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इंग्लैंड के पूर्व टेस्ट कप्तान माइक स्मिथ का 92 वर्ष की आयु में निधन, वारविकशायर ने दी श्रद्धांजलि

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इंग्लैंड के पूर्व टेस्ट कप्तान माइक स्मिथ का 92 वर्ष की आयु में निधन, वारविकशायर ने दी श्रद्धांजलि

सारांश

इंग्लैंड के पूर्व टेस्ट कप्तान माइक स्मिथ अब नहीं रहे। 92 वर्ष की आयु में दुनिया को अलविदा कहने वाले स्मिथ ने 50 टेस्ट खेले, 25 में कप्तानी की और फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में 39,832 रन बनाए। क्रिकेट और रग्बी दोनों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाले वे एक विरल खिलाड़ी थे।

मुख्य बातें

इंग्लैंड के पूर्व टेस्ट कप्तान माइक स्मिथ (एमजेके स्मिथ) का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
उन्होंने इंग्लैंड के लिए 50 टेस्ट मैच खेले और 1958 से 1972 के बीच 25 मुकाबलों में कप्तानी की।
टेस्ट करियर में 2,278 रन , जिसमें 3 शतक और 11 अर्धशतक शामिल हैं।
फर्स्ट-क्लास करियर में 637 मैचों में 39,832 रन ; 1957 से 1967 तक वारविकशायर के कप्तान रहे।
क्रिकेट योगदान के लिए 1976 में ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर (ओबीई) से सम्मानित।
बेटे नील स्मिथ ने वारविकशायर की कप्तानी और इंग्लैंड के लिए वनडे खेलकर पारिवारिक विरासत जारी रखी।

इंग्लैंड के पूर्व टेस्ट कप्तान माइक स्मिथ (एमजेके स्मिथ) का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वारविकशायर काउंटी क्रिकेट क्लब ने सोमवार, 18 मई को इस दुखद समाचार की पुष्टि की। स्मिथ इंग्लिश क्रिकेट के उन विरल खिलाड़ियों में से थे जिन्होंने क्रिकेट और रग्बी — दोनों खेलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व किया।

शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर

माइक स्मिथ ने इंग्लैंड के लिए 50 टेस्ट मैच खेले और 1958 से 1972 के बीच 25 मुकाबलों में टीम की कप्तानी की। अपने टेस्ट करियर में उन्होंने 2,278 रन बनाए, जिसमें 3 शतक और 11 अर्धशतक शामिल थे। 1958 में न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू करने वाले स्मिथ को शुरुआत में ओपनर के रूप में आज़माया गया, लेकिन उन्होंने मध्यक्रम में अपनी पहचान बनाई। 1959 में ओल्ड ट्रैफर्ड में भारत के खिलाफ उन्होंने अपना पहला टेस्ट शतक जड़ा।

कप्तानी का रिकॉर्ड

कप्तान के रूप में खेले गए 25 टेस्ट मैचों में स्मिथ को केवल 3 बार हार का सामना करना पड़ा, जबकि 5 मुकाबलों में जीत मिली और 17 मैच ड्रॉ रहे। 1963-64 में टेड डेक्सटर और कॉलिन काउड्रे की अनुपस्थिति में उन्हें भारत दौरे पर कप्तानी सौंपी गई थी। यह उनके नेतृत्व कौशल का प्रमाण था कि उन्होंने इस दौरे को सफलतापूर्वक संभाला।

काउंटी क्रिकेट में अमिट छाप

स्मिथ ने 1957 से 1967 तक वारविकशायर की कप्तानी की और अपने काउंटी करियर में 637 मुकाबलों में 39,832 फर्स्ट-क्लास रन बनाए — यह आँकड़ा उनकी असाधारण निरंतरता को दर्शाता है। वारविकशायर से पहले, उन्होंने 1951 से 1955 तक लीसेस्टरशायर के लिए खेला और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की टीम का भी हिस्सा रहे। क्रिकेट से इतर, उन्होंने 1956 में रग्बी यूनियन इंटरनेशनल के तौर पर भी खेला — एक उपलब्धि जो उन्हें दोहरे खेल के दिग्गजों की श्रेणी में रखती है।

सेवानिवृत्ति के बाद का योगदान

खेल से संन्यास के बाद स्मिथ ने 5 वर्षों तक क्रिकेट रेफरी के रूप में काम किया। इसके बाद 1991 में वे वारविकशायर के चेयरमैन के रूप में क्लब में वापस लौटे और 2003 तक इस पद पर बने रहे। उन्होंने आईसीसी मैच रेफरी की भूमिका भी निभाई। उनके बेटे नील स्मिथ ने वारविकशायर की कप्तानी और इंग्लैंड के लिए वनडे क्रिकेट खेलकर इस पारिवारिक विरासत को आगे बढ़ाया।

श्रद्धांजलि और सम्मान

वारविकशायर ने ग्लैमरगन के खिलाफ काउंटी चैंपियनशिप मैच के चौथे दिन का खेल शुरू होने से पहले एक मिनट का मौन रखकर स्मिथ को श्रद्धांजलि दी। क्लब ने अपने सोशल मीडिया पर लिखा, 'वारविकशायर काउंटी क्रिकेट क्लब को 'बेयर्स' के दिग्गज खिलाड़ी एमजेके स्मिथ के 92 साल की उम्र में निधन की खबर सुनकर गहरा दुख हुआ है।' क्रिकेट में उनके शानदार योगदान के लिए उन्हें 1976 में प्रतिष्ठित ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर (ओबीई) से सम्मानित किया गया था। इंग्लिश क्रिकेट का यह सितारा अब नहीं रहा, लेकिन उनकी विरासत वारविकशायर और इंग्लैंड की क्रिकेट परंपरा में सदा जीवित रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब क्रिकेटर केवल एक खेल तक सीमित नहीं थे — स्मिथ ने क्रिकेट और रग्बी दोनों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व किया, जो आज की विशेषज्ञता-केंद्रित खेल दुनिया में लगभग असंभव है। कप्तान के रूप में उनका रिकॉर्ड — 25 टेस्ट में केवल 3 हार — उनकी रणनीतिक परिपक्वता को दर्शाता है, जिसे मुख्यधारा की श्रद्धांजलियाँ अक्सर नज़रअंदाज़ कर देती हैं। वारविकशायर के साथ उनका छह दशकों का रिश्ता — खिलाड़ी, कप्तान, चेयरमैन और आईसीसी रेफरी — यह बताता है कि असली विरासत सिर्फ रन या विकेट में नहीं, बल्कि संस्था-निर्माण में होती है।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

माइक स्मिथ कौन थे और उनका निधन कब हुआ?
माइक स्मिथ (एमजेके स्मिथ) इंग्लैंड के पूर्व टेस्ट कप्तान और वारविकशायर के दिग्गज क्रिकेटर थे, जिनका 18 मई 2025 को 92 वर्ष की आयु में निधन हुआ। वे क्रिकेट और रग्बी यूनियन — दोनों खेलों में इंग्लैंड का अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधित्व करने वाले विरल खिलाड़ी थे।
माइक स्मिथ का टेस्ट क्रिकेट करियर कैसा रहा?
माइक स्मिथ ने इंग्लैंड के लिए 50 टेस्ट मैच खेले और 2,278 रन बनाए, जिसमें 3 शतक और 11 अर्धशतक शामिल हैं। उन्होंने 1958 से 1972 के बीच 25 टेस्ट में कप्तानी की, जिसमें केवल 3 हार, 5 जीत और 17 ड्रॉ रहे।
वारविकशायर क्रिकेट क्लब से माइक स्मिथ का क्या संबंध था?
माइक स्मिथ ने 1957 से 1967 तक वारविकशायर की कप्तानी की और अपने काउंटी करियर में 637 मैचों में 39,832 फर्स्ट-क्लास रन बनाए। संन्यास के बाद 1991 में वे क्लब के चेयरमैन बने और 2003 तक इस पद पर रहे।
माइक स्मिथ को ओबीई सम्मान क्यों मिला था?
क्रिकेट में उनके असाधारण योगदान के लिए उन्हें 1976 में ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर (ओबीई) से सम्मानित किया गया था। यह सम्मान उनके खेल करियर, कप्तानी और क्रिकेट प्रशासन में दीर्घकालिक भूमिका को मान्यता देता है।
क्या माइक स्मिथ के परिवार में भी क्रिकेटर हैं?
हाँ, माइक स्मिथ के बेटे नील स्मिथ ने वारविकशायर की कप्तानी की और इंग्लैंड के लिए वनडे मैच खेले, इस प्रकार पारिवारिक क्रिकेट विरासत को आगे बढ़ाया।
राष्ट्र प्रेस
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