हजारीबाग: श्वेता कुमारी आत्महत्या मामले में आरोपी छात्र व शिक्षिका की गिरफ्तारी की मांग, स्कूल गेट पर धरना

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हजारीबाग: श्वेता कुमारी आत्महत्या मामले में आरोपी छात्र व शिक्षिका की गिरफ्तारी की मांग, स्कूल गेट पर धरना

सारांश

हजारीबाग के विवेकानंद विद्यालय की 15 वर्षीया श्वेता कुमारी की कथित उत्पीड़न के बाद हुई मौत ने पूरे शहर को हिला दिया। परिजनों और नागरिकों के धरने के बाद प्रशासन ने एक सप्ताह में आरोपी छात्र और शिक्षिका की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है।

मुख्य बातें

15 वर्षीया श्वेता कुमारी की मृत्यु 15 मई को रांची के मेदांता अस्पताल में इलाज के दौरान हुई।
आरोप है कि छात्र सोलेंज राणा करीब एक महीने से श्वेता को प्रताड़ित कर रहा था और शिक्षिका प्रतिभा सिंह ने फोन पर धमकाया था।
18 मई को सैकड़ों नागरिकों ने विवेकानंद विद्यालय के मुख्य गेट पर करीब एक घंटे तक धरना दिया।
प्रशासन ने एक सप्ताह के भीतर दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत का आश्वासन दिया।
पुलिस ने पिता संजय गुप्ता के लिखित बयान के आधार पर मामला दर्ज कर तकनीकी व वैज्ञानिक जाँच शुरू की।

झारखंड के हजारीबाग जिले के विवेकानंद विद्यालय में पढ़ने वाली 15 वर्षीया छात्रा श्वेता कुमारी की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर सोमवार, 18 मई को परिजनों और सैकड़ों स्थानीय नागरिकों ने विद्यालय के मुख्य गेट पर जोरदार धरना दिया। आरोप है कि विद्यालय के एक छात्र और एक शिक्षिका की कथित प्रताड़ना से आहत होकर श्वेता ने जहरीला पदार्थ खा लिया था, जिससे 15 मई को रांची के अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

मुख्य घटनाक्रम

श्वेता के पिता संजय गुप्ता के अनुसार, विद्यालय का छात्र सोलेंज राणा पिछले करीब एक महीने से श्वेता को लगातार प्रताड़ित कर रहा था और उस पर अनैतिक दबाव बना रहा था। परिजनों का यह भी आरोप है कि विद्यालय की शिक्षिका प्रतिभा सिंह ने फोन पर श्वेता को धमकाया था। इस दोहरी प्रताड़ना के चलते छात्रा ने जहरीला पदार्थ खा लिया।

स्थिति बिगड़ने पर श्वेता को पहले हजारीबाग के आरोग्यम अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया, जिसके बाद उन्हें रांची के मेदांता अस्पताल रेफर किया गया, जहाँ 15 मई को उनका निधन हो गया। यह मामला बड़ा बाजार थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है।

धरना प्रदर्शन और जनआक्रोश

करीब एक घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन में आक्रोशित नागरिकों ने 'श्वेता कुमारी को इंसाफ दो' के नारे लगाए और मामले की निष्पक्ष जाँच के साथ-साथ आरोपियों के विरुद्ध अविलंब कड़ी कानूनी कार्रवाई की माँग की। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही बड़ा बाजार थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे।

इस दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता अमरदीप यादव और मुक्ति धाम सेवा संस्थान के नीरज कुमार की टीम ने भी प्रदर्शनकारियों और श्वेता के परिजनों से बातचीत कर उनकी पीड़ा सुनी।

प्रशासन का आश्वासन

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को पूरी निष्पक्षता के साथ जाँच करने का भरोसा दिलाया। प्रशासन की ओर से आधिकारिक आश्वासन दिया गया कि मामले में नामजद आरोपी छात्र सोलेंज राणा और शिक्षिका प्रतिभा सिंह को एक सप्ताह के भीतर गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा। इस आश्वासन के बाद ही धरना समाप्त हुआ।

जाँच की स्थिति

पुलिस ने संजय गुप्ता के लिखित बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और तकनीकी व वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की छानबीन तेज कर दी है। गौरतलब है कि यह मामला उस समय सामने आया है जब झारखंड में स्कूली छात्राओं की सुरक्षा को लेकर पहले से ही चिंताएँ जताई जाती रही हैं। आने वाले दिनों में आरोपियों की गिरफ्तारी और न्यायिक प्रक्रिया पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्वेता कुमारी कौन थीं और उनकी मौत कैसे हुई?
श्वेता कुमारी हजारीबाग के विवेकानंद विद्यालय की 15 वर्षीया छात्रा थीं। कथित तौर पर एक सहपाठी और एक शिक्षिका की प्रताड़ना से आहत होकर उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया, जिसके बाद 15 मई को रांची के मेदांता अस्पताल में उनका निधन हो गया।
इस मामले में किन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं?
परिजनों के अनुसार, विद्यालय के छात्र सोलेंज राणा पर करीब एक महीने से श्वेता को अनैतिक दबाव में रखने का आरोप है। इसके अलावा शिक्षिका प्रतिभा सिंह पर फोन पर धमकाने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस और प्रशासन ने क्या कार्रवाई का आश्वासन दिया है?
प्रशासन ने आधिकारिक रूप से आश्वासन दिया है कि नामजद आरोपी छात्र और शिक्षिका को एक सप्ताह के भीतर गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा। पुलिस ने पिता संजय गुप्ता के लिखित बयान के आधार पर मामला दर्ज कर तकनीकी व वैज्ञानिक जाँच तेज कर दी है।
18 मई को हजारीबाग में क्या हुआ?
18 मई, सोमवार को श्वेता के परिजनों और सैकड़ों स्थानीय नागरिकों ने विवेकानंद विद्यालय के मुख्य गेट पर करीब एक घंटे तक धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने 'श्वेता कुमारी को इंसाफ दो' के नारे लगाए और निष्पक्ष जाँच की माँग की।
इस मामले में आगे क्या होने की संभावना है?
प्रशासनिक आश्वासन के अनुसार एक सप्ताह के भीतर दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी अपेक्षित है। पुलिस तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जाँच जारी रखे हुए है, और न्यायिक प्रक्रिया पर परिजनों व नागरिक समाज की निगाहें टिकी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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