बिहार फ्लोर टेस्ट: उपेंद्र कुशवाहा बोले- संख्या बल हमारे पक्ष में, विश्वास मत सिर्फ औपचारिकता

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बिहार फ्लोर टेस्ट: उपेंद्र कुशवाहा बोले- संख्या बल हमारे पक्ष में, विश्वास मत सिर्फ औपचारिकता

सारांश

बिहार में सम्राट चौधरी सरकार का फ्लोर टेस्ट शुक्रवार को होगा। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि संख्याबल में भारी अंतर के चलते यह विश्वास मत महज औपचारिकता है। जेडीयू ने भी एनडीए की जीत का दावा किया।

Key Takeaways

  • बिहार विधानसभा में शुक्रवार, 24 अप्रैल को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की एनडीए सरकार का विश्वास मत परीक्षण होगा।
  • उपेंद्र कुशवाहा ने फ्लोर टेस्ट को महज संवैधानिक औपचारिकता बताया और कहा कि संख्याबल में भारी अंतर के कारण नतीजा तय है।
  • बिहार विधानसभा में बहुमत के लिए 122 विधायकों का समर्थन जरूरी है और एनडीए के पास पर्याप्त संख्या होने का दावा है।
  • जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने दावा किया कि सम्राट चौधरी सरकार आसानी से विश्वास मत जीतेगी।
  • कुशवाहा ने ममता बनर्जी के आक्रोश को पीएम मोदी की बढ़ती लोकप्रियता का परिणाम बताया।
  • पश्चिम बंगाल के कुछ क्षेत्रों में 90%25 से अधिक और तमिलनाडु में महिलाओं के बीच रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया।

पटना, 24 अप्रैल। बिहार विधानसभा में शुक्रवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार का विश्वास मत परीक्षण होना है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने इस फ्लोर टेस्ट को संविधान की एक अनिवार्य प्रक्रिया बताते हुए कहा कि सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच संख्याबल का फर्क इतना स्पष्ट है कि परिणाम को लेकर किसी को कोई संदेह नहीं होना चाहिए।

कुशवाहा का बयान: औपचारिकता है, पर जरूरी है

उपेंद्र कुशवाहा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि विश्वास मत महज एक संवैधानिक औपचारिकता है, लेकिन लोकतांत्रिक परंपराओं और संवैधानिक मर्यादाओं के पालन के लिए यह प्रक्रिया आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एनडीए के पास विधानसभा में पर्याप्त बहुमत है और सरकार को गिराने की कोई संभावना नहीं है।

गौरतलब है कि बिहार विधानसभा में कुल 243 सीटें हैं और बहुमत के लिए 122 विधायकों का समर्थन जरूरी है। एनडीए गठबंधन — जिसमें भाजपा, जेडीयू, हम और आरएलएम शामिल हैं — के पास इससे कहीं अधिक संख्या होने का दावा किया जा रहा है, जो इस विश्वास मत को महज एक रस्म बना देता है।

ममता बनर्जी पर कुशवाहा का तीखा हमला

फ्लोर टेस्ट के साथ-साथ उपेंद्र कुशवाहा ने पश्चिम बंगाल की राजनीति पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के चेहरे पर जो आक्रोश दिख रहा है, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बढ़ती लोकप्रियता की प्रतिक्रिया है। उनके अनुसार, इस लोकप्रियता का असर बंगाल के चुनावी माहौल और मतदान के रुझानों में भी साफ नजर आ रहा है।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान संपन्न हो चुका है और राजनीतिक दल नतीजों का अनुमान लगाने में जुटे हैं।

भारी मतदान को लेकर नीरज कुमार का बयान

पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में पहले चरण के मतदान पर टिप्पणी करते हुए नीरज कुमार ने कहा कि उच्च मतदान प्रतिशत भारतीय लोकतंत्र की जीवंतता और मजबूती का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि जो लोग चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हैं, जनता ने अपने मताधिकार से उन्हें करारा जवाब दिया है।

उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल के कुछ क्षेत्रों में 90 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया, जबकि तमिलनाडु में विशेषकर महिला मतदाताओं ने रिकॉर्ड संख्या में मतदान किया। यह आंकड़े चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और प्रभावशीलता को रेखांकित करते हैं।

