ब्रिक्स बैठक में यूएई ने ईरान को घेरा: 3,000 हमलों का हवाला, कड़ी चेतावनी जारी
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में यूएई के राज्य मंत्री खलीफा शाहीन अल मरार ने 15 मई 2026 को ईरान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि यूएई, ईरान द्वारा लगाए गए आरोपों और उन हमलों को उचित ठहराने की किसी भी कोशिश को सिरे से नकारता है। उन्होंने कहा कि ये हमले संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अंतरराष्ट्रीय कानून और पड़ोसी देशों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंधों के मूलभूत सिद्धांतों का सरासर उल्लंघन हैं।
हमलों का ब्यौरा: 3,000 से अधिक बार निशाना
अल मरार ने बताया कि 28 फरवरी 2026 से यूएई बिना किसी उकसावे के ईरान के लगातार हमलों का सामना कर रहा है। यूएई की वायु रक्षा प्रणाली ने अब तक लगभग 3,000 हमलों को नाकाम किया है, जिनमें बैलिस्टिक मिसाइलें, क्रूज मिसाइलें और ड्रोन शामिल थे। उन्होंने रेखांकित किया कि इन हमलों का जानबूझकर निशाना नागरिक ढाँचा बनाया गया — जिसमें एयरपोर्ट, बंदरगाह, तेल सुविधाएँ, जल-शोधन संयंत्र, ऊर्जा नेटवर्क, सेवा केंद्र और रिहायशी इलाके शामिल हैं।
अंतरराष्ट्रीय निंदा और प्रस्ताव
अल मरार ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने ईरान के इन कदमों की बार-बार निंदा की है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव 2817 (2026) को 136 देशों का समर्थन मिला था। इसके अलावा, 25 मार्च 2026 को जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने ईरानी हमलों की निंदा करते हुए सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया।
इसके अतिरिक्त, अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) की मरीन एनवायरनमेंट प्रोटेक्शन कमेटी ने ईरान से व्यापारिक जहाजों और बंदरगाह ढाँचे पर हमले तुरंत बंद करने की माँग की। अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU) की परिषद ने नागरिक दूरसंचार और ICT ढाँचे को निशाना बनाने की सर्वसम्मति से निंदा की। खाद्य और कृषि संगठन (FAO) की परिषद ने भी खाद्य सुरक्षा को खतरे में डालने वाली ईरानी गतिविधियों की भर्त्सना की।
होर्मुज स्ट्रेट और समुद्री सुरक्षा
अल मरार ने आरोप लगाया कि ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों में बाधा डाली है, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट को लगभग बंद करने जैसे कदम शामिल हैं — जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण जलमार्गों में से एक है। उन्होंने कहा कि व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना और होर्मुज स्ट्रेट का इस्तेमाल आर्थिक दबाव या ब्लैकमेल के औजार के रूप में करना समुद्री डकैती के समान है, जो पूरे क्षेत्र और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है।
यूएई का कड़ा रुख: संप्रभुता से समझौता नहीं
अल मरार ने स्पष्ट किया कि यूएई अपनी संप्रभुता, राष्ट्रीय सुरक्षा और स्वतंत्र निर्णय लेने के अधिकार के विरुद्ध किसी भी आरोप या धमकी को स्वीकार नहीं करता। उन्होंने कहा कि दबाव बनाने की कोशिशें, झूठे आरोप या गलत दावे यूएई की नीतियों को कमज़ोर नहीं कर सकते। साथ ही उन्होंने दोहराया कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत यूएई को अपनी संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूर्ण और वैध अधिकार प्राप्त है।
आगे क्या
यह टकराव ब्रिक्स मंच पर खुलकर सामने आना कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस समूह में दोनों देश शामिल हैं। यह ऐसे समय में आया है जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बना हुआ है। आने वाले हफ्तों में संयुक्त राष्ट्र और अन्य बहुपक्षीय मंचों पर इस विवाद के और उभरने की संभावना है।