मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार नाकाम: कांग्रेस नेता कुणाल चौधरी का मोहन यादव पर हमला

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मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार नाकाम: कांग्रेस नेता कुणाल चौधरी का मोहन यादव पर हमला

सारांश

कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी ने मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है — मंत्रियों की आंतरिक समीक्षा को 'नाकामी का पोस्टमार्टम' बताते हुए छिंदवाड़ा, इंदौर और जबलपुर की घटनाओं को प्रशासनिक विफलता का प्रमाण करार दिया।

मुख्य बातें

कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी ने मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार को 'नाकाम' करार दिया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार को ढाई साल से अधिक बीत चुके हैं; मंत्रियों के कामकाज की आंतरिक समीक्षा जारी है।
चौधरी ने छिंदवाड़ा में नकली कफ सिरप से मौतें, इंदौर में दूषित पानी से मौतें, एमवाय हॉस्पिटल में बच्चों की मौतें और जबलपुर क्रूज हादसे को प्रशासनिक विफलता का प्रमाण बताया।
कांग्रेस का आरोप — सरकार जनता की समस्याओं की बजाय 'इमेज मैनेजमेंट और फोटोशूट' पर केंद्रित है।
समीक्षा बैठक में सत्ता पक्ष और BJP संगठन के प्रमुख नेता शामिल हैं।

कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और पूर्व विधायक कुणाल चौधरी ने मध्य प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार को 'नाकाम सरकार' करार दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार को ढाई साल से अधिक का समय बीत चुका है, फिर भी मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा की नौबत आना सरकार की विफलता का प्रमाण है।

मुख्य आरोप: परफॉर्मेंस टेस्ट नहीं, पोस्टमार्टम

चौधरी ने तीखे शब्दों में कहा कि सीएम हाउस में इस समय 'परफॉर्मेंस टेस्ट नहीं, बल्कि भाजपा सरकार की नाकामी का पोस्टमार्टम' चल रहा है। उनके अनुसार, ढाई साल बाद भी सरकार को अपने मंत्रियों की मैदानी मौजूदगी और कामकाज पर भरोसा नहीं रहा।

चौधरी ने सवाल उठाया कि यदि जनता को राहत मिली होती, किसान संतुष्ट होते, युवाओं को रोज़गार मिला होता और कानून-व्यवस्था मज़बूत होती, तो बंद कमरों में मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड माँगने की ज़रूरत क्यों पड़ती?

प्रशासनिक विफलता के उदाहरण

कांग्रेस नेता ने हाल की कई घटनाओं का हवाला देते हुए सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि छिंदवाड़ा में नकली कफ सिरप से हुई मौतें, इंदौर में दूषित पानी पीने से लोगों की जान जाना, एमवाय हॉस्पिटल में बच्चों की मौतें और जबलपुर क्रूज हादसा — ये सभी घटनाएँ प्रशासनिक विफलता की गवाही दे रही हैं।

चौधरी के अनुसार, इन सबके बावजूद सरकार की प्राथमिकता जनता की समस्याओं का समाधान नहीं, बल्कि 'इमेज मैनेजमेंट और फोटोशूट' है।

समीक्षा बैठक का संदर्भ

उल्लेखनीय है कि इन दिनों मोहन यादव सरकार के मंत्रियों के कामकाज की आंतरिक समीक्षा का दौर चल रहा है। इस बैठक में सत्ता पक्ष और संगठन के प्रमुख नेता शामिल हैं। कांग्रेस ने इसी समीक्षा प्रक्रिया को अपने हमले का आधार बनाया है।

जनता परिणाम चाहती है: चौधरी

चौधरी ने स्पष्ट कहा कि मध्य प्रदेश की जनता मुख्यमंत्री मोहन यादव से 'परफॉर्मेंस टेस्ट नहीं, परिणाम' माँग रही है। उनका कहना है कि सरकारी समीक्षाएँ तब तक अर्थहीन हैं जब तक ज़मीनी स्तर पर नागरिकों की स्थिति में ठोस सुधार न हो।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल वैध है कि ढाई साल बाद भी यदि सरकार को अपने मंत्रियों की ज़मीनी उपस्थिति की जाँच करनी पड़ रही है, तो जवाबदेही का तंत्र कहाँ चूक रहा है। छिंदवाड़ा, इंदौर और जबलपुर की घटनाएँ अलग-अलग विभागों की विफलताएँ हैं — इन्हें एक सूत्र में पिरोना विपक्षी रणनीति है, परंतु इन घटनाओं पर सरकार की सार्वजनिक जवाबदेही अभी भी अपेक्षित है। असली परीक्षा यह है कि समीक्षा बैठक के बाद क्या कोई मंत्री जवाबदेह ठहराया जाता है या यह प्रक्रिया भी महज औपचारिकता बनकर रह जाती है।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुणाल चौधरी ने मध्य प्रदेश सरकार को नाकाम क्यों कहा?
कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी ने कहा कि ढाई साल बाद भी मोहन यादव सरकार को अपने मंत्रियों की मैदानी उपस्थिति और कामकाज पर भरोसा नहीं रहा। उन्होंने छिंदवाड़ा, इंदौर, जबलपुर और एमवाय हॉस्पिटल की घटनाओं को प्रशासनिक विफलता का प्रमाण बताया।
मोहन यादव सरकार की मंत्री समीक्षा बैठक क्या है?
मध्य प्रदेश में इन दिनों मोहन यादव सरकार के मंत्रियों के कामकाज की आंतरिक समीक्षा चल रही है, जिसमें सत्ता पक्ष और भाजपा संगठन के प्रमुख नेता शामिल हैं। कांग्रेस ने इसी समीक्षा प्रक्रिया को सरकार की नाकामी का संकेत बताते हुए निशाना साधा है।
छिंदवाड़ा नकली कफ सिरप मामला क्या है?
कुणाल चौधरी ने छिंदवाड़ा में नकली कफ सिरप के सेवन से हुई मौतों का उल्लेख करते हुए इसे राज्य सरकार की प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण बताया। यह घटना उन कई मामलों में से एक है जिन्हें कांग्रेस ने भाजपा सरकार की विफलता के प्रमाण के रूप में सामने रखा है।
कांग्रेस मध्य प्रदेश सरकार से क्या माँग कर रही है?
कांग्रेस के अनुसार, जनता मुख्यमंत्री मोहन यादव से 'परफॉर्मेंस टेस्ट नहीं, परिणाम' चाहती है। पार्टी का कहना है कि सरकार को इमेज मैनेजमेंट की बजाय किसानों, युवाओं और आम नागरिकों की समस्याओं के ठोस समाधान पर ध्यान देना चाहिए।
जबलपुर क्रूज हादसा क्या था?
कुणाल चौधरी ने जबलपुर क्रूज हादसे का उल्लेख प्रशासनिक विफलता के उदाहरण के रूप में किया। इसे उन्होंने इंदौर में दूषित पानी से मौतें और एमवाय हॉस्पिटल में बच्चों की मौतों के साथ जोड़ते हुए सरकार की लापरवाही को रेखांकित किया।
राष्ट्र प्रेस
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