जेडीयू का दावा: एनडीए को मिलेगा स्पष्ट बहुमत

जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने दावा किया कि सम्राट चौधरी के नेतृत्व में एनडीए सरकार को बिहार विधानसभा में स्पष्ट और निर्णायक बहुमत हासिल होगा। उन्होंने पूरे विश्वास के साथ कहा कि सरकार बिना किसी कठिनाई के विश्वास मत जीत लेगी।

ट्रंप की टिप्पणी पर राजीव रंजन की प्रतिक्रिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर की गई टिप्पणियों पर राजीव रंजन ने कहा कि भारत सरकार ने इस पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि ट्रंप की बार-बार की अपमानजनक टिप्पणियों से अमेरिकी जनता में भी असंतोष बढ़ रहा है।

राजीव रंजन ने आगे कहा कि अमेरिकी दूतावास ने स्थिति को संभालने की कोशिश करते हुए ट्रंप के उस बयान को उजागर किया जिसमें उन्होंने भारत को अपना सबसे करीबी मित्र बताया था। उनके अनुसार, इस तरह के विरोधाभासी बयानों से ट्रंप के खिलाफ वैश्विक स्तर पर नाराजगी और बढ़ेगी।

बिहार फ्लोर टेस्ट के नतीजे शुक्रवार को विधानसभा सत्र के दौरान सामने आएंगे। राजनीतिक विश्लेषकों की नजर इस बात पर है कि क्या विपक्ष कोई बड़ा राजनीतिक दांव चलता है या एनडीए सहजता से यह परीक्षण पास कर लेती है।

Point of View

लेकिन इसका प्रतीकात्मक महत्व बड़ा है — यह एनडीए की एकजुटता और नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की स्वीकार्यता की पहली सार्वजनिक परीक्षा है। विपक्ष की संख्यात्मक कमजोरी उजागर होती है, जो 2025 के बाद बिहार में विपक्षी पुनर्गठन की जरूरत को रेखांकित करती है। उपेंद्र कुशवाहा का यह आत्मविश्वास दर्शाता है कि एनडीए के घटक दलों में अभी कोई दरार नहीं है — लेकिन असली परीक्षा तब होगी जब नीतिगत फैसलों पर मतभेद उभरेंगे।
NationPress
24/04/2026

Frequently Asked Questions

बिहार फ्लोर टेस्ट कब होगा?
बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की एनडीए सरकार का फ्लोर टेस्ट शुक्रवार, 24 अप्रैल को बिहार विधानसभा में होना है। यह विश्वास मत नई सरकार के गठन के बाद पहली संवैधानिक प्रक्रिया है।
उपेंद्र कुशवाहा ने फ्लोर टेस्ट पर क्या कहा?
राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि यह विश्वास मत महज एक संवैधानिक औपचारिकता है। उन्होंने कहा कि एनडीए और विपक्ष के बीच संख्याबल का अंतर इतना अधिक है कि परिणाम पर कोई संदेह नहीं है।
बिहार विधानसभा में बहुमत के लिए कितने विधायकों की जरूरत है?
बिहार विधानसभा में कुल 243 सीटें हैं और बहुमत के लिए कम से कम 122 विधायकों का समर्थन आवश्यक है। एनडीए गठबंधन के पास इससे अधिक संख्या होने का दावा किया जा रहा है।
जेडीयू ने बिहार फ्लोर टेस्ट पर क्या बयान दिया?
जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने दावा किया कि सम्राट चौधरी के नेतृत्व में एनडीए सरकार को बिहार विधानसभा में स्पष्ट और मजबूत बहुमत मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार आसानी से विश्वास मत जीत लेगी।
सम्राट चौधरी कौन हैं और वे बिहार के मुख्यमंत्री कैसे बने?
सम्राट चौधरी बिहार के नवनियुक्त मुख्यमंत्री हैं जो एनडीए गठबंधन के नेता के रूप में सत्ता में आए हैं। उनकी सरकार का विश्वास मत 24 अप्रैल को बिहार विधानसभा में होना है।
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