खुलकर बोलते थे।'
अभिनेता और राजनेता आर. सरथकुमार ने भी गहरा दुख जताते हुए कहा, '1980 के दशक से तमिल सिनेमा में अपनी मजबूत पहचान बनाने वाले के. राजन का अचानक जाना पूरी इंडस्ट्री के लिए बड़ी क्षति है। उनके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदना है।'
के. राजन का फिल्मी सफर
के. राजन ने 1983 में फिल्म 'ब्रह्मचारीगल' से बतौर निर्माता अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने अपने बैनर 'गणेश सिने आर्ट्स' के तहत कई फिल्मों का निर्माण किया। वह केवल निर्माता ही नहीं रहे, बल्कि निर्देशन और अभिनय में भी सक्रिय भूमिका निभाई।
उन्होंने 'उनाचिगल' जैसी फिल्मों का निर्देशन किया, जबकि 'डबल्स', 'अवल पावम', 'माइकल राज', 'थुनिवु' और 'बकासुरन' जैसी फिल्मों में उनका अभिनय भी सराहा गया। कई दशकों तक इंडस्ट्री के हितों के लिए मुखर रहने वाले के. राजन छोटे निर्माताओं और वितरकों की आवाज माने जाते थे।
आगे क्या
पुलिस मामले की जाँच जारी है और मृत्यु के सटीक कारणों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। तमिल फिल्म इंडस्ट्री के संगठनों द्वारा उन्हें श्रद्धांजलि देने की तैयारी की जा रही है। के. राजन के योगदान को तमिल सिनेमा के इतिहास में सदैव याद रखा जाएगा।