मुंबई: शादी से लौट रहे लोग गड्ढे में गिरे, 25 वर्षीय युवक की मौत, 11 घायल
सारांश
Key Takeaways
- मुंबई के भांडुप (पश्चिम) में 24 अप्रैल, रात 11:29 बजे निर्माण स्थल के गड्ढे में गिरने का हादसा हुआ।
- 25 वर्षीय भालचंद्र फल्ले की फोर्टिस अस्पताल में मौत हो गई।
- कुल 11 लोग घायल हुए, जिनमें से 8 को डिस्चार्ज कर दिया गया है।
- श्रेयस सुर्वे और हरीशंकर करवा अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं, हालत स्थिर।
- घटना मातोश्री मैरिज हॉल के पास निर्माणाधीन SRA बिल्डिंग के गड्ढे में हुई।
- भांडुप पुलिस मामले की जांच कर रही है; निर्माण एजेंसी पर लापरवाही का आरोप संभावित।
मुंबई, 24 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मुंबई के भांडुप (पश्चिम) इलाके में गुरुवार की देर रात एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया — मातोश्री मैरिज हॉल में शादी समारोह से लौट रहे 11 लोग एक निर्माणाधीन एसआरए (SRA) बिल्डिंग के गहरे गड्ढे में जा गिरे। इस हादसे में 25 वर्षीय भालचंद्र फल्ले की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए।
कैसे हुआ हादसा
यह घटना रात लगभग 11:29 बजे मेट्रो मॉल के पास जनता मार्केट के निकट हुई। शादी के मेहमान जब समारोह के बाद वापस लौट रहे थे, तभी वे पास के एक निर्माणस्थल पर बने गहरे गड्ढे में गिर गए। अंधेरे और उचित बैरिकेडिंग के अभाव में यह हादसा हुआ, जो निर्माण एजेंसी की घोर लापरवाही को उजागर करता है।
सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB), पुलिस, 108 एंबुलेंस सेवा और वार्ड स्टाफ तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया। सभी घायलों को आसपास के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
मृतक और घायलों की स्थिति
इस हादसे में कुल 11 लोग घायल हुए। भालचंद्र फल्ले (25) को फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घायलों में श्रेयस सुर्वे, अनिकेत कदम, जयदीप शाह, संकेत जुवतकर, आदित्य आहेर, अनिकेत महेश पाटिल, अंकित कुमार रोहित, जयवंत फरसाने, रमन यादव और हरीशंकर करवा शामिल हैं।
प्राथमिक उपचार के बाद आठ लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। श्रेयस सुर्वे और हरीशंकर करवा अभी भी क्रिटिकेयर हॉस्पिटल और अग्रवाल हॉस्पिटल में भर्ती हैं, लेकिन डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत फिलहाल स्थिर है।
निर्माण स्थलों की लापरवाही — एक बड़ा सवाल
यह हादसा मुंबई में निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का एक और उदाहरण है। एसआरए (स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी) की परियोजनाओं पर पहले भी अनियमितताओं के आरोप लगते रहे हैं। निर्माण स्थल के पास पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत और रात में प्रकाश व्यवस्था न होना इस दुर्घटना का मुख्य कारण प्रतीत होता है।
गौरतलब है कि मुंबई जैसे घनी आबादी वाले शहर में निर्माण कार्य अक्सर आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों के बीच चलता है, जिससे आम नागरिकों को खतरा बना रहता है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के नियमों के तहत प्रत्येक निर्माण स्थल पर उचित सुरक्षा घेरा अनिवार्य है, फिर भी ऐसी घटनाएं बार-बार सामने आती हैं।
पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई
फिलहाल भांडुप पुलिस मामले की जांच कर रही है। अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा के क्या इंतजाम थे और किसकी लापरवाही से यह हादसा हुआ। स्थानीय निवासियों में इस घटना को लेकर जबरदस्त आक्रोश है और वे दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
आने वाले दिनों में पुलिस निर्माण एजेंसी के खिलाफ लापरवाही और मानव वध के आरोप में मामला दर्ज कर सकती है। साथ ही BMC और SRA से भी जवाब-तलब किए जाने की संभावना है। यह घटना एक बार फिर मुंबई में निर्माण स्थलों की सुरक्षा नीति पर बड़ी बहस को जन्म दे सकती है।