पश्चिम बंगाल में दो जांच आयोग गठित: भ्रष्टाचार और महिला अपराध की होगी जांच, जून से शुरू होगा काम
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार ने 18 मई 2026 को दो स्वतंत्र जांच आयोगों के गठन की औपचारिक घोषणा की — एक संस्थागत भ्रष्टाचार की जांच के लिए और दूसरा महिलाओं के खिलाफ अपराधों की पड़ताल के लिए। दोनों आयोगों की अध्यक्षता कलकत्ता उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे और जून 2026 से इनका कार्य आरंभ होगा। यह निर्णय नई राज्य कैबिनेट की दूसरी बैठक में लिया गया।
आयोगों की संरचना और नेतृत्व
संस्थागत भ्रष्टाचार की जांच करने वाले आयोग की अध्यक्षता कलकत्ता उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश बिस्वजीत बसु करेंगे। महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े मामलों की पड़ताल करने वाले दूसरे आयोग की कमान सेवानिवृत्त न्यायाधीश समाप्ति चट्टोपाध्याय के हाथ में होगी। इस दूसरे आयोग में पश्चिम बंगाल सशस्त्र पुलिस की अतिरिक्त महानिदेशक दमयंती सेन को भी शामिल किया गया है, जो पिछले वर्षों में राज्य में महिलाओं के विरुद्ध हुए बड़े अपराधों से संबंधित डेटा और साक्ष्य संकलन की निगरानी करेंगी।
दोनों आयोगों को लॉजिस्टिक सहायता मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल और गृह सचिव संघमित्रा घोष के कार्यालयों के माध्यम से प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री का बयान और पिछली सरकार पर आरोप
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार दोपहर मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में केंद्र और राज्य दोनों की सामाजिक परियोजनाओं के क्रियान्वयन में व्यापक भ्रष्टाचार हुआ। उनके अनुसार, इन योजनाओं का लाभ पाने के लिए आम नागरिकों को रिश्वत देने पर मजबूर किया गया। उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारियों, पंचायत सदस्यों, पार्षदों और दलालों की एक पूरी श्रृंखला इस भ्रष्ट तंत्र में सक्रिय थी।
अधिकारी ने यह भी कहा कि आयोग कार्य आरंभ होने के 30 दिनों के भीतर अपनी सिफारिशें देना शुरू करेंगे, जिनके आधार पर पुलिस भारतीय न्याय संहिता, 2023 की उचित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करेगी।
चुनावी वादे से जुड़ा कदम
गौरतलब है कि इन दोनों जांच आयोगों का गठन BJP के चुनाव-पूर्व संकल्प पत्र में किए गए प्रमुख वादों में से एक था। सोमवार को नई कैबिनेट की बैठक में इन प्रस्तावों को औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने इसकी सार्वजनिक घोषणा की। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में नई सरकार के शुरुआती कदमों पर देशभर की नज़रें टिकी हैं।
आगे क्या होगा
दोनों आयोग जून 2026 से विधिवत कार्य शुरू करेंगे। पहली सिफारिशें मिलने के बाद राज्य पुलिस संबंधित मामलों में कानूनी कार्रवाई आरंभ करेगी। आयोगों के निष्कर्ष न केवल न्यायिक प्रक्रिया की दिशा तय करेंगे, बल्कि राज्य के प्रशासनिक सुधारों की रूपरेखा भी तैयार करेंगे।