क्या भागीरथपुरा पानी त्रासदी पर मध्य प्रदेश सरकार की रिपोर्टें सार्वजनिक की जानी चाहिए?

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क्या भागीरथपुरा पानी त्रासदी पर मध्य प्रदेश सरकार की रिपोर्टें सार्वजनिक की जानी चाहिए?

सारांश

इंदौर के भागीरथपुरा में पानी में मिलावट से हुई त्रासदी के चलते, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने न्यायिक जांच की मांग की है, जबकि सरकार ने एक आईएएस अधिकारी को निलंबित किया है। क्या यह सच में जिम्मेदारी तय करने की दिशा में एक कदम है?

Key Takeaways

  • भागीरथपुरा में पानी में मिलावट से हुई त्रासदी ने कई जानों को ले लिया।
  • सरकार ने आईएएस अधिकारी को निलंबित किया है।
  • दिग्विजय सिंह ने न्यायिक जांच की मांग की है।
  • 21 मृतक परिवारों को 2 लाख रुपए का मुआवजा दिया गया।
  • अगली सुनवाई 20 जनवरी को होगी।

इंदौर, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को कहा कि इंदौर के भागीरथपुरा में पानी में मिलावट के मामले में राज्य सरकार ने आईएएस अधिकारी को निलंबित करके एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। इसके जवाब में वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय भाजपा नेताओं के खिलाफ जिम्मेदारी तय करने में नाकाम रहे हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा है कि इंदौर के भागीरथपुरा में पानी में मिलावट से हुई दर्जनों मौतों की जांच मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के किसी कार्यरत न्यायाधीश से करवाई जानी चाहिए।

कांग्रेस नेता ने इस मामले में सार्वजनिक सुनवाई की भी मांग की और कहा कि राज्य सरकार की रिपोर्टें (मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय को सौंपे गए स्टेटस रिपोर्ट) भी जनता के लिए सार्वजनिक की जानी चाहिए।

दिग्विजय सिंह ने कहा, “भागीरथपुरा घटना से जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक होने चाहिए ताकि जिम्मेदार लोगों को पाया जा सके। मुझे विश्वास है कि मुख्यमंत्री साहस दिखाएंगे और इस मामले में न्यायिक जांच का आदेश देंगे।”

उन्होंने राज्य सरकार पर आलोचना करते हुए कहा कि केवल जूनियर अधिकारियों को निलंबित करना और कुछ नगर निगम के कर्मचारियों का ट्रांसफर करना मुख्य दोषियों को बचाने का प्रयास है।

यह बयान उन्होंने उस दिन दिया जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी शनिवार को इंदौर पहुंचकर भागीरथपुरा के प्रभावित परिवारों से मिलने वाले हैं। दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जितु पटवारी भी राहुल गांधी के साथ इंदौर में मौजूद रहेंगे।

वहीं, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नर्मदापुरम जिले में एक कार्यक्रम में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि “राहुल गांधी मौतों पर राजनीति करने इंदौर आ रहे हैं।”

मुख्यमंत्री यादव ने कहा, “भागीरथपुरा त्रासदी में हमारी सरकार ने कड़ा कदम उठाया। हमने एक आईएएस अधिकारी को निलंबित किया, जो एक मिसाल है।”

मध्य प्रदेश सरकार ने गुरुवार को इंदौर बेंच के सामने बताया कि भागीरथपुरा क्षेत्र में 21 मृतक परिवारों को 2 लाख रुपए का मुआवजा दिया गया है, हालांकि सभी मौतों को चिकित्सकीय रूप से पानी में मिलावट के कारण होने की पुष्टि नहीं मिली थी।

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने इस मामले की अगली सुनवाई 20 जनवरी को निर्धारित की है।

-राष्ट्र प्रेस

एएमटी/डीएससी

Point of View

बल्कि जिम्मेदार लोगों को भी सजा दिलवाने के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए। जब तक ऐसे मामलों में पारदर्शिता नहीं होगी, तब तक जनता का विश्वास बना रहना मुश्किल है।
NationPress
09/03/2026

Frequently Asked Questions

भागीरथपुरा पानी त्रासदी में कितने लोग मरे?
भागीरथपुरा पानी त्रासदी में 21 लोग मरे हैं।
क्या सरकार ने किसी को निलंबित किया है?
हाँ, सरकार ने एक आईएएस अधिकारी को निलंबित किया है।
दिग्विजय सिंह ने क्या मांगा है?
दिग्विजय सिंह ने न्यायिक जांच की मांग की है।
इस मामले की अगली सुनवाई कब है?
इस मामले की अगली सुनवाई 20 जनवरी को है।
क्या राहुल गांधी इस मामले पर कुछ कहने वाले हैं?
हाँ, राहुल गांधी प्रभावित परिवारों से मिलने इंदौर आ रहे हैं।
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