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क्या ईरानी विदेश मंत्री ने ब्रिक्स का आभार जताया और सैन्य हमलों की निंदा की?

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क्या ईरानी विदेश मंत्री ने ब्रिक्स का आभार जताया और सैन्य हमलों की निंदा की?

सारांश

तेहरान में 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान, ईरानी विदेश मंत्री ने अमेरिका और इजरायल के आक्रामक सैन्य हमलों की कड़ी निंदा करने के लिए ब्रिक्स देशों का धन्यवाद किया। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों की रक्षा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। जानिए इस सम्मेलन में क्या हुआ।

मुख्य बातें

ब्रिक्स देशों ने ईरान पर सैन्य हमलों की निंदा की।
अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन महत्वपूर्ण चिंता का विषय है।
ईरान ने ब्रिक्स का आभार व्यक्त किया।
ग्लोबल जीडीपी का 40% ब्रिक्स द्वारा प्रतिनिधित्व किया गया।
सुरक्षा संकट के समाधान के लिए संयुक्त राष्ट्र का ध्यान आवश्यक है।

तेहरान, 7 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराकची ने 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान ईरान पर हुए हालिया सैन्य हमलों की कड़ी निंदा करने के लिए ब्रिक्स देशों का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए "आक्रामक सैन्य हमलों" के खिलाफ ब्रिक्स का स्पष्ट रुख अंतरराष्ट्रीय नियमों की रक्षा की दिशा में एक मजबूत संकेत है।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "ईरान हालिया अमेरिकी और इजरायली सैन्य हमलों की ब्रिक्स द्वारा की गई कड़ी और स्पष्ट निंदा के लिए आभारी है। ईरानी नागरिक ढांचे और आईएईए निगरानी वाले परमाणु स्थलों पर जानबूझकर किए गए हमले अंतरराष्ट्रीय कानून और मानदंडों का घोर उल्लंघन हैं, इस पर ब्रिक्स देशों की सहमति है।"

उन्होंने आगे लिखा, "ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में, जहां वैश्विक जीडीपी का 40 प्रतिशत और दुनिया की लगभग आधी आबादी प्रतिनिधित्व कर रही है, वहां यह स्पष्ट है कि विश्व राजनीतिक और आर्थिक दृष्टि से एक बड़े बदलाव के दौर में प्रवेश कर चुका है। ईरान इस नए युग का हिस्सा बनकर गौरवान्वित है।"

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के पहले दिन रविवार को जारी ‘रियो डिक्लेरेशन’ में ईरान पर 13 जून के बाद से हुए सैन्य हमलों की कड़ी निंदा की गई। हालांकि, इसमें अमेरिका और इजरायल का सीधे नाम नहीं लिया गया।

घोषणा में कहा गया, "हम ईरान पर 13 जून से जारी सैन्य हमलों की निंदा करते हैं, जो अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन है। साथ ही हम मध्य पूर्व में बढ़ते सुरक्षा संकट को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हैं।"

घोषणा में आगे कहा गया, "आईएईए के पूर्ण निरीक्षण के अंतर्गत आने वाली नागरिक संरचनाओं और शांतिपूर्ण परमाणु सुविधाओं पर जानबूझकर किए गए हमले अंतरराष्ट्रीय कानून और आईएईए के प्रस्तावों का गंभीर उल्लंघन हैं।"

ब्रिक्स नेताओं ने यह भी दोहराया कि "परमाणु सुरक्षा, संरक्षा और निगरानी हर परिस्थिति में कायम रहनी चाहिए, ताकि आम लोगों और पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।"

उन्होंने क्षेत्रीय संकटों के समाधान के लिए कूटनीतिक पहलों का समर्थन करते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से इस मुद्दे पर ध्यान देने की अपील की।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माईल बकाई ने जानकारी दी कि विदेश मंत्री अराकची ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने के लिए रियो पहुंचे हैं, जहां वे अन्य सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों और उच्च स्तरीय प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे।

उन्होंने कहा, "ब्रिक्स का आदर्श वाक्य ‘समावेशी और टिकाऊ वैश्विक दक्षिण’ को सदस्य देशों के बीच बढ़ते सहयोग के माध्यम से हासिल किया जाना चाहिए।"

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि ईरान की स्थिति और सुरक्षा संकट का समाधान एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। हमें कूटनीति के माध्यम से इस संकट को हल करने की आवश्यकता है।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरानी विदेश मंत्री का ब्रिक्स सम्मेलन में क्या कहना था?
उन्होंने अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए सैन्य हमलों की कड़ी निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों की रक्षा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
ब्रिक्स का रियो डिक्लेरेशन क्या कहता है?
रियो डिक्लेरेशन में ईरान पर 13 जून के बाद हुए सैन्य हमलों की निंदा की गई है।
ईरान की विदेश नीति का क्या महत्व है?
ईरान की विदेश नीति वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
राष्ट्र प्रेस
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