पश्चिम बंगाल कैबिनेट का बड़ा फैसला: 7वाँ वेतन आयोग लागू, महिलाओं को फ्री बस सेवा और ₹3,000 अन्नपूर्णा भंडार सहायता

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पश्चिम बंगाल कैबिनेट का बड़ा फैसला: 7वाँ वेतन आयोग लागू, महिलाओं को फ्री बस सेवा और ₹3,000 अन्नपूर्णा भंडार सहायता

सारांश

पश्चिम बंगाल की नई कैबिनेट ने दूसरी ही बैठक में तीन बड़े फैसले लिए — सातवाँ वेतन आयोग, महिलाओं को ₹3,000 प्रतिमाह और 1 जून से फ्री बस सेवा। साथ ही धार्मिक आधार पर दी जाने वाली छात्रवृत्तियाँ जून से बंद होंगी — यह नई सरकार की नीतिगत दिशा का पहला स्पष्ट संकेत है।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल कैबिनेट ने 18 मई 2026 को राज्य सरकारी कर्मचारियों के लिए सातवाँ वेतन आयोग लागू करने को मंजूरी दी।
अन्नपूर्णा भंडार योजना के तहत पात्र महिलाओं को ₹3,000 प्रतिमाह सीधे बैंक खातों में मिलेंगे; लक्ष्मी भंडार लाभार्थी स्वतः जुड़ेंगी।
1 जून 2026 से राज्य की सभी सरकारी बसों में महिलाओं के लिए निःशुल्क यात्रा लागू होगी।
धार्मिक आधार पर दी जाने वाली सभी सहायक योजनाएँ और छात्रवृत्तियाँ 1 जून 2026 से बंद होंगी।
राज्य का पूर्ण बजट जून 2026 में पेश किया जाएगा; कुछ नई इलेक्ट्रिक बसें भी बेड़े में जोड़ी जाएंगी।

पश्चिम बंगाल की नई कैबिनेट ने 18 मई 2026 को अपनी दूसरी बैठक में राज्य सरकारी कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग को लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही कैबिनेट ने महिलाओं को ₹3,000 प्रतिमाह की वित्तीय सहायता देने वाली अन्नपूर्णा भंडार योजना और 1 जून 2026 से सरकारी बसों में महिलाओं के लिए निःशुल्क यात्रा सुविधा लागू करने का भी निर्णय लिया।

सातवाँ वेतन आयोग: कर्मचारियों की पुरानी माँग पूरी

कैबिनेट बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य की महिला एवं बाल विकास तथा सामाजिक कल्याण विभाग की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि सातवाँ वेतन आयोग लागू करना राज्य कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही माँग थी और इसे कैबिनेट में औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी गई है। यह निर्णय हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के संकल्प पत्र में किए गए प्रमुख वादों में से एक था।

अन्नपूर्णा भंडार योजना: महिलाओं को ₹3,000 प्रतिमाह

मंत्री पॉल ने बताया कि अन्नपूर्णा भंडार परियोजना के तहत पात्र महिलाओं को ₹3,000 प्रतिमाह की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। पहले से लक्ष्मी भंडार योजना का लाभ ले रही महिलाओं के नाम स्वतः ही नई योजना से जोड़ दिए जाएंगे। जो महिलाएं अब तक किसी सरकारी योजना का लाभ नहीं उठा रही थीं, वे एक नए पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगी, जिसे जल्द शुरू किया जाएगा।

महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा और नई इलेक्ट्रिक बसें

कैबिनेट के अनुसार 1 जून 2026 से राज्य की सभी सरकारी बसों में महिलाओं को निःशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी। हालाँकि, मंत्री ने स्पष्ट किया कि फिलहाल बसों की संख्या बढ़ाने पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है और मौजूदा सरकारी बस ढाँचे का ही उपयोग किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बैठक में यह भी कहा कि कुछ नई इलेक्ट्रिक बसें राज्य परिवहन व्यवस्था में जोड़ी जाएंगी। राज्य का पूर्ण बजट जून 2026 में पेश किया जाएगा।

