मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर बारातियों की टेंपो-कंटेनर टक्कर: पालघर में 13 की मौत, 20 घायल
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के पालघर जिले में मुंबई-अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर 18 मई 2026 को दोपहर करीब 3:30 बजे एक भीषण सड़क हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई और 20 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। धाणीवरी इलाके के पास बारातियों से भरे एक टेंपो और गुजरात की ओर से आ रहे एक तेज़ रफ़्तार कंटेनर के बीच हुई यह टक्कर इतनी भीषण थी कि कई लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
हादसा कैसे हुआ
बारातियों से भरा टेंपो दहानू के बापू गाँव से धाणीवरी में एक शादी समारोह में जा रहा था। जैसे ही वाहन धाणीवरी इलाके के पास पहुँचा, गुजरात की ओर से मुंबई जा रहा एक कंटेनर अचानक अनियंत्रित हो गया और वह बारातियों से भरे टेंपो पर पलट गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि मौके पर चीख-पुकार मच गई और कुछ देर के लिए हाईवे पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
मृतकों की पहचान
हादसे में जान गँवाने वाले 13 लोगों की पहचान हो चुकी है। मृतकों में सुरेश रत्ना लाखात, पांडू गणपत लाखात, काळू गोविंद लाखात, सुनील अर्जुन दांडेकर, चिमा गोविंद कुरहाडा, नमिता विठ्ठल दांडेकर, सारिका संतोष लाखात, आयुष सिताराम लाखात, सागर नामदेव शेंडे, वंदना शिवराम वलवी, सलोनी शिवराम वलवी, अजय अहाडी और रियांशी संतोष लाखात शामिल हैं।
राहत और बचाव कार्य
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मदद के लिए आगे आए और पुलिस को तत्काल सूचित किया गया। पुलिस अधीक्षक स्वयं घटनास्थल पर पहुँचे और राहत दल ने बचाव कार्य पूरा किया। घायलों को कासा उपजिला अस्पताल और धुंदलवाड़ी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों की टीम उनका उपचार कर रही है।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक्स पर पोस्ट कर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, 'यह बेहद दुखद है कि मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर पालघर के दहानू में एक दुर्घटना में 13 लोगों की जान चली गई, जब एक टेम्पो की टक्कर एक कंटेनर से हो गई। इस घटना के बारे में सुनकर मुझे गहरा दुख हुआ है। मैं उन सभी के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएँ व्यक्त करता हूँ।' फडणवीस ने यह भी बताया कि राज्य सरकार मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी और वे जिला प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में हैं।
आगे क्या होगा
पुलिस ने हादसे के कारणों की जाँच शुरू कर दी है। गौरतलब है कि मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर भारी वाहनों की अनियंत्रित रफ़्तार से हादसे पहले भी होते रहे हैं। इस घटना के बाद हाईवे पर भारी वाहनों की गति नियंत्रण और सुरक्षा उपायों की माँग फिर से उठने की संभावना है।