26 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ईरान के विदेश मंत्री अराघची की आईएईए से अपील — अमेरिकी प्रस्ताव को बताया राजनीति से प्रेरित

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ईरान के विदेश मंत्री अराघची की आईएईए से अपील — अमेरिकी प्रस्ताव को बताया राजनीति से प्रेरित

सारांश

ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने आईएईए बोर्ड सदस्यों को पत्र लिखकर अमेरिकी प्रस्ताव को राजनीति से प्रेरित बताया। जून 2025 में बोर्ड प्रस्ताव के 24 घंटे बाद हुए हमलों का हवाला देते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि बोर्ड के फैसले आईएईए की विश्वसनीयता और NPT के भविष्य को प्रभावित करेंगे।

मुख्य बातें

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने आईएईए बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्य देशों को पत्र लिखकर अमेरिकी प्रस्ताव को 'राजनीतिक मकसद से प्रेरित' बताया।
वियना में आईएईए की जून तिमाही बैठक जारी है; बुधवार को ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा निर्धारित है।
अराघची ने कहा कि जून 2025 में बोर्ड प्रस्ताव पारित होने के 24 घंटे के भीतर अमेरिका और इज़रायल ने ईरानी परमाणु सुविधाओं पर हमले किए, जिनमें कई नागरिकों की मौत हुई।
ईरानी विदेश मंत्री ने चेतावनी दी कि इन कार्रवाइयों से अंतरराष्ट्रीय कानून , परमाणु अप्रसार व्यवस्था और आईएईए की स्वतंत्रता खतरे में है।
अराघची के अनुसार, आईएईए के इतिहास में परमाणु वैज्ञानिकों और उनके परिवारों की हत्या जैसी घटनाएँ पहले कभी नहीं हुईं।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्य देशों को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वे इस संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था को एक बार फिर अमेरिका के राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल न होने दें। यह पत्र ऐसे समय भेजा गया है जब वियना में आईएईए बोर्ड की जून तिमाही बैठक जारी है और बुधवार को ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा निर्धारित है।

अमेरिकी प्रस्ताव पर ईरान की आपत्ति

इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, अराघची ने बोर्ड के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों को भेजे पत्र में अमेरिका की ओर से तैयार किए गए प्रस्ताव को 'राजनीतिक मकसद से प्रेरित और गलत नीयत वाला' करार दिया। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव हाल की घटनाओं के केवल नतीजों पर ध्यान केंद्रित करता है, जबकि मौजूदा स्थिति की मूल वजहों को जानबूझकर नज़रअंदाज़ करता है।

जून 2025 के हमलों का संदर्भ

अराघची ने जून 2025 में आईएईए बोर्ड द्वारा पारित एक प्रस्ताव का उल्लेख करते हुए कहा कि उसके पारित होने के 24 घंटे के भीतर ही अमेरिका और इज़रायल ने ईरान की आईएईए निगरानी में मौजूद परमाणु सुविधाओं पर हमले किए थे, जिनमें कई ईरानी नागरिकों की मौत हुई थी। उनके अनुसार, जून 2025 के बाद से इन दोनों देशों ने ईरानी परमाणु सुविधाओं पर बार-बार हमले किए हैं और ईरानी परमाणु वैज्ञानिकों तथा उनके परिवारों की हत्याएँ भी की गई हैं।

अराघची ने कहा कि आईएईए के इतिहास में ऐसी घटनाएँ पहले कभी नहीं हुई हैं।

अंतरराष्ट्रीय कानून और परमाणु अप्रसार पर असर

ईरानी विदेश मंत्री ने चेतावनी दी कि इन कार्रवाइयों का अंतरराष्ट्रीय कानून, वैश्विक शांति और सुरक्षा, परमाणु अप्रसार व्यवस्था और आईएईए की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ा है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या एजेंसी का फिर से इस्तेमाल ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम के विरुद्ध आक्रामक कार्रवाई को वैधता देने के लिए किया जा रहा है।

बोर्ड के फैसलों का व्यापक प्रभाव

अराघची ने स्पष्ट किया कि बोर्ड के सदस्य जो निर्णय लेंगे, उनका असर केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेगा — बल्कि इससे आईएईए की विश्वसनीयता, उसकी स्वतंत्रता और परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के भविष्य पर भी गहरा प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने बोर्ड के सदस्य देशों से अपील की कि वे संस्था को किसी भी 'गैरकानूनी कार्रवाई को सही ठहराने' के लिए इस्तेमाल न होने दें।

गौरतलब है कि यह पत्र ऐसे समय आया है जब ईरान और पश्चिमी देशों के बीच परमाणु वार्ता को लेकर तनाव चरम पर है और वियना में बैठक के परिणाम पर दुनिया भर की नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

या शक्तिशाली देशों के दबाव में उनकी भूमिका सिकुड़ जाती है। जून 2025 के हमलों का 24 घंटे वाला संदर्भ — यदि तथ्यात्मक रूप से सत्यापित हो — आईएईए के प्रस्तावों और सैन्य कार्रवाई के बीच के संबंध पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर ईरान के परमाणु अनुपालन पर केंद्रित रहती है, लेकिन यह पत्र उस ढाँचे को उलटता है — और बोर्ड के सदस्य देशों को संस्थागत विश्वसनीयता बनाम भू-राजनीतिक दबाव के बीच चुनाव करने पर मजबूर करता है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने आईएईए को पत्र क्यों लिखा?
अराघची ने आईएईए बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्य देशों से अपील की है कि वे अमेरिका की ओर से तैयार किए गए प्रस्ताव को पारित न करें, जिसे उन्होंने राजनीतिक मकसद से प्रेरित बताया। यह पत्र वियना में जून तिमाही बैठक से ठीक पहले भेजा गया, जहाँ बुधवार को ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा होनी है।
जून 2025 में ईरानी परमाणु सुविधाओं पर हमले कब और किसने किए?
अराघची के अनुसार, जून 2025 में आईएईए बोर्ड का प्रस्ताव पारित होने के 24 घंटे के भीतर अमेरिका और इज़रायल ने ईरान की आईएईए-निगरानी वाली परमाणु सुविधाओं पर हमले किए, जिनमें कई ईरानी नागरिकों की मौत हुई। ईरानी विदेश मंत्री का कहना है कि इसके बाद भी बार-बार हमले हुए और परमाणु वैज्ञानिकों तथा उनके परिवारों की हत्याएँ की गईं।
अमेरिका के प्रस्ताव पर ईरान की क्या आपत्ति है?
ईरान का कहना है कि अमेरिका का प्रस्ताव हाल की घटनाओं के केवल नतीजों पर ध्यान देता है और मौजूदा तनाव की असली वजहों — यानी अमेरिका और इज़रायल की सैन्य कार्रवाइयों — को जानबूझकर नज़रअंदाज़ करता है। अराघची ने इसे 'गलत नीयत वाला' बताया।
आईएईए बोर्ड के फैसले का क्या व्यापक असर हो सकता है?
अराघची ने चेतावनी दी है कि बोर्ड का निर्णय केवल ईरान को नहीं, बल्कि आईएईए की विश्वसनीयता, उसकी स्वतंत्रता और परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के भविष्य को भी प्रभावित करेगा। उनका कहना है कि एजेंसी को किसी भी गैरकानूनी कार्रवाई को वैधता देने का माध्यम नहीं बनने देना चाहिए।
वियना में आईएईए की मौजूदा बैठक में क्या एजेंडा है?
वियना में आईएईए बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की जून तिमाही बैठक चल रही है, जिसमें बुधवार को ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा निर्धारित है। बैठक से पहले अमेरिका ने ईरान के खिलाफ एक प्रस्ताव तैयार किया है, जिसका ईरान विरोध कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 दिन पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले