फरवरी 2026 में कमोडिटी फंड में निवेश में महत्वपूर्ण गिरावट, कुल राशि 45,708 करोड़ रुपए
सारांश
Key Takeaways
- फरवरी 2026 में कमोडिटी फंड में निवेश में **महत्वपूर्ण गिरावट** आई।
- कुल निवेश **45,708 करोड़ रुपए** तक गिर गया।
- इस एसेट क्लास ने **80.3 प्रतिशत** का सालाना रिटर्न दिया।
- सोने की कीमतों में कमी के कारण गिरावट आई।
- मिड कैप और स्मॉल कैप शेयरों में **वृद्धि** देखी गई।
नई दिल्ली, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। फरवरी 2026 में कमोडिटी फंड में निवेश में महत्वपूर्ण गिरावट देखी गई, कुल मिलाकर निवेश लगभग 45,708 करोड़ रुपए तक गिर गया। हालांकि, इस एसेट क्लास ने सालाना आधार पर 80.3 प्रतिशत का शानदार रिटर्न भी दिया। यह जानकारी वैलम कैपिटल की रिपोर्ट में प्रस्तुत की गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, सोने की कीमतों में कमी आने के कारण कमोडिटी में निवेश में तेजी से गिरावट आई, और मनी मार्केट में भी थोड़ा ठंडापन देखा गया। वहीं, फिक्स्ड इनकम में लगातार पैसे का बहाव जारी रहा, जबकि इक्विटी में निवेश अपेक्षाकृत स्थिर बना रहा।
फरवरी में कुल नेट एसेट फ्लो जनवरी के 1,64,277 करोड़ रुपए से घटकर 73,842 करोड़ रुपए रह गया, जो कि आधी गिरावट को दर्शाता है।
कमोडिटी क्षेत्र में निवेश जनवरी के 51,483 करोड़ रुपए से घटकर फरवरी में 5,774 करोड़ रुपए रह गया, जो लगभग 89 प्रतिशत की कमी है। मनी मार्केट फ्लो में भी 45 प्रतिशत की गिरावट आई, जिससे यह 42,970 करोड़ रुपए रह गया।
इक्विटी में भी हल्की कमी देखी गई, जहां निवेश 52,110 करोड़ रुपए से घटकर 42,017 करोड़ रुपए रह गया, यानी करीब 19 प्रतिशत की कमी आई।
फिक्स्ड इनकम में नेट आउटफ्लो थोड़ा कम हुआ और यह 17,037 करोड़ रुपए से घटकर 16,919 करोड़ रुपए रह गया।
कमोडिटी सेक्टर में विशेष रूप से सोने और चांदी में फरवरी में तेज गिरावट का सामना करना पड़ा, जो जनवरी की तेजी के बाद एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी में जनवरी की असामान्य तेजी सामान्य होती दिखी, जिसमें सोने की तेजी कम हुई, मनी मार्केट स्थिर रहा और मिड व स्मॉल कैप शेयरों में 'डिप बाइंग' देखने को मिली, जबकि फिक्स्ड इनकम से पैसा निकलना जारी रहा।
ब्रॉड मार्केट इक्विटी फंड का निवेश 30,359 करोड़ रुपए से घटकर 27,254 करोड़ रुपए रह गया। लार्ज कैप में निवेश 11,007 करोड़ रुपए से घटकर 9,316 करोड़ रुपए रहा, लेकिन यह अभी भी सबसे प्रमुख बना हुआ है।
दिलचस्प यह है कि मिड कैप और स्मॉल कैप शेयरों ने ट्रेंड के विपरीत प्रदर्शन किया, जहां मिड कैप निवेश 3,297 करोड़ रुपए से बढ़कर 3,739 करोड़ रुपए और स्मॉल कैप 2,536 करोड़ रुपए से बढ़कर 3,055 करोड़ रुपए हो गया, जो यह दर्शाता है कि निवेशक गिरावट में खरीदारी कर रहे हैं।
इसके अलावा, फैक्टर फंड में निवेश भी बढ़ा, जो 3,116 करोड़ रुपए से बढ़कर 4,495 करोड़ रुपए हो गया। इसमें विशेषकर 'क्वालिटी' श्रेणी में तेजी आई, जिसका कारण एक नए एनएफओ के लॉन्च को माना जा रहा है, जिसने इस श्रेणी में बड़ा निवेश आकर्षित किया।