रेमंड लिमिटेड का Q4 मुनाफा 99.2% गिरकर ₹1.1 करोड़, ₹20 करोड़ के असाधारण नुकसान का असर

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रेमंड लिमिटेड का Q4 मुनाफा 99.2% गिरकर ₹1.1 करोड़, ₹20 करोड़ के असाधारण नुकसान का असर

सारांश

रेमंड का Q4 मुनाफा 99.2% गिरकर महज ₹1.1 करोड़ रह गया — लेकिन यह पूरी कहानी नहीं है। ₹20 करोड़ के एकमुश्त असाधारण नुकसान ने आँकड़ा बिगाड़ा, जबकि EBITDA 37.8% उछला और मार्जिन 12.5% पर पहुँचा। परिचालन इंजन चल रहा है; असली सवाल यह है कि वैश्विक विस्तार की महत्वाकांक्षा एकमुश्त झटकों की पुनरावृत्ति के बिना कैसे आगे बढ़ेगी।

मुख्य बातें

रेमंड लिमिटेड का Q4 FY2025-26 शुद्ध लाभ 99.2% गिरकर ₹1.1 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष ₹133 करोड़ था।
गिरावट की मुख्य वजह ₹20.03 करोड़ का एकमुश्त असाधारण नुकसान रहा।
राजस्व 8.1% बढ़कर ₹603 करोड़ ; EBITDA 37.8% उछलकर ₹75.5 करोड़ पर पहुँचा।
EBITDA मार्जिन 9.8% से बढ़कर 12.5% हुआ।
पूरे वित्त वर्ष में कुल आय ₹2,212.1 करोड़ ; वार्षिक शुद्ध लाभ ₹53.54 करोड़ पर स्थिर।
CMD गौतम हरि सिंघानिया ने उच्च मार्जिन अवसरों और वैश्विक विस्तार पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही।

रेमंड लिमिटेड का वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) का कंसोलिडेटेड शुद्ध लाभ 99.2 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ मात्र ₹1.1 करोड़ रह गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में ₹133 करोड़ था। एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, इस तीव्र गिरावट की मुख्य वजह तिमाही के दौरान दर्ज किया गया ₹20.03 करोड़ का एकमुश्त असाधारण नुकसान रहा।

मुनाफे में गिरावट की वजह

कंपनी के अनुसार, तिमाही के दौरान ₹20.03 करोड़ के असाधारण खर्च ने शुद्ध लाभ को गंभीर रूप से प्रभावित किया। इसके अलावा, अन्य आय भी तेज़ी से घटकर ₹9.6 करोड़ रह गई, जो एक वर्ष पूर्व ₹43.9 करोड़ थी। कुल खर्च बढ़कर ₹587.14 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल यह ₹556.85 करोड़ था।

गौरतलब है कि कंपनी ने इस तिमाही में ₹7.8 करोड़ का टैक्स क्रेडिट दर्ज किया, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में ₹8.8 करोड़ का टैक्स खर्च हुआ था।

राजस्व और परिचालन प्रदर्शन मज़बूत

मुनाफे में तीव्र गिरावट के बावजूद, रेमंड का परिचालन प्रदर्शन उत्साहजनक रहा। कंपनी का राजस्व 8.1 प्रतिशत बढ़कर ₹603 करोड़ हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में ₹558 करोड़ था। ईबीआईटीडीए 37.8 प्रतिशत उछलकर ₹75.5 करोड़ पर पहुँच गया, और मार्जिन 9.8 प्रतिशत से सुधरकर 12.5 प्रतिशत हो गया।

यह ऐसे समय में आया है जब एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र में घरेलू माँग में तेज़ी देखी जा रही है, जो रेमंड के मुख्य व्यावसायिक खंडों में से एक है।

पूरे वित्त वर्ष का प्रदर्शन स्थिर

वार्षिक आधार पर कंपनी का प्रदर्शन संतुलित रहा। वित्त वर्ष 2025-26 में कंसोलिडेटेड शुद्ध लाभ ₹53.54 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष के ₹52.02 करोड़ से मामूली अधिक है। कुल आय बढ़कर ₹2,212.1 करोड़ हो गई, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह ₹1,946.84 करोड़ थी।

प्रबंधन की प्रतिक्रिया

कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर गौतम हरि सिंघानिया ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 में एयरोस्पेस, रक्षा और प्रिसिजन टेक्नोलॉजी सेगमेंट में अच्छी वृद्धि देखने को मिली, जो अंतिम तिमाही में भी मज़बूत बनी रही।

सिंघानिया ने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ₹20.03 करोड़ के एकमुश्त असाधारण नुकसान को हटाकर देखें तो परिचालन तस्वीर कहीं अधिक मज़बूत दिखती है — EBITDA में 37.8% की वृद्धि और मार्जिन का 12.5% पर पहुँचना इसका प्रमाण है। असली चिंता यह है कि अन्य आय ₹43.9 करोड़ से घटकर ₹9.6 करोड़ रह गई, जो एक संरचनात्मक बदलाव का संकेत हो सकता है। एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र में विस्तार की महत्वाकांक्षा सही दिशा में है, पर निवेशकों को यह देखना होगा कि क्या ये एकमुश्त झटके भविष्य में भी दोहराए जाते हैं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रेमंड लिमिटेड का Q4 FY2026 मुनाफा इतना क्यों गिरा?
रेमंड का Q4 शुद्ध लाभ मुख्य रूप से ₹20.03 करोड़ के एकमुश्त असाधारण नुकसान के कारण 99.2% गिरकर ₹1.1 करोड़ रह गया। इसके अलावा, अन्य आय भी ₹43.9 करोड़ से घटकर ₹9.6 करोड़ रह जाने से दबाव और बढ़ा।
रेमंड का Q4 राजस्व और EBITDA कैसा रहा?
मुनाफे में गिरावट के बावजूद राजस्व 8.1% बढ़कर ₹603 करोड़ रहा और EBITDA 37.8% उछलकर ₹75.5 करोड़ पर पहुँचा। EBITDA मार्जिन 9.8% से सुधरकर 12.5% हो गया, जो परिचालन दक्षता में सुधार का संकेत है।
रेमंड का पूरे वित्त वर्ष 2025-26 का प्रदर्शन कैसा रहा?
पूरे वित्त वर्ष में रेमंड का कंसोलिडेटेड शुद्ध लाभ ₹53.54 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष के ₹52.02 करोड़ से मामूली अधिक है। कुल आय बढ़कर ₹2,212.1 करोड़ हो गई, जो FY2024-25 में ₹1,946.84 करोड़ थी।
रेमंड लिमिटेड किन क्षेत्रों में कारोबार करती है?
रेमंड लिमिटेड एयरोस्पेस, रक्षा, प्रिसिजन इंजीनियरिंग और ऑटो कंपोनेंट्स जैसे क्षेत्रों में कारोबार करती है। CMD गौतम हरि सिंघानिया के अनुसार, इन खंडों में FY2026 में अच्छी वृद्धि देखने को मिली।
रेमंड की भविष्य की योजनाएँ क्या हैं?
CMD गौतम हरि सिंघानिया ने कहा कि कंपनी की प्राथमिकता वैश्विक माँग के अनुरूप तेज़ी से विस्तार करना और उच्च मार्जिन वाले अवसरों पर ध्यान केंद्रित करना है। उनके अनुसार, यह रणनीति दीर्घकाल में शेयरधारकों के लिए बेहतर मूल्य सृजन करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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