यूएई में ईरानी हमले से तीन पाकिस्तानी नागरिक घायल, पीएम शहबाज की चिंता
सारांश
Key Takeaways
- ईरान ने यूएई के खोर फक्कन पोर्ट पर हमला किया।
- तीन पाकिस्तानी नागरिक घायल हुए हैं।
- प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने चिंता व्यक्त की।
- घायलों को हर संभव मदद प्रदान की जाएगी।
- ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ रहा है।
इस्लामाबाद, ६ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। संयुक्त अरब अमीरात के खोर फक्कन पोर्ट पर ईरान ने हमला किया है। इस हमले के दौरान एक मिसाइल इंटरसेप्शन में तीन पाकिस्तानी नागरिक घायल हो गए। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार को इस घटना पर अपनी चिंता व्यक्त की।
जानकारी के अनुसार, अमेरिका और इजरायल द्वारा हमले के बाद, ईरान ने गाल्फ देशों में यूएस-इजरायली संपत्तियों और बेसों को निशाना बनाना शुरू किया। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “मैं यूएई के खोर फक्कन पोर्ट पर हुई घटना को लेकर बहुत चिंतित हूं, जहां एक इंटरसेप्टेड प्रोजेक्टाइल के कारण पाकिस्तानी नागरिकों सहित आम लोगों को चोटें आईं।”
उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की और कहा कि पाकिस्तानी नागरिकों को हर संभव सहायता देने के लिए यूएई अधिकारियों के साथ करीबी संपर्क में हैं।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “पाकिस्तान यूएई के भाईचारे वाले लोगों के साथ खड़ा है और इस क्षेत्र में संयम और तनाव कम करने की तात्कालिक आवश्यकता को दोहराता है।”
खोर फक्कन पोर्ट पर हुई इस घटना के बारे में संयुक्त अरब अमीरात की शारजाह मीडिया ने एक्स पर बताया कि ५ अप्रैल को हुई घटना के बाद की स्थिति को लेकर अधिकारियों ने आग लगने की पुष्टि की। इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम ने तुरंत हालात पर काबू पाने के लिए ऑपरेशन शुरू कर दिया। आग बुझाने के बाद कूलिंग ऑपरेशन चल रहा है।
यूएई की मीडिया ने बताया कि ईरान के इस हमले में एक नेपाली व्यक्ति भी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके अलावा तीन पाकिस्तानी नागरिकों को हल्की-फुल्की चोटें आईं।
शारजाह सिटी के अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से जानकारी प्राप्त करें और अफवाहें या बिना सत्यापित जानकारी फैलाने से बचें।
रायटर्स के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच तनाव को समाप्त करने के लिए पाकिस्तान ने एक योजना तैयार की है। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ने दुश्मनी समाप्त करने के लिए एक फ्रेमवर्क तैयार किया है, जो रातों-रात आ गया। यह एक दो-चरणीय प्रक्रिया होगी, जिसकी शुरुआत तुरंत सीजफायर से होगी और इसके बाद एक पूर्ण समझौता होगा। हालांकि, इस पर आधिकारिक पुष्टि या कोई बयान जारी नहीं हुआ है।