क्या एलटीआईमाइंडट्री का मुनाफा वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में 10 प्रतिशत कम हुआ?
सारांश
Key Takeaways
मुंबई, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत की प्रमुख आईटी कंपनियों में से एक एलटीआईमाइंडट्री ने सोमवार को वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही के नतीजे जारी किए। अक्टूबर-दिसंबर की अवधि में कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर 10.4 प्रतिशत घटकर 970.6 करोड़ रुपए रह गया है।
कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में खुलासा किया कि मुनाफे में कमी का कारण नए लेबर कोड का प्रभाव है, जिसके चलते एक बार का खर्च 590.3 करोड़ रुपए हुआ।
पिछले वित्त वर्ष 25 की दिसंबर तिमाही में कंपनी का मुनाफा 1,085.4 करोड़ रुपए था।
फाइलिंग में कहा गया है कि नए लेबर कोड्स के लागू होने के कारण यह एकमुश्त खर्चा किया गया था।
एलटीआईमाइंडट्री ने वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में 11,008.2 करोड़ रुपए की आय अर्जित की, जो कि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की आय 9,873.4 करोड़ रुपए से 11.49 प्रतिशत अधिक है।
कंपनी की परिचालन आय अक्टूबर-दिसंबर की अवधि में सालाना आधार पर 11.59 प्रतिशत बढ़कर 10,781 करोड़ रुपए हो गई है।
एलटीआईमाइंडट्री ने यह भी बताया कि बढ़े हुए खर्च को 31 दिसंबर, 2025 को खत्म हुई तिमाही और नौ महीनों के लिए कंसोलिडेटेड प्रॉफिट एंड लॉस स्टेटमेंट में "एक्सेप्शनल आइटम" के तौर पर वर्गीकृत किया गया है।
कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह खर्च उसके कोर बिजनेस परफॉर्मेंस में किसी गिरावट को नहीं दर्शाता, बल्कि यह रेगुलेटरी बदलावों के कारण किया गया एक बार का एडजस्टमेंट है।
एलटीआईमाइंडट्री के सीईओ और एमडी वेणु लांबू ने कहा, "तीसरी तिमाही में कंपनी का मजबूत प्रदर्शन हमारे स्ट्रैटेजिक एआई बदलाव, बड़ी डील्स में लगातार सफलता और ऑपरेशनल एक्सीलेंस को दर्शाता है।"
लांबू ने आगे कहा, "यह लगातार तीसरी तिमाही है जिसमें हमने 2 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हासिल की है, जो हमारे अनुशासित कार्य, गहरे तकनीकी ज्ञान और विभिन्न एआई-आधारित पेशकशों को दर्शाता है।"