धार्मिक आधार पर सहायक योजनाएँ बंद होंगी

कैबिनेट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए यह भी तय किया कि सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों तथा अल्पसंख्यक मामलों एवं मदरसा शिक्षा विभागों के अंतर्गत धार्मिक आधार पर दी जाने वाली सभी सहायक योजनाएँ 1 जून 2026 से बंद कर दी जाएंगी। ऐसे सभी छात्रवृत्ति कार्यक्रम केवल मई 2026 तक ही जारी रहेंगे। यह कदम राज्य में धर्मनिरपेक्ष कल्याण नीति की दिशा में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि ये सभी घोषणाएँ नई सरकार की मात्र दूसरी कैबिनेट बैठक में आई हैं, जो प्रशासनिक प्राथमिकताओं को तेज़ी से लागू करने की मंशा दर्शाती हैं। अन्नपूर्णा भंडार के लिए नया पोर्टल शीघ्र शुरू होने की उम्मीद है, जबकि सातवें वेतन आयोग के क्रियान्वयन की विस्तृत रूपरेखा जून बजट के साथ स्पष्ट होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन में है। अन्नपूर्णा भंडार की ₹3,000 की राशि और मुफ्त बस सेवा का वित्तीय बोझ जून के पूर्ण बजट में कहाँ से आएगा, यह अभी अस्पष्ट है। धार्मिक आधार पर छात्रवृत्तियाँ बंद करने का निर्णय नीतिगत रूप से महत्वपूर्ण है, परंतु प्रभावित छात्रों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था का कोई ब्यौरा अभी तक सामने नहीं आया — यह अंतर भविष्य में विवाद का कारण बन सकता है।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल में सातवाँ वेतन आयोग कब से लागू होगा?
कैबिनेट ने 18 मई 2026 को सातवें वेतन आयोग को मंजूरी दे दी है। क्रियान्वयन की विस्तृत समय-सीमा जून 2026 में पेश होने वाले पूर्ण बजट के साथ स्पष्ट होने की उम्मीद है।
अन्नपूर्णा भंडार योजना क्या है और इसका लाभ कौन उठा सकता है?
अन्नपूर्णा भंडार योजना पश्चिम बंगाल सरकार की एक नई वित्तीय सहायता योजना है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को ₹3,000 प्रतिमाह सीधे बैंक खातों में दिए जाएंगे। पहले से लक्ष्मी भंडार योजना का लाभ ले रही महिलाएँ स्वतः इस योजना से जुड़ जाएंगी, जबकि नई आवेदक एक आगामी पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण कर सकेंगी।
महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा कब से शुरू होगी?
1 जून 2026 से राज्य की सभी सरकारी बसों में महिलाओं के लिए निःशुल्क यात्रा सुविधा लागू होगी। फिलहाल बसों की संख्या बढ़ाने पर कोई निर्णय नहीं हुआ है और मौजूदा ढाँचे का ही उपयोग किया जाएगा।
धार्मिक आधार पर दी जाने वाली छात्रवृत्तियाँ क्यों बंद की जा रही हैं?
कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों तथा अल्पसंख्यक मामलों एवं मदरसा शिक्षा विभागों के तहत धार्मिक आधार पर दी जाने वाली सहायक योजनाएँ और छात्रवृत्तियाँ 1 जून 2026 से बंद होंगी। यह कदम नई सरकार की धर्मनिरपेक्ष कल्याण नीति की दिशा में बदलाव का हिस्सा बताया जा रहा है।
क्या लक्ष्मी भंडार और अन्नपूर्णा भंडार एक ही योजना है?
नहीं, ये दो अलग योजनाएँ हैं। लक्ष्मी भंडार पिछली सरकार की योजना थी, जबकि अन्नपूर्णा भंडार नई कैबिनेट द्वारा अनुमोदित योजना है जिसमें ₹3,000 प्रतिमाह की सहायता दी जाएगी। लक्ष्मी भंडार की लाभार्थी महिलाओं को नए पोर्टल पर अलग से आवेदन नहीं करना होगा — उनका नाम स्वतः जुड़ जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले