सिम्फनी के शेयर 15 महीने के निचले स्तर पर, Q4 में ₹218 करोड़ का घाटा; ऑस्ट्रेलियाई परिचालन बना संकट की जड़
सारांश
मुख्य बातें
सिम्फनी लिमिटेड के शेयर 19 मई 2025 को 15 महीने के निचले स्तर पर आ गए, जब एयर कूलर निर्माता कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में ₹218 करोड़ का समेकित शुद्ध घाटा दर्ज किया — जबकि पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि में ₹79 करोड़ का शुद्ध लाभ हुआ था। मुंबई के बाज़ारों में दोपहर के कारोबार के दौरान शेयर 7.47 प्रतिशत गिरकर ₹725.5 पर कारोबार कर रहा था, और इंट्राडे गिरावट करीब 8 प्रतिशत तक पहुँची।
मुख्य घटनाक्रम
यह फरवरी 2025 के बाद एक ही दिन में शेयर की सबसे बड़ी गिरावट रही। व्यापक संदर्भ में देखें तो कंपनी के शेयर पिछले एक महीने में 11 प्रतिशत, 2026 में अब तक 21 प्रतिशत, और 52 सप्ताह के उच्चतम स्तर ₹1,309 से करीब 45 प्रतिशत नीचे आ चुके हैं।
परिचालन राजस्व के मोर्चे पर भी तस्वीर धुंधली रही। एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, मार्च तिमाही में परिचालन से राजस्व वार्षिक आधार पर 30.7 प्रतिशत घटकर ₹338 करोड़ रह गया, जो पिछले वित्तीय वर्ष की इसी तिमाही में ₹488 करोड़ था।
ऑस्ट्रेलियाई सहायक कंपनी बनी संकट की जड़
घाटे का सबसे बड़ा कारण क्लाइमेट होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड (पूर्व में सिम्फनी एयू प्राइवेट लिमिटेड) से जुड़ा रहा, जो कंपनी की ऑस्ट्रेलियाई परिचालन इकाई है। इस सहायक कंपनी से संबंधित गुडविल में ₹173.09 करोड़ की हानि दर्ज की गई।
कंपनी ने बताया कि व्यावसायिक प्रदर्शन में गिरावट और प्रबंधन के प्रयासों के बावजूद अपेक्षित कारोबार हासिल करने में विफलता इस नुकसान की मुख्य वजह रही। हालाँकि, प्रबंधन ने यह भी संकेत दिया कि सहायक कंपनियों का प्रदर्शन स्वतंत्र परिचालन की तुलना में अपेक्षाकृत बेहतर रहा।
परिचालन प्रदर्शन पर दबाव
मार्च तिमाही में EBITDA में 53.3 प्रतिशत की तीव्र गिरावट आई और यह एक वर्ष पूर्व के ₹107 करोड़ से घटकर ₹50 करोड़ रह गया। EBITDA मार्जिन भी इसी अवधि में 21.9 प्रतिशत से सिकुड़कर 14.8 प्रतिशत पर आ गया।
यह ऐसे समय में आया है जब कंपनी के परिचालन पर मौसम संबंधी चुनौतियों, भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और अंतरराष्ट्रीय सहायक कंपनियों में परिचालन संबंधी समस्याओं का तिहरा दबाव एक साथ पड़ा।
निवेशकों पर असर
गौरतलब है कि सिम्फनी एयर कूलर बाज़ार में अग्रणी घरेलू ब्रांडों में शुमार है, और इसके शेयरों में यह गिरावट खुदरा निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गई है। 52 सप्ताह के उच्चतम स्तर से 45 प्रतिशत की गिरावट दर्शाती है कि बाज़ार ने कंपनी के अंतरराष्ट्रीय विस्तार की रणनीति पर गहरी आशंका जताई है।
आगे की राह
फिलहाल कंपनी के प्रबंधन ने ऑस्ट्रेलियाई परिचालन में सुधार के संकेत दिए हैं, लेकिन ठोस रोडमैप अभी सामने नहीं आया है। विश्लेषकों की नज़र अगली तिमाही के नतीजों और अंतरराष्ट्रीय सहायक कंपनियों के पुनर्गठन की दिशा पर रहेगी।