राघव चड्ढा का सरकार से मांग: सभी हवाई अड्डों पर बढ़ाएं 'उड़ान यात्री कैफे'
सारांश
Key Takeaways
- राघव चड्ढा ने हवाई अड्डों पर सस्ती भोजन की मांग की।
- उड़ान यात्री कैफे का विस्तार सभी हवाई अड्डों पर होना चाहिए।
- सुरक्षा जांच के बाद कैफे की स्थापना की आवश्यकता।
- यात्रियों के लिए किफायती भोजन एक बुनियादी सुविधा है।
- उड़ान यात्री कैफे की पहल का उद्देश्य उच्च कीमतों की समस्या को हल करना है।
नई दिल्ली, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने सोमवार को हवाई अड्डों पर सस्ती भोजन की समस्या को उठाया और सरकार से 'उड़ान यात्री कैफे' पहल को पूरे देश के सभी हवाई अड्डों पर विस्तारित करने की मांग की।
चड्ढा ने कहा कि हवाई यात्रियों ने लंबे समय से हवाई अड्डों पर भोजन के महंगे दामों के बारे में शिकायत की है। उन्होंने बताया कि यह मुद्दा उन्होंने पहले भी संसद में उठाया था। हालांकि, उन्होंने सरकार की ओर से कुछ हवाई अड्डों पर उड़ान यात्री कैफे की स्थापना की सराहना की, लेकिन यह भी कहा कि इस योजना को व्यापक और प्रभावी तरीके से लागू करने की आवश्यकता है।
चड्ढा ने बताया कि भारत में वर्तमान में 150 से अधिक हवाई अड्डे हैं, लेकिन उड़ान यात्री कैफे केवल 10 से 12 हवाई अड्डों पर ही उपलब्ध हैं। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि इस पहल को हर हवाई अड्डे पर विस्तारित किया जाए ताकि सभी यात्रियों को सस्ते भोजन और पेय पदार्थ उपलब्ध हो सकें।
उन्होंने चेक-इन और सुरक्षा जांच के बाद प्रस्थान क्षेत्र में इन कैफे को स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया, क्योंकि इसी क्षेत्र में यात्री अपनी उड़ान का इंतजार करते हैं। चड्ढा के अनुसार, इस प्रतीक्षा अवधि के दौरान यात्री चाय या नाश्ते के लिए खरीदारी करने की अधिक संभावना रखते हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में ये कैफे केवल चेक-इन से पहले वाले क्षेत्र में स्थित हैं, जबकि इन्हें सुरक्षा जांच के बाद प्रस्थान क्षेत्र में होना चाहिए ताकि यात्री आसानी से इनका उपयोग कर सकें।
चड्ढा ने यह भी बताया कि कई स्थानों पर सीमित काउंटरों के कारण अक्सर लंबी कतारें लग जाती हैं। सीमित मेनू विकल्प और क्षमता संबंधी प्रतिबंध भी यात्रियों के लिए पहुंच को बाधित करते हैं।
सरकार से इन समस्याओं का समाधान करने का अनुरोध करते हुए सांसद ने कहा कि सभी छोटे-बड़े हवाई अड्डों पर, विशेष रूप से चेक-इन और सुरक्षा जांच के बाद वाले क्षेत्रों में, उड़ान यात्री कैफे स्थापित किए जाएं।
उन्होंने कहा कि हवाई अड्डों पर सस्ते भोजन को विलासिता नहीं होना चाहिए, बल्कि यह यात्रियों के लिए एक बुनियादी सुविधा होनी चाहिए। उन्होंने हवाई यात्रा को और अधिक यात्री-अनुकूल और सुलभ बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
यह ध्यान देने योग्य है कि उड़ान यात्री कैफे एक सरकारी पहल है, जिसे फरवरी 2026 में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य भारतीय हवाई अड्डों पर यात्रियों को किफायती स्नैक्स और पेय पदार्थ (चाय/पानी 10 रुपए, कॉफी/स्नैक्स 20 रुपए) उपलब्ध कराना है, ताकि खाद्य पदार्थों की उच्च कीमतों की समस्या का समाधान किया जा सके।