बराक न्यूक्लियर प्लांट पर ड्रोन हमले की जर्मन चांसलर मर्ज और पाकिस्तान के PM शहबाज ने की कड़ी निंदा
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बराक न्यूक्लियर एनर्जी प्लांट पर 18 मई 2026 को ड्रोन से हमला किया गया, जिसकी पाकिस्तान, जर्मनी, कतर, कुवैत और सऊदी अरब सहित दुनिया के कई देशों ने तीखी निंदा की है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने यूएई के प्रति एकजुटता जताते हुए सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने और कूटनीतिक रास्ता अपनाने की अपील की। वहीं, जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने परमाणु सुविधाओं पर हमले को पूरे क्षेत्र की जनता के लिए खतरनाक बताया और ईरान को अमेरिका के साथ गंभीर वार्ता करने की सलाह दी।
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'पाकिस्तान संयुक्त अरब अमीरात में बराक न्यूक्लियर एनर्जी प्लांट पर हुए ड्रोन हमले की कड़ी निंदा करता है। हम यूएई के नेतृत्व और भाईचारे वाले लोगों के साथ पूरी तरह खड़े हैं। हम सभी पार्टियों से ज़्यादा से ज़्यादा संयम बरतने और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने की अपील करते हैं।'
शरीफ ने आगे कहा कि 'बातचीत और कूटनीति ही इलाके में लंबे समय तक शांति, स्थिरता और तनाव कम करने का एकमात्र सही रास्ता है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर है।
जर्मन चांसलर की चेतावनी
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने एक्स पर लिखा, 'हम संयुक्त अरब अमीरात और दूसरे साझेदारों के खिलाफ ईरान के नए एयरस्ट्राइक की कड़ी निंदा करते हैं। न्यूक्लियर सुविधाओं पर हमले पूरे इलाके में लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं। हिंसा और नहीं बढ़नी चाहिए।'
मर्ज ने ईरान को तीन स्पष्ट संदेश दिए — अमेरिका के साथ गंभीर बातचीत करे, अपने पड़ोसियों को धमकाना बंद करे और बिना किसी रोक-टोक के होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखे। गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अत्यंत संवेदनशील मार्ग है।
अन्य देशों की प्रतिक्रिया
कतर और कुवैत ने भी यूएई पर हुए इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए अपना समर्थन जताया। इसके अलावा सऊदी अरब ने दावा किया कि उसने अपने एयर डिफेंस सिस्टम की मदद से तीन संदिग्ध ड्रोन को मार गिराया। यह ऐसे समय में आया है जब खाड़ी देश पहले से ही क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर अपनी रक्षा क्षमताएँ मजबूत कर रहे हैं।
क्षेत्रीय और वैश्विक असर
परमाणु ऊर्जा संयंत्रों पर हमला अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के नियमों का उल्लंघन माना जाता है और इससे विकिरण रिसाव जैसे गंभीर खतरे पैदा हो सकते हैं। बराक न्यूक्लियर एनर्जी प्लांट यूएई का पहला परमाणु ऊर्जा संयंत्र है, जो देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए रणनीतिक रूप से महत्त्वपूर्ण है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की एकजुट निंदा के बावजूद, यह देखना बाकी है कि ईरान पर कूटनीतिक दबाव का कोई ठोस असर पड़ता है या नहीं। आने वाले दिनों में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी इस मुद्दे पर चर्चा होने की संभावना है।