रेमंड लिमिटेड का Q4 मुनाफा 99.2% गिरकर ₹1.1 करोड़, ₹20 करोड़ के असाधारण नुकसान का असर
सारांश
मुख्य बातें
रेमंड लिमिटेड का वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) का कंसोलिडेटेड शुद्ध लाभ 99.2 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ मात्र ₹1.1 करोड़ रह गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में ₹133 करोड़ था। एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, इस तीव्र गिरावट की मुख्य वजह तिमाही के दौरान दर्ज किया गया ₹20.03 करोड़ का एकमुश्त असाधारण नुकसान रहा।
मुनाफे में गिरावट की वजह
कंपनी के अनुसार, तिमाही के दौरान ₹20.03 करोड़ के असाधारण खर्च ने शुद्ध लाभ को गंभीर रूप से प्रभावित किया। इसके अलावा, अन्य आय भी तेज़ी से घटकर ₹9.6 करोड़ रह गई, जो एक वर्ष पूर्व ₹43.9 करोड़ थी। कुल खर्च बढ़कर ₹587.14 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल यह ₹556.85 करोड़ था।
गौरतलब है कि कंपनी ने इस तिमाही में ₹7.8 करोड़ का टैक्स क्रेडिट दर्ज किया, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में ₹8.8 करोड़ का टैक्स खर्च हुआ था।
राजस्व और परिचालन प्रदर्शन मज़बूत
मुनाफे में तीव्र गिरावट के बावजूद, रेमंड का परिचालन प्रदर्शन उत्साहजनक रहा। कंपनी का राजस्व 8.1 प्रतिशत बढ़कर ₹603 करोड़ हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में ₹558 करोड़ था। ईबीआईटीडीए 37.8 प्रतिशत उछलकर ₹75.5 करोड़ पर पहुँच गया, और मार्जिन 9.8 प्रतिशत से सुधरकर 12.5 प्रतिशत हो गया।
यह ऐसे समय में आया है जब एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र में घरेलू माँग में तेज़ी देखी जा रही है, जो रेमंड के मुख्य व्यावसायिक खंडों में से एक है।
पूरे वित्त वर्ष का प्रदर्शन स्थिर
वार्षिक आधार पर कंपनी का प्रदर्शन संतुलित रहा। वित्त वर्ष 2025-26 में कंसोलिडेटेड शुद्ध लाभ ₹53.54 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष के ₹52.02 करोड़ से मामूली अधिक है। कुल आय बढ़कर ₹2,212.1 करोड़ हो गई, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह ₹1,946.84 करोड़ थी।
प्रबंधन की प्रतिक्रिया
कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर गौतम हरि सिंघानिया ने कहा कि वित्त वर्ष 2026 में एयरोस्पेस, रक्षा और प्रिसिजन टेक्नोलॉजी सेगमेंट में अच्छी वृद्धि देखने को मिली, जो अंतिम तिमाही में भी मज़बूत बनी रही।
सिंघानिया ने कहा,