ब्रिक्स विदेश मंत्री बैठक में ईरान की अपील: यूएन चार्टर उल्लंघनकर्ताओं की निंदा करे ब्रिक्स

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ब्रिक्स विदेश मंत्री बैठक में ईरान की अपील: यूएन चार्टर उल्लंघनकर्ताओं की निंदा करे ब्रिक्स

सारांश

नई दिल्ली में ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में ईरान के अराघची ने सदस्य देशों से सीधी अपील की — यूएन चार्टर तोड़ने वालों की खुलकर निंदा करो। एक साल में दो 'गैरकानूनी हमलों' का हवाला देते हुए उन्होंने ब्रिक्स को नई वैश्विक व्यवस्था का अग्रदूत बताया।

मुख्य बातें

ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने 14 मई 2025 को नई दिल्ली में ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक को संबोधित किया।
अराघची ने दावा किया कि पिछले एक वर्ष में ईरान पर दो बार 'क्रूर और गैरकानूनी' आक्रमण हुए, जिन्हें झूठे आरोपों पर उचित ठहराया गया।
उन्होंने ब्रिक्स देशों से अमेरिका और इजरायल द्वारा कथित अंतरराष्ट्रीय कानून उल्लंघनों की खुलकर निंदा करने की अपील की।
तेहरान ने कूटनीति के प्रति तत्परता दोहराई, साथ ही चेतावनी दी कि किसी भी हमले का 'कड़ा और निर्णायक जवाब' दिया जाएगा।
अराघची ने ब्रिक्स को 'नई वैश्विक व्यवस्था' और ग्लोबल साउथ की बढ़ती भूमिका का प्रतीक बताया।

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने 14 मई 2025 को नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए सदस्य देशों से आग्रह किया कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन करने वाली शक्तियों की खुलकर निंदा की जाए और उन्हें जवाबदेह ठहराया जाए। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नियमों के स्पष्ट उल्लंघन के सामने चुप्पी अब स्वीकार्य नहीं है।

ईरान पर हमलों का संदर्भ

अराघची ने बताया कि पिछले एक वर्ष में ईरान पर दो बार 'क्रूर और गैरकानूनी' आक्रमण हुए हैं। उनके अनुसार, इन हमलों को झूठे आरोपों के आधार पर उचित ठहराने की कोशिश की गई, जबकि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) और अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के स्वयं के आकलन इससे भिन्न तस्वीर प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने कहा कि ईरान को कथित तौर पर 'गैरकानूनी विस्तारवाद और युद्धोन्माद' का निशाना बनाया जा रहा है।

ईरानी जनता के संकल्प का उल्लेख

अराघची ने कहा कि भारी दबाव और हिंसा के बावजूद ईरानी जनता ने अपनी स्वतंत्रता, संप्रभुता और आत्मसम्मान से कोई समझौता नहीं किया। उन्होंने ईरान की सेना, चिकित्सकों, शिक्षकों और सुरक्षा बलों की सराहना की, जिन्होंने नागरिकों की रक्षा के लिए अपने जीवन को जोखिम में डाला। युद्ध से प्रभावित परिवारों — विशेषकर माताओं और युवाओं — के साहस का भी उन्होंने विशेष उल्लेख किया।

कूटनीति और प्रतिरोध का संतुलन

अराघची ने स्पष्ट किया कि तेहरान कूटनीति और बातचीत के लिए तत्पर है, परंतु अपनी स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाने से नहीं चूकेगा। उन्होंने दोहराया कि ईरान से जुड़े किसी भी विवाद का सैन्य समाधान संभव नहीं है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी विदेशी ताकत ने हमला किया, तो ईरानी सशस्त्र बल 'कड़ा और निर्णायक जवाब' देने के लिए तैयार हैं — यह कहते हुए कि ईरान की आम जनता युद्ध नहीं चाहती।

ब्रिक्स से तीन सूत्री अपील

अराघची ने ब्रिक्स सदस्य देशों से तीन ठोस कदम उठाने की अपील की: पहला — अमेरिका और इजरायल की ओर से अंतरराष्ट्रीय कानून के कथित उल्लंघनों की खुलकर निंदा; दूसरा — अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के राजनीतिक दुरुपयोग पर रोक; और तीसरा — संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन करने वालों को जवाबदेह ठहराने की दिशा में सामूहिक कार्रवाई। उन्होंने अमेरिका पर 'वर्चस्ववादी मानसिकता' अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि ईरान की लड़ाई केवल अपने लिए नहीं, बल्कि उन सभी देशों के लिए है जो पश्चिमी दबाव का विरोध करते हैं।

ब्रिक्स को 'नई वैश्विक व्यवस्था' का प्रतीक बताया

अपने संबोधन के अंत में अराघची ने ब्रिक्स मंच को 'नई वैश्विक व्यवस्था' का प्रतीक बताया, जिसमें ग्लोबल साउथ की भूमिका निरंतर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स को एक अधिक न्यायपूर्ण, संतुलित और मानवीय वैश्विक ढाँचे के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है और बहुपक्षीय मंचों की भूमिका पर वैश्विक बहस तेज हो रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ब्रिक्स विदेश मंत्री बैठक में ईरान ने क्या माँग रखी?
ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने ब्रिक्स सदस्य देशों से तीन माँगें रखीं: यूएन चार्टर उल्लंघनकर्ताओं की खुलकर निंदा, अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के राजनीतिक दुरुपयोग पर रोक, और उल्लंघनकर्ताओं को जवाबदेह ठहराना। उन्होंने अमेरिका और इजरायल को कथित उल्लंघनकर्ता बताया।
अराघची ने ईरान पर हमलों के बारे में क्या कहा?
अराघची ने दावा किया कि पिछले एक वर्ष में ईरान पर दो बार 'क्रूर और गैरकानूनी' आक्रमण हुए, जिन्हें झूठे आरोपों के आधार पर उचित ठहराया गया। उन्होंने कहा कि आईएईए और अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के आकलन इन आरोपों से भिन्न तस्वीर पेश करते हैं।
क्या ईरान युद्ध चाहता है?
अराघची ने स्पष्ट किया कि ईरान की आम जनता युद्ध नहीं चाहती और तेहरान कूटनीति के लिए तैयार है। हालाँकि, उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी विदेशी हमले का 'कड़ा और निर्णायक जवाब' दिया जाएगा।
अराघची ने ब्रिक्स को क्या बताया?
अराघची ने ब्रिक्स को 'नई वैश्विक व्यवस्था' का प्रतीक बताया जिसमें ग्लोबल साउथ की भूमिका बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स को एक अधिक न्यायपूर्ण, संतुलित और मानवीय वैश्विक ढाँचे के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए।
यह बैठक कब और कहाँ हुई?
ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की यह बैठक 14 मई 2025 को नई दिल्ली में आयोजित हुई, जिसमें ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने भाग लिया और ब्रिक्स मंच से अंतरराष्ट्रीय जवाबदेही पर जोर दिया।
राष्ट्र प्रेस
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