सेबी ने एलीटकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड पर पंप-एंड-डंप के आरोप में जांच शुरू की

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सेबी ने एलीटकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड पर पंप-एंड-डंप के आरोप में जांच शुरू की

सारांश

सेबी ने एलीटकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड के शेयरों में पंप-एंड-डंप की जांच शुरू की है। कंपनी के शेयर में 60 गुना वृद्धि के बाद अचानक गिरावट आई है, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ गई है। जानें क्या है पूरा मामला।

मुख्य बातें

सेबी ने एलीटकॉन इंटरनेशनल पर पंप-एंड-डंप के आरोपों की जांच शुरू की।
शेयर की कीमत में 60 गुना वृद्धि और गिरावट का मामला।
कंपनी की आय में असामान्य वृद्धि।
प्रमोटरों और संबंधित पक्षों के समन्वित सौदों का संदेह।
जांच के परिणामों से निवेशकों को महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी।

मुंबई, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) ने एलीटकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड के शेयरों में पंप-एंड-डंप योजना के संकेत मिलने पर कार्रवाई शुरू कर दी है।

नियामक ने देखा कि शेयर की कीमत में बहुत कम समय में 60 गुना से अधिक की वृद्धि हुई, जिसके बाद उसमें अचानक गिरावट आई, जो संभवतः हेरफेरपूर्ण ट्रेडिंग का संकेत था।

इसी प्रकार, प्रमोटरों और उनसे जुड़े पक्षों के बीच समन्वित सौदों और धन के हस्तांतरण के कारण भी शेयरों की कीमतों में उछाल आया।

सेबी ने कंपनी की आय में असामान्य वृद्धि पर भी चिंता व्यक्त की है, यह बताते हुए कि कंपनी का राजस्व दो वर्षों में लगभग 686 गुना बढ़ गया।

सितंबर तिमाही में राजस्व में 525 करोड़ रुपए से बढ़कर 2,195.8 करोड़ रुपए होने का रिकॉर्ड बना।

जांचकर्ताओं को संदेह है कि कंपनी की वास्तविक व्यावसायिक गतिविधि नगण्य थी और उसने खुदरा निवेशकों को आकर्षित करने के लिए भ्रामक कॉर्पोरेट खुलासे किए।

नियामक ने यह भी आरोप लगाया कि कंपनी के अंदरूनी लोगों ने ऊंचे दामों पर शेयर बेचे। प्रमोटर विपिन शर्मा को एक प्रमुख विक्रेता के रूप में पहचाना गया है, जब ट्रेडिंग वॉल्यूम और कीमतें अपने उच्चतम स्तर पर थीं।

सेबी ने कंपनी पर गंभीर खुलासे संबंधी चूक का आरोप लगाया है, जिसमें 408 करोड़ रुपए के जीएसटी से संबंधित कार्रवाई की जानकारी शेयरधारकों को तुरंत न देना शामिल है। अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रमों में या तो देरी की गई या उनका खुलासा नहीं किया गया, जिससे निवेशकों को महत्वपूर्ण जानकारी से वंचित रहना पड़ा।

नियामक के अनुसार, जांच जारी है और व्यापारिक पैटर्न, वित्तीय स्थिति और संस्थाओं के बीच संबंधों की गहन जांच की जा रही है।

जांच और उचित प्रक्रिया के बाद संभावित जुर्माने और बाजार प्रतिबंधों सहित अंतिम आदेश जारी किया जाएगा।

सोमवार को बीएसई पर एलीटकॉन इंटरनेशनल के शेयर 48.38 रुपए प्रति शेयर पर बंद हुए, जिसमें लगभग 5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें निवेशकों के हितों को खतरे में डाला गया है। सेबी की कार्रवाई से स्पष्ट होता है कि बाजार में पारदर्शिता और जिम्मेदारी की आवश्यकता है।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एलीटकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड पर सेबी ने कौन सा आरोप लगाया है?
सेबी ने एलीटकॉन पर पंप-एंड-डंप योजना का आरोप लगाया है, जिसमें शेयर की कीमत में असामान्य वृद्धि और गिरावट शामिल है।
सेबी की जांच का कारण क्या है?
सेबी ने देखा कि एलीटकॉन के शेयरों में 60 गुना वृद्धि के बाद अचानक गिरावट आई, जो हेरफेरपूर्ण ट्रेडिंग का संकेत देती है।
कंपनी की आय में वृद्धि का क्या कारण है?
कंपनी की आय में वृद्धि प्रमोटरों और संबंधित पक्षों के समन्वित सौदों और धन के हस्तांतरण के कारण हुई।
सेबी की कार्रवाई से निवेशकों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
सेबी की जांच निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करेगी, और संभावित जुर्माने और प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।
क्या एलीटकॉन के शेयरों में और गिरावट होने की संभावना है?
जांच के चलते बाजार की स्थिति और कंपनी की वित्तीय स्थिति पर निर्भर करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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