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महंगाई भत्ते का विवाद: पश्चिम बंगाल सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली

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महंगाई भत्ते का विवाद: पश्चिम बंगाल सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली

सारांश

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार की महंगाई भत्ता विवाद से जुड़ी याचिका पर सुनवाई टाल दी है। कर्मचारियों के डीए भुगतान की समय सीमा बढ़ाने की मांग की गई है। अगली सुनवाई 6 मई को होगी।

मुख्य बातें

महंगाई भत्ते की याचिका पर सुनवाई टली सरकार ने समय सीमा बढ़ाने की मांग की अगली सुनवाई 6 मई को होगी सुप्रीम कोर्ट ने 25 प्रतिशत भुगतान का आदेश दिया 20 लाख कर्मचारियों को लाभ की उम्मीद

नई दिल्ली, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के फैसले में संशोधन के लिए जो याचिका दायर की थी, उस पर सुनवाई आज टल गई। सरकार ने डीए भुगतान की समय सीमा बढ़ाने की मांग की है, लेकिन इस मामले में आज सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 6 मई को होगी।

यह मामला राज्य के लाखों कर्मचारियों के महंगाई भत्ते के भुगतान से संबंधित है। ममता बनर्जी की सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से समय सीमा बढ़ाने की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि उन्होंने अदालत के निर्देशों का पालन करते हुए कई आवश्यक कदम पहले ही उठा लिए हैं।

सुनवाई के दौरान, वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से बात रखते हुए कहा कि कमेटी की सिफारिशों को मान लिया गया है और लगभग 6000 करोड़ रुपये का भुगतान कर्मचारियों को किया जा चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि कमेटी ने बाकी मामलों की जानकारी जुटाने और आगे के भुगतान की प्रक्रिया जारी रखने के लिए कहा है, जिस पर सरकार सक्रिय रूप से काम कर रही है।

इस बीच, कर्मचारियों के संगठनों ने सरकार पर आरोप लगाया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पूरी तरह से पालन नहीं किया गया है। उन्होंने अदालत में अवमानना याचिका भी दायर की है, जिसमें कहा गया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर भुगतान नहीं किया गया।

ज्ञात हो कि सुप्रीम कोर्ट ने 5 फरवरी 2026 को एक महत्वपूर्ण आदेश दिया था, जिसमें पश्चिम बंगाल सरकार को 2008 से 2019 के बीच के महंगाई भत्ते के बकाये का 25 प्रतिशत हिस्सा 31 मार्च तक देने का निर्देश दिया था। इसके साथ ही, कोर्ट ने बाकी 75 प्रतिशत भुगतान के लिए एक विशेष कमेटी का गठन किया था, जिसकी अध्यक्षता पूर्व जज जस्टिस इंदू मल्होत्रा कर रही हैं।

इस कमेटी में तीन पूर्व जज शामिल हैं, जिन्हें यह तय करना है कि बाकी राशि का भुगतान कैसे और कब किया जाएगा। कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा था कि महंगाई भत्ता कर्मचारियों का वैधानिक अधिकार है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इस फैसले से राज्य के लगभग 20 लाख कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह दर्शाता है कि कैसे न्यायालयीन निर्देशों का पालन करना आवश्यक है। सरकार की जिम्मेदारी है कि वे कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा करें और समय पर भुगतान सुनिश्चित करें।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महंगाई भत्ते का भुगतान कब होगा?
महंगाई भत्ते का भुगतान 31 मार्च तक किया जाना था, लेकिन अब अगली सुनवाई 6 मई को होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या निर्देश दिए थे?
सुप्रीम कोर्ट ने 2008 से 2019 के बीच के महंगाई भत्ते का 25 प्रतिशत हिस्सा देने का आदेश दिया था।
पश्चिम बंगाल सरकार ने क्या मांग की है?
सरकार ने डीए भुगतान की समय सीमा बढ़ाने की मांग की है।
कितने कर्मचारियों को लाभ मिलेगा?
इस फैसले से लगभग 20 लाख कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
क्या कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ कोई कदम उठाया है?
हां, कर्मचारियों ने अदालत में अवमानना याचिका दाखिल की है।
राष्ट्र प्रेस
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