पालघर हादसा: मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर टेंपो-कंटेनर टक्कर में 14 की मौत, 20 से अधिक घायल
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर पालघर जिले के डहाणू तहसील स्थित धाणीवरी गांव के निकट रविवार को एक भीषण सड़क हादसे में 14 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। पुलिस के अनुसार, प्रथमदृष्टया यह हादसा टेंपो चालक की लापरवाही के कारण हुआ, जिसने गलत दिशा से वाहन चलाया और तेज रफ्तार कंटेनर की चपेट में आ गया।
हादसे का घटनाक्रम
डहाणू के बापुगांव से एक परिवार साखरपुड़ा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए धाणीवरी जा रहा था। बताया जा रहा है कि करीब एक किलोमीटर का रास्ता बचाने के लिए टेंपो चालक ने राजमार्ग पर गलत दिशा से वाहन चलाने का जोखिम उठाया। इसी दौरान गुजरात से मुंबई की ओर आ रहे एक तेज रफ्तार कंटेनर ने पहले एक बाइक सवार को कुचला और फिर टेंपो पर पलट गया। पुलिस के मुताबिक उस टेंपो में 30 से 40 लोग सवार थे।
मृतक और घायलों की स्थिति
कंटेनर और टेंपो के बीच दबने से 14 लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घायलों को कासा उपजिला अस्पताल और धुंदलवाडी स्थित वेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है। घायलों की संख्या अधिक होने से स्थानीय स्वास्थ्य सुविधाओं पर दबाव बढ़ गया है।
प्रशासन और पुलिस की प्रतिक्रिया
हादसे की सूचना मिलते ही पालघर विधायक राजेंद्र गावित और पालघर पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख तत्काल घटनास्थल पर पहुँचे। पुलिस अधीक्षक देशमुख ने कहा कि प्रथमदृष्टया हादसा टेंपो चालक की गलती से हुआ प्रतीत होता है, हालाँकि जाँच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा। दोनों अधिकारियों ने घायलों को हरसंभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
राजमार्ग पर अधूरे निर्माण का मुद्दा
विधायक राजेंद्र गावित ने इस हादसे के लिए मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर जारी अधूरे कंक्रीटीकरण कार्य को भी आंशिक रूप से जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री और पालकमंत्री से चर्चा कर काम जल्द पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा। गावित ने यह भी कहा, 'मैंने कई बार ट्रामा केयर सेंटर की माँग की है, लेकिन अभी तक यह सुविधा चालू नहीं हो पाई है। स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग हादसे में घायल लोगों की जान बचा पाना मुश्किल हो जाता है।'
आगे की जाँच
पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। गौरतलब है कि मुंबई-अहमदाबाद राजमार्ग पर निर्माण कार्य के दौरान दुर्घटनाओं की यह कोई पहली घटना नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि अधूरे सड़क कार्यों के दौरान पर्याप्त चेतावनी संकेत और यातायात प्रबंधन न होने से जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। मृतकों के परिजनों को मुआवजे और घायलों के उपचार की व्यवस्था को लेकर प्रशासन पर दबाव बढ़ रहा